अब ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की एक लेन 26 जनवरी तक खुलेगी

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प्रमुख संवाददाता, ग्रेटर नोएडा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर बल्लभगढ़ से ग्रेटर नोएडा के लिए आने वाली लेन को 26 जनवरी तक खोलने का दावा किया जा रहा है। इससे पहले इस एक्सप्रेसवे की दोनों लेन को 25 दिसंबर तक खोला जाना था। साइट पर काफी काम बचे होने और कई स्थानों पर पुल का निर्माण नहीं हो पाने की स्थिति में इसकी तारीख बढ़ा दी गई, वो भी एक लेन खोलने की बात ही की जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यमुना एक्सप्रेसवे पर पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी देने के लिए सहमति बन गई है। इसके लिए एनएचएआई को 171 करोड़ रुपये का पेमेंट किया जाएगा। उधर, इस प्रॉजेक्ट से संबंधित मुआवजे का विवाद भी नहीं थमा है और काम की वर्तमान स्थिति को देखते हुए लग रहा है कि इस एक लेने को भी मार्च-अप्रैल से पहले नहीं खोला जा सकता है।जनवरी में भी प्रॉजेक्ट चालू होने में संदेह हाइवे सेक्रेटरी वाई.एस. मलिक ने दावा किया था कि 25 दिसंबर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को ओपन कर दिया जाएगा। साथ ही इस पर ऐसा सिस्टम लगाया जाएगा, जिसमें वाहन चालकों को उतना ही टोल देना होगा, जितना वह सफर करेंगे। इसके लिए एंट्री पॉइंट पर ही गाड़ी निगरानी में आ जाएगी। हालांकि, अभी इस प्रॉजेक्ट पर काफी काम बाकी है। इस प्रॉजेक्ट के तहत यमुना एक्सप्रेसवे के ऊपर बनने वाला पुल तैयार नहीं हो सका है। साथ ही जीटी रोड और सिरसा के पास भी अभी फ्लाईओवर और रैंप नहीं बन सके हैं। यमुना नदी पर एक तरफ का पुल बन चुका है, जबकि दूसरी साइड पर काम चल रहा है। ऐसे में इसकी डेडलाइन 26 जनवरी तक बढ़ा दी गई। जब एनबीटी की टीम ने इस दावे का निरीक्षण किया तो इस डेट पर भी इसका काम पूरा होने में संदेह है। कुछ अधिकारियों ने भी दबी जुबान में कहा कि मार्च-अप्रैल से पहले इसका चालू होना मुमकिन नहीं लग रहा है।विवाद काफी हद तक निपटने का दावा इस मसले पर एसडीएम सदर अंजनी कुमार ने बताया कि किसानों से चले रहे मुआवजा संबंधित विवाद काफी हद तक निपट गए हैं। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। बेलाकलां गांव की जमीन के विवाद को लेकर उन्होंने बताया कि दीक्षित अवॉर्ड के तहत जमीन का निर्धारण होने के बाद ही तय हो सकेगा कि जमीन का मालिक कौन है। अभी यह पता नहीं चल सका है कि जमीन का मालिक कौन है। ऐसे में संबंधित जमीन का मुआवजा कोर्ट में जमा करा दिया गया है। सीमा निर्धारण के लिए यमुना नदी के किनारे पिलर गाड़ने के बाद स्थिति साफ हो सकेगी। उन्होंने बताया कि एनएचएआई के अफसरों की तैयारी है कि 26 जनवरी तक इसकी एक लेन चालू कर दी जाए। दूसरी लेन पर बाद में काम होता रहेगा।यह है प्रॉजेक्ट 135 किमी लंबे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास 6 नवंबर, 2015 को सोनीपत में हुआ था। इस पर 18 मई, 2016 से ग्रेटर नोएडा एरिया में काम शुरू हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 तक इसे पूरा करने के लिए कहा था। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 15 अगस्त तक ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे चालू होने की घोषणा की थी, लेकिन यह डेडलाइन मिस हो चुकी है। शुरुआत में इस पर 2008 में काम चालू कर वर्ष 2010 तक पूरा करने का टारगेट था। उस समय इसकी अनुमानित लागत 2675 करोड़ रुपये थी जो अब बढ़कर 7558 करोड़ रुपये हो चुकी है।

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