अरुणाचल में चीन: चीनी मजदूरों को तूतिंग क्षेत्र से भारतीय सेना ने खदेड़ा था

0
541

सीमा पर चीन घुसपैठ करने की अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पिछले हफ्ते चीनी सड़क निर्माण दल के कर्मी अरुणाचल प्रदेश के तूतिंग क्षेत्र में एक किलोमीटर तक घुस आए थे। भारतीय सैनिकों के विरोध करने पर उन्हें वापस लौटना पड़ा। सरकारी सूत्रों ने बताया कि असैन्य दल सड़क निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के लिए आए थे, लेकिन भारतीय सैनिकों के विरोध करने पर खुदाई करने वाले कई उपकरण वहीं छोड़कर लौट गए। अरुणाचल प्रदेश के स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक चीनी दल में सैनिकों के साथ असैन्य लोग भी थे। यह घटना 28 दिसंबर की है।
सड़क बना रहे थे मजदूर
करीब चार महीने पहले सिक्किम सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच डोका ला गतिरोध खत्म हुआ था। सूत्रों ने बताया कि 28 दिसंबर को तूतिंग क्षेत्र में भारतीय सीमा प्रहरियों ने भारतीय क्षेत्र में एक किलोमीटर अंदर कुछ चीनियों को सड़क बनाने से जुड़ा काम करते देखा। दोनों पक्षों के बीच कोई टकराव नहीं हुआ और इस मुद्दे को स्थापित प्रणाली के माध्यम से सुलझाया जा रहा है। अरुणाचल प्रदेश में स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार तूतिंग उपसंभाग में बिसिंग गांव के समीप चीनी सैनिक सड़क निर्माण काम में लगे थे और इस पर भारतीय जवानों ने उन्हें रोका।
आईटीबीपी से नहीं मानने पर सेना पहुंची
सीमा के समीप के जीडो गांव के न्योमिन और गेलिंग गांव के पेमा न्यिसिर ने कहा कि खुदाई करने वाली दो मशीनें जब्त कर ली गईं। गेलिंग में सियांग नदी के दाएं तट से सड़क निर्माण की गतिविधियां नजर आती हैं। उस जगह से गेलिंग की हवाई दूरी करीब सात आठ किलोमीटर है। भारतीय और चीनी सैनिकों ने काटी गई मिट्टी के पास शिविर लगाए और पत्थरों से एक दीवार खड़ी कर दी। चीन की गतिविधियों के बारे में ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, जिसने आईटीबीपी को इसकी खबर दी। दोनों पक्षों में कहासुनी हुई लेकिन चीनियों ने मानने से इनकार कर दिया। तब भारतीय सेना को वहां भेजा गया, जो अब तक वहां बनी हुई है।
अरुणाचल प्रदेश का वजूद कभी नहीं माना
उधर, चीन ने बुधवार को कहा कि उसने अरुणाचल प्रदेश के वजूद को कभी नहीं कबूल किया। हालांकि उसने मीडिया में आई इस खबर पर चुप्पी साध ली कि उसके सैनिक सीमा से सटे इस भारतीय राज्य में घुसे थे। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि अरुणाचल के ऊपरी सियांग जिले के एक गांव के पास चीनी सैनिक भारतीय सीमा में करीब 200 मीटर तक घुस आए थे। इस पर चीन के विदेश मंत्रलय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, पहली बात तो यह कि सीमा मुद्दे पर हमारी स्थिति स्पष्ट और एक जैसी रही है। हमने अरुणाचल प्रदेश के वजूद को कभी नहीं माना। हालांकि जिस विशेष स्थिति का जिक्र किया गया, मैं उससे वाकिफ नहीं हूं। चीन का दावा है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिण तिब्बत का हिस्सा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.