हमें प्रदर्शन में निरंतरता पर मेहनत करनी होगी: हॉकी कोच

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हमें प्रदर्शन में निरंतरता पर मेहनत करनी होगी: हॉकी कोच
भुवनेश्वर
हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के कोच शोर्ड मारिन का मानना है कि उनकी टीम को लगातार अच्छा प्रदर्शन करने पर मेहनत करनी होगी। इस टूर्नामेंट के जरिए उन्हें इल्म हो गया है कि किन पहलुओं पर काम करना है। लीग चरण में एक भी मैच नहीं जीत सकी भारतीय टीम ने क्वॉर्टर फाइनल में सबसे मजबूत बेल्जियम की टीम को सडन डैथ में हराया, लेकिन सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से एक गोल से हार गई। इसके बाद कांस्य पदक के मुकाबले में 11 खिलाड़ियों के साथ उतरी जर्मनी को हराया।

मारिन ने कहा, ‘इस टीम के साथ मैं एशिया कप में था, लेकिन बडे़ स्तर पर यह मेरा पहला टूर्नमेंट था। मैं प्रदर्शन से खुश हूं लेकिन हमें निरंतरता पर काम करना होगा। अब मुझे पता चल गया है कि हम कहां ठहरते हैं। मुझे टीम की ताकत और कमजोरियों का बखूबी इल्म हो गया है और आगे की रणनीति बनाई जाएगी।’ मारिन के साथ खेले दोनों टूर्नमेंटों में भारत ने पदक जीता, इसका श्रेय हालांकि वह खुद नहीं लेना चाहते।

उन्होंने कहा, ‘यह मेरी बात नहीं है बल्कि श्रेय खिलाड़ियों को जाता है। हमारा तालमेल अच्छा है। एक कोच के तौर पर भी मुझे हर बार मानदंड बेहतर करना है। बतौर कोच दो टूर्नमेंटों में 2 पदक अच्छी बात है, लेकिन यह शुरुआत भर है।’ उम्र के औसत के आधार पर टूर्नमेंट की सबसे युवा टीम रही भारतीय टीम की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा टीम के बारे में बात करता हूं, खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन के बारे में नहीं। टीम में सात जूनियर खिलाड़ी हैं, जिन्होंने शीर्ष टीमों के खिलाफ खेला। उन्होंने कांस्य पदक जीता और इस पर सभी को गर्व होना चाहिए।’

उन्होंने कहा, ‘हम दुनिया की किसी भी टीम के खिलाफ अच्छा खेल सकते हैं और खिलाड़ियों को भरोसा है कि वे किसी भी टीम को हरा सकते हैं। यह कड़ा कदम है। भारत में हॉकी को लेकर उत्साह के मुरीद डच कोच ने मजाकिया लहजे में कहा, ‘यहां लोग काफी मुफ्त की सलाह देते हैं। सोशल मीडिया पर, हर जगह और हाकी पर इतनी तवज्जो देखकर अच्छा लगता है। नीदरलैंड में ऐसा नहीं है।

पेनल्टी कॉर्नर तब्दीली के खराब अनुपात पर ड्रैग फ्लिकरों रुपिंदर पाल सिंह और हरमनप्रीत सिंह का बचाव करते हुए कोच ने कहा, ये दोनों काफी मेहनत कर रहे हैं। रुपिंदर 8 महीने बाद टीम में लौटे हैं, जबकि हरमनप्रीत ने कांस्य पदक के मैच में भारी दबाव के बीच पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया। बेल्जियम जैसी टीम के खिलाफ 4 पेनल्टी कॉर्नर में से 2 पर गोल करना बड़ी बात है।

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