लालू ने ट्वीट कर पीएम मोदी पर कसा तंज

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राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में जदयू को शामिल नहीं करने और मंत्रियों के विभाग बदलने पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि नीतीश का तो आगे और बुरा समय आने वाला है। उन्होंने महागठबंधन तोड़कर एनडीए का साथ दिया है, पर स्थिति यह हो गई है कि नीतीश को कैबिनेट विस्तार की जानकारी तक नहीं दी गई। शपथ का न्योता तक नहीं आया।
खूंटा बदलने से क्या भैंस ज्यादा दूध देगी : मंत्रिमंडल विस्तार पर लालू ने कहा- खूंटा बदलने से क्या भैंस ज्यादा दूध देगी? उन्होंने जीतनराम मांझी को मंत्रिमंडल में जगह नहीं देने तथा उपेंद्र कुशवाहा को प्रमोशन नहीं देने पर भी तंज कसा। हालांकि, आरा के सांसद राजकुमार सिंह को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की तारीफ की। कहा- वे काबिल हैं, उन्हें तो कैबिनेट मंत्री बनाया जाना चाहिए था। पीएम मोदी की कैबिनेट में हुए फेरबदल में जदयू के किसी नेता को मंत्री न बनाए जाने पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कई ट्वीट किए और तंज कसते हुए लिखा कि खूंटा बदलने से क्या भैंस ज्यादा दूध देगी? इस ट्वीट के पोस्ट करते ही ट्विटर पर लालू ट्रोल हो गए और लोगों ने उनका जमकर मजाक बनाया। इसको चारा घोटाले से जोड़कर लोगों ने जमकर अपनी प्रतिक्रिया दी। लालू ने कहा कि जदयू के लोग कुर्ता-पाजामा व बंडी पहन उछल-उछल कर घूम रहे थे, पर बुलावा ही नहीं आया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का तो चैप्टर ही क्लोज हो गया है। उनका चाल-चलन भाजपा वाले अच्छे से जानते हैं, समय मिला है तो बदला ले रहे हैं। लालू ने कहा कि झुंड से भटकने के बाद बंदर को कोई नहीं पूछता। लालू के इस ट्वीट पर भी लोगों ने उन्हें ट्विटर पर ट्रोल किया और जमकर प्रतिक्रिया दी। लोगों ने इस ट्वीट पर लालू के बेटों तेजस्वी और तेजप्रताप यादव को भी लपेटे में ले लिया। लालू ने एक और ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि नीतीश दो नाव की सवारी कर रहे हैं। वे अपनी ही चालाकी में फंस गए। जदयू बुलावा की बात करती है, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी ने पूछा तक नहीं। एक समय नीतीश कुमार ने नरेंद्र मोदी का पत्तल खींचा था। इसका बदला मोदी ने बाढ़ के समय नीतीश के पत्तल पर लात मारकर लिया। इस बयान पर भी संजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि लालू प्रसाद चार नाव की सवारी करते हैं। कभी मुलायम सिंह यादव तो कभी ममता बनर्जी, मायावती, राहुल गांधी की नाव पर सवार होते रहते हैं। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि ये सभी अपने नाव में लालू प्रसाद को बैठाना नहीं चाहते। सब जानते हैं कि लालू जिस नाव में बैठते हैं, उसी में छेद करते हैं। लालू की राजनीति कभी गाय, भैंस, चारा, खूंटा से ऊपर नहीं उठ पाई है। चारा घोटाले के अभियुक्त लालू प्रसाद स्कूटर पर बैठाकर भैंस को ढोया करते थे। अब अपना खूंटा कभी रांची में बांधते हैं तो कभी पटना में। सिंह ने कहा कि इंडियन स्टैंडर्ड कोड में बाढ़ इलाकों के बारे में रैट होल के बारे में साफ-साफ निर्देश दिया है।

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