इन 17 जिलों की वजह से बदनाम हुआ बिहार, एेसे निपटेगी पुलिस

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बिहार के सत्रह जिलों के बढ़ते ग्राफ ने बिहार की छवि को खराब किया है। उन जिलों में आपराधिक घटनाओं के 60 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए हैंं।
पटना । राज्य की विधि-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में सूबे के कुल 17 ऐसे जिलों की पहचान की गई है, जहां राज्य में होने वाली आपराधिक घटनाओं के 60 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए हैं। अब इन 17 जिलों के एसपी को सीआइडी के अधिकारी अपराध नियंत्रण के गुर सिखाएंगे।राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) एसके सिंघल ने बताया कि समीक्षा के दौरान जिन जिलों को चिन्हित किया गया है, उनमें नालंदा, भागलपुर, रोहतास, बेगूसराय, शेखपुरा, नवादा, कैमूर, गोपालगंज, सहरसा, पूर्णिया, अरवल, वैशाली, बेतिया, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, कटिहार और बक्सर शामिल हैं।सिंघल ने बताया कि वर्ष 2017 में राज्यभर से कुल दो लाख, 35 हजार, 875 संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए हैं। इनमें 60 प्रतिशत अपराध उपरोक्त जिलों में घटित हुए हैं। समीक्षा के दौरान तय किया गया कि इन जिलों के पुलिस अधीक्षकों को राज्य पुलिस मुख्यालय तलब कर अपराध नियंत्रण का गुर सिखाया जाएगा।
सिंघल ने बताया कि आपराधिक आंकड़ों के अध्ययन से यह भी स्पष्ट होता है कि पिछले वर्ष इन 17 जिलों में अपराध के ग्राफ में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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