शरद बोले -11 करोड़ लोगों के विश्वास पर आघात हुआ है, मैं अब भी गठबंधन के साथ खड़ा हूं

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पटना : दोपहर 12 बजे के बाद पटना पहुंचे शरद यादव ने कहा कि यह जो तीन दिनों का दौरा है, इसके बारे में मेरी कोई तैयारी नहीं है, मैंने एक दो जदयू के नेताओं से बात की है. उन्होंने कहा कि बिहार के 11 करोड़ लोगों के विश्वास पर आघात हुआ है. लोगों को चोट पहुंची है. उन्होंने कहा कि हम यहां किसी को कुछ नहीं कहेंगे. जिस जनता ने गठबंधन बनाया था, वह ईमान का गठबंधन था, वह करार टूटा है. हमको तकलीफ है. उन्होंने कहा कि मैंने बिहार में 40 साल दौरा किया है. चुनाव के दौरान डेढ़ महीने तक बिहार में रहकर महागठबंधन के साथियों के लिए प्रचार किया. बिहार में दो ऐसी पार्टिया जिनके घोषणा पत्र अलग-अलग थे. उन्होंने आमने-सामने लड़ाई की और वह बीच में ही मिल गये. यह लोकतंत्र में विश्वास का संकट है. संकट को जनता के बीच जाकर देखूंगा. मैं गठबंधन के साथ मैं खड़ा हूं. जनता के पास जा रहा हूं, ताकि गठबंधन बना रहे.

शरद यादव के साथ उनके समर्थक और कुछ नेता मौजूद रहे. बिहार सरकार में पूर्व मंत्री और जदयू नेता रमई राम शरद यादव के बिल्कुल पीछे खड़े रहे. जानकारी के मुताबिक मुजफ्फरपुर जदयू के जिलाध्यक्ष ने रमई राम पर कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को पत्र भी भेज दिया है.शरद यादव को राजद कार्यकर्ताओं का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है. पटना एयरपोर्ट पर शरद की आगवानी में सैकड़ों की संख्या में राजद कार्यकर्ता पहुंच गये. बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा राजद कार्यकर्ता ही एयरपोर्ट पर मौजूद थे. कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि, जो हिटलर की तरह राज करेगा, वह हिटलर की तरह मरेगा. इस दौरान जदयू के भी कुछ कार्यकर्ता मौजूद थे लेकिन बताया जा रहा है कि राजद के कार्यकर्ताओं की संख्या सबसे ज्यादा थी.

इसी क्रम में शरद यादव पटना से हाजीपुर पहुंच चुके हैं. शहर के रामाशीष चौक पर शरद यादव का कार्यक्रम है. यहां शरद यादव जनता को संबोधित करेंगे. जानकारी के मुताबिक यहां शरद की ओर से संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इस कार्यक्रम में शरद यादव भाग लेंगे. शरद यादव के साथ राजद विधायक रामानुज भी हैं.

12 : 06 PM- करीबी अरुण श्रीवास्तव का बयान, 14 राज्यों के अध्यक्ष शरद यादव के साथ

12 : 03 PM -शरद के समर्थक पहुंचे पटना एयरपोर्ट, शरद के समर्थन में शुरू की नारेबाजी

पटना : बिहार में जदयू और राजद का रिश्ता टूटने के बाद नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग हो गये. उसके ठीक बाद जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव महागठबंधन टूटने से नाराज हो गये और जदयू में अंदरखाने ही खींचतान मच गयी. उधर, शरद यादव के बिहार दौरे से पहले जदयू के नेताओं ने बयानबाजी शुरू कर दी है. जदयू नेता राजीव रंजन ने मीडिया को बताया कि पार्टी से बड़े नहीं हैं, शरद यादव. पार्टी लाइन का ख्याल रखें. गठबंधन टूटने के बाद रायशुमारी का कोई मतलब नहीं. वहीं दूसरी ओर जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा का शरद यादव का दिल लालू यादव से मिल गया है, शरद का रहना या जाना पार्टी की चिंता नहीं. वहीं राजनीतिक सूत्रों की मानें तो शरद यादव का निलंबन हो सकता है. शरद के करीबी अरुण श्रीवास्तव को पार्टी पहले ही हटा चुकी है. पार्टी शरद यादव को राज्यसभा के नेता पद से हटा सकती है, पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर उनकी सदस्यता जा सकती है. उनकी जगह किसी नये नेता का चुनाव हो सकता है.

शरद यादव बिहार में तीन दिवसीय यात्रा करने वाले हैं. जिसमें वह बिहार के लोगों से वर्तमान राजनीतिक हालात पर अपनी रायशुमारी करेंगे. इतना ही नहीं उन्होंने समान विचार वाले दलों और नेताओं की 17 अगस्त को दिल्ली में बैठक भी बुलायी है. शरद यादव तीन दिन में पटना, सोनपुर, मुजफ्फरपुर के अलावा दरभंगा और मधुबनी की यात्रा पर रहेंगे. इस दौरान वह मधुबनी, सुपौल, सहरसा और मधेपुरा की यात्रा भी करेंगे. वह जनता से महागठबंधन टूटने के मसले पर अपने विचार रखेंगे और जनता से इसके बारे में बातचीत करेंगे. शरद यादव ने गुजरात राज्यसभा चुनाव में पार्टी के एकमात्र विधायक द्वारा अहमद पटेल का समर्थन किये जाने का समर्थन भी किया है. महागठबंधन टूटने के बाद शरद ने नाखुशी जाहिर करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.

ज्ञात हो कि बुधवार को लालू यादव ने संवाददाता सम्मेलन में शरद के बारे में बोलते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शरद के खिलाफ साजिश रच रहे हैं कि गुरुवार को पटना एयरपोर्ट से बाहर निकलते वक्त कुछ लोगों द्वारा शरद यादव पर चप्पल, पानी के बोतल और झंडे फेंके जाएं, नीतीश कुमार खतरे से खेल रहे हैं. उन्होंने कहा था कि शरद यादव के नेतृत्व वाली जदयू और कांग्रेस के साथ हमारा गठबंधन जारी रहेगा. असली जनता दल और जदयू के कार्यकर्ता शरद यादव के साथ हैं. इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी मौजूद थीं. राजद सुप्रीमो ने कहा था कि नीतीश कुमार हताश और निराश हैं. वे प्रवक्ताओं द्वारा हमलोगों को गाली दिलाते हैं. मैं उन प्रवक्ताओं के बारे में कुछ नहीं कहना चाहता. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किस केस की बात करते हैं. उन पर तो 302 का केस दर्ज है. दिल्ली हाइकोर्ट ने उन पर जुर्माना लगाया है उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देनी चाहिए. राजनैतिक लालच भ्रष्टाचार से भी ज्यादा खतरनाक है.

नीतीश कुमार ने सत्ता के लिए चार बार पलटी मारी. उन्होंने गांधी मैदान में गांधी जी की मूर्ति के सामने देश को संघ मुक्त करने की कसम खाई थी और अब वे खुद पलटी मारकर भाजपा की गोद में चले गये. नीतीश कुमार की पार्टी सरकारी पार्टी है वह आरएसएस व भाजपा की बी टीम है. लालू ने कहा कि नीतीश कुमार पलटूराम हैं और उन्होंने अब सरकारी पार्टी ज्वाइन कर लिया है जो धोखाधड़ी की राजनीति करती है.

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