ऑनलाइन टिकट पर कोहरे का कहर, यात्रियों की कट रही जेब

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टीएन मिश्र, लखनऊ
उत्तर भारत में पड़ रहे कोहरे की वजह से ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। कोहरे की वजह से ट्रेन कैंसल + होने से उनकी यात्रा बाधित हो रही है। दूसरी ओर एजेंट से ऑनलाइन टिकट लेने वाले यात्रियों की जेब कट रही है। दरअसल ट्रेन कैंसल होने पर एजेंट यात्रियों को पैसा वापस नहीं करते हैं, जबकि आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर टीडीआर फाइल करके रिटर्न ले लेते हैं। रेलवे ने कोहरे की वजह से दर्जनों मेल व एक्सप्रेस ट्रेनें कैंसल कर दीं। इससे उन ट्रेनों में रिजर्वेशन कराने वाले पैसेंजर्स को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी समस्या ई-टिकट + लेने वाले यात्रियों की है। जिन लोगों ने अपनी पर्सनल आईडी से टिकट बनाया है उन्हें तो टिकट का पैसा अपने खाते में मिल जाता है, लेकिन जिन लोगों ने एजेंट के जरिए टिकट बनवाया है उन्हें रिफंड मिलना मुश्किल हो गया है। गुरुवार को कुम्भ एक्सप्रेस के लखनऊ में रद हो जाने के बाद यात्रियों ने इसका खुलासा किया। ज्यादातर यात्रियों ने हरिद्वार तक का ई-टिकट था। इनमें से हरिद्वार के रहने वाले करीब दो दर्जन यात्रियों ने हावड़ा में लोकल ट्रैवल एजेंट्स के जरिए ई-टिकट बनवाया था। अब उन्हें किसी तरह का रिफंड + नहीं मिल पाया। पर्सनल आईडी से बना है टिकट तो रहे टेंशन फ्री आईआरसीटीसी की वेबसाइट से जिस आईडी व पेमेंट से टिकट बनता है उसका रिफंड भी उसी सिस्टम के जरिए होता है। अगर आपने अपनी आईडी से टिकट बनवाया है तो रिफंड की कोई चिंता नहीं है। टीडीआर फाइल करने पर आपके अकाउंट में पैसा आ जाएगा। लेकिन एजेंट से टिकट बनवाने वालों को यह सुविधा नहीं मिलती है। ट्रेन रद होने या फिर रास्ते टर्मिनेट होने पर किराए की रकम एजेंट के खाते में चली जाती है।
दूसरी ट्रेन में मिल सकती है सफर की सुविधा अगर आपके पास रेलवे के आरक्षण केन्द्र से बना टिकट है और वह ट्रेन रद या टर्मिनेट हो गई है, तो यात्री डिप्टी एसएस (कमर्शल) से मिलकर उस रूट पर जाने वाली दूसरी ट्रेन में सफर करने की अनुमति ले सकता है। हालांकि ई-टिकट लेने वलो यात्रियों को यह सुविधा नहीं दी जाती है। ट्रैवल एजेंट बनाते हैं 15 प्रतिशत टिकट ट्रेनों के रिजर्वेशन में अब आईआरसीटीसी की भागीदारी करीब 60 प्रतिशत है। इसमें 45 प्रतिशत लोग पर्सनल आईडी से टिकट बनाने लगे हैं, जबकि 15 से 18 प्रतिशत यात्री ट्रैवल एजेंट्स + से टिकट बनवाते हैं। इसमें उन्हें पहले तो टिकट बनवाने के लिए एजेंट्स को मनमाना शुल्क अदा करना पड़ता है। अगर ट्रेन रद हो जाए तो किराया भी नहीं मिलता। TDR भरने की जरूरत नहीं आईआरसीटीसी + के प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि अगर कोहरे की वजह से ट्रेन रद है तो उसके लिए टीडीआर फाइल करने की जरूरत नहीं है। अगर ट्रेन आधे रास्ते में टर्मिनेट होती है तो यात्रियों को टीडीआर फाइल करने पर ही रिफंड मिलेगा। यह रकम जिस आईडी से टिकट बना होगा उसके खाते में ही ट्रांसफर होगी।

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