उधर रांची कोर्ट में सजा पर फैसला, इधर पटना में भी प्रोडक्शन वारंट जारी

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उधर आज रांची के सीबीआइ की विशेष कोर्ट चारा घोटाला मामले में लालू यादव को सजा सुनाएगी तो वहीं इसी मामले में पटना की सीबीआइ की अदालत में आज प्रोडक्शन वारंट जारी कर सकती है।
पटना । राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला के एक मामले में आज रांची की सीबीआइ अदालत सजा की अवधि पर फैसला सुनाने वाली है।
उधर, चारा घोटाला के ही एक अन्य मामले में पटना में सीबीआइ की विशेष अदालत ने मंगलवार को लालू प्रसाद, डॉ. आरके राणा, जगदीश शर्मा सहित अनेक के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी करने का आदेश दिया। कोर्ट प्रतिदिन इस मामले की सुनवाई कर रहा है। अभी तक सीबीआइ की ओर से 75 गवाह अपनी गवाही दे चुके हैं।इस मामले के आरोपित रांची की विशेष अदालत से दोषी करार दिए जाने के बाद रांची की बिरसा मुंडा केन्द्रीय जेल में हैं। उनके वकील की ओर से मंगलवार को सीबीआइ अदालत में कहा गया कि वे जेल में हैं।सीबीआइ की ओर से उपस्थित कराये गये गवाह की गवाही संभव नहीं है और ना ही आरोपियों से सलाह लिए बगैर गवाह से जिरह करना संभव है। इसलिये आरोपियों की पेशी के लिये प्रोडक्शन वारंट जारी किया जाए।वहीं विधि विशेषज्ञों के अनुसार देवघर कोषागार से जुड़े पशुपालन घोटाला मामले में रांची की सीबीआइ की विशेष अदालत से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को एक वर्ष से लेकर सात वर्ष की सश्रम कारावास की सजा हो सकती है।विशेष अदालत ने पाया है कि लालू प्रसाद भी पशुपालन घोटाले में षडयंत्रकारी की भूमिका में थे। वे घोटाले से पूरी तरह वाफिक थे। कोर्ट ने उन्हें भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम में दोषी ठहराया है जिसमें अधिकतम सात वर्ष की सजा का प्रावधान है।
इधर लालू प्रसाद के मुकदमे को पटना में देख रहे अधिवक्ता सुधीर कुमार सिन्हा का कहना है कि चूंकि एक केस में इन्हें पांच वर्ष की सजा हो चुकी है व देवघर कोषागार का मामला उन्हीं जांच पर आधारित है इसलिये उन्हें तीन वर्ष तक की सजा हो सकती है। सिन्हा ने बताया कि लालू प्रसाद ने किसी कागजात में हेरफेर किया हो, ऐसा साक्ष्य कोर्ट ने नहीं पाया।

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