रातभर चली रस्साकशी, आज नीतीश लेंगे सीएम पद की शपथ, सुमो बनेंगे डिप्टी सीएम

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बुधवार, तारीख 26 जुलाई 2017, बिहार की राजनीति ने एक बार फिर अचानक तेज़ी से करवट बदली है। महागठबंधन की सरकार से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया और इस्तीफ़े के तुरंत बाद उन्हें बीजेपी का साथ मिल गया और अब वे महागठबंधन का साथ छोड़कर एनडीए के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं। नीतीश कुमार महागठबंधन छोड़कर एनडीए के साथ मिलकर सरकार बनाएंगे और आज एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वहीं, बिहार में एक बार उपमुख्यमंत्री रह चुके भाजपा नेता सुशील मोदी उप-मुख्यमंत्री बनेंगे। इससे पहले देर रात नीतीश ने बीजेपी विधायकों के साथ राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया तो वहीं लालू के पुत्र तेजस्वी यादव ने भी 100 विधायकों के साथ रात में राजभवन तक मार्च किया। राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने तेजस्वी यादव को सुबह 11 बजे मिलने का समय दिया, लेकिन बाद में नीतीश कुमार को सुबह 10 बजे ही शपथ के लिए बुलाकर मुख्यमंत्री नीतीश का रास्ता साफ कर दिया, जिससे नाराज हुए तेजस्वी ने राज्यपाल के फैसले के खिलाफ कोर्ट भी जाने की बात कही है। वहीं, आज बिहार के कई जगह पर राजद समर्थक नारेबाजी और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आज शपथग्रहण के बाद एनडीए सरकार को शुक्रवार को विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा। इस बीच आज बीजेपी विधायक दल की बैठक भी होनी है, जहां नीतीश को समर्थन और सरकार में शामिल होने की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके लिए बीजेपी ने पर्यवेक्षक के तौर पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और अनिल जैन को दिल्ली से पटना आ रहे हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी नीतीश कुमार के शपथग्रहण में शामिल होने की ख़बर है।
बहुमत का गणित
बिहार विधानसभा का वह आंकड़ा, जिससे बीजेपी-जेडीयू की सरकार आसानी से बन जाएगी। बिहार में जेडीयू के 71 विधायक हैं और बीजेपी के 53, ऐसे में दोनों पार्टियां मिलकर आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर लेती हैं। बिहार में बहुमत का आंकड़ा 122 है और दोनों पार्टियों के 124 विधायक हो रहे हैं.
नाराज तेजस्वी ने खोला मोर्चा
तेजस्वी यादव ने इस पूरे घटनाक्रम पर कहा कि मैंडेट के मुताबिक- सरकार बनाने का दावा पेश करने का जिम्मा हमारा था। राज्यपाल ने हमें 11 बजे मुलाकात का समय दिया था और थोड़ी देर बाद खबर आई कि सुबह 10 बजे शपथग्रहण होगा। एेसे में राज्यपाल को जनता के सामने माफी मांगनी चाहिए और राज्यपाल को अपनी भूमिका साफ करनी चाहिए।
तेजस्वी बहाना था, उन्हें बीजेपी के साथ जाना था
तेजस्वी ने कहा कि हम संविधान के तहत राज्यपाल से शपथग्रहण रोकने की मांग करते हैं। हम कोर्ट जाएंगे, हम हर तरह की क़ानूनी सलाह ले रहे हैं और जदयू में सामाजिक न्याय को माननेवाले लोग आज राजद-कांग्रेस के साथ हैं। अन्याय हो रहा है, लोकतंत्र की हत्या हो रही है। बिहार की जनता ने जो मैंडेट दिया था, उसके साथ धोखा हो रहा है। हम हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठेंगे। मुझे मोहरा बनाया गया, तेजस्वी बहाना था, उन्हें बीजेपी के साथ जाना था।
सुशील मोदी ने कहा-मध्यावधि चुनाव के पक्ष में नहीं भाजपा
भाजपा की बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने कहा कि हम राज्य में मध्यावधि चुनाव के पक्ष में नहीं हैं। हम चाहते हैं कि जो भी विधायक जीत कर आए हैं, वे पांच साल का कार्यकाल पूरा करें। दरअसल, तेजस्वी के खिलाफ लगे आरोपों को लेकर सत्तारूढ़ महागठबंधन के घटक दल जदयू और राजद के बीच काफी समय से गतिरोध चल रहा था, जिसका आज पटाक्षेप हो गया है।

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