चारा घोटालाः संगीनों के साये में सुनवाई, कोर्ट परिसर में गहमागहमी

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चारा घोटाले में लालू, डॉ आर के राणा, फूलचंद, राजा राम व महेश प्रसाद के खिलाफ सजा के बिंदु पर सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई।
रांची, । चारा घोटाले में आज रांची में सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, डॉ आर के राणा, फूलचंद सिंह, राजा राम जोशी और महेश प्रसाद के खिलाफ सजा के बिंदु पर सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। आज कुल 11 दोषियों में पांच के खिलाफ सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई, अन्य अभियुक्तों के सजा के बंदु पर सुनवाई शनिवार को अपरान्ह दो बजे से होगी।
सुनवाई के दौरान लालू सहित अन्य पांचों आरोपियों को जेल के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कनेक्ट कर पेश किया गया था। अदालत ने सजा सुनाने पर कहा कि सभी अभियुक्तों के सजा पर सुनवाई होने के बाद एक साथ सजा सुनाई जाएगी। अभियुक्तों के अधिवक्ताओं ने कम से कम सजा देने की मांग की। वहीं, सीबीआइ के वरीय विशेष लोक अभियोजक ने अधिक सजा देने की मांग की। लालू के वकील चित्तरंजन सिन्हा के मुताबिक, शनिवार को अपरान्ह दो बजे लालू सहित पांच दोषियों की सजा का एलान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगा।
सुनवाई को लेकर कोर्ट परिसर में भीड़ के मद्देनजर सुबह से ही पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। राजद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गौतम सागर राणा, वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद समेत सैकड़ों समर्थक कोर्ट पहुंचे हैं। कोर्ट परिसर में गहमागमी है। वीडिओ कांफ्रेसिंग रूम के सामने भीड़ लगी रही।सभी को भीतर जाने से रोका गया है। वीडियो कांफ्रेसिंग ई कोर्ट रूम के बाहर पुलिसकर्मी तैनात रहे। संगीनों के साये में लालू प्रसाद की सजा पर सुनवाई हुई। वकील को भी जाने से रोका गया। भोला यादव भी कोर्ट परिसर पहुंचे।
सीबीआइ के वरीय विशेष लोक अभियोजक राकेश प्रसाद लालू प्रसाद के अधिवक्ता चितरंजन सिन्हा और प्रभात कुमार को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कोर्ट रूम में बुलाया गया था। लालू प्रसाद और डॉ आर के राणा की ओर से लिखित आवेदन देकर उनके अधिवक्ता ने कम से कम सजा देने की मांग की है।
जानें, किसने-क्या कहा
इस बीच, राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश ने कहा कि एपी दुरई ने लालू को निर्दोष मान लिया है।
पूर्व सीबीआइ डायरेक्टर टीआर लाल ने अपनी किताब में कहा है कि राजनैतिक आकाओं के इशारे पर सीबीआइ किसी को फंसाती या छोड़ती है।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र ने भी अपने बयान में लालू को फंसाने की बात कही है।
तीन साल तक की सजा होती है तो यहीं से जमानत की अपील करेंगे, नहीं तो ऊपरी अदालत जाएंगे।
लालू ने की कम से कम सजा देने की मांग
इससे पहले अाज लालू को चारा घोटाले में कम से कम सजा दिलाने की मांग उनके पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता चितरंजन सिन्हा ने अदालत से की है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में इसके लिए उन्होंने लालू के स्वास्थ्य संबंधित एक लिखित आवेदन कोर्ट को सौंपा। आवेदन में उन्होंने कहा है कि लालू का हृदय वाल्ब बदला गया है। 2014 में मुंबई में इसके लिए ऑपरेशन हुआ था। उनकी उम्र भी 70 के पार है। उच्च रक्तचाप, शुगर बढ़ा हुआ है। मेडिकल पर हैं। प्रतिदिन उनका दवा चलता है।
सप्ताह में जांच होती है। स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम करना पड़ता है। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि लालू प्रसाद के खिलाफ कोई सीधा आरोप नहीं है। वह पिछले 21 वर्षों से मुकदमा लड़ रहे हैं। करीब 1 साल जेल में भी रह चुके हैं, इन चीजों को देखते हुए उन्हें कम से कम सजा दी जाए। यह आवेदन उन्होंने दो दिन पूर्व दिया था, अदालत को जानकारी दी। मीडिया में भी आज बताया।
डंटाधारी पुलिस दल सहित अन्य पुलिसकर्मी कोर्ट परिसर से लेकर कोर्ट के बरामदा और सिविल कोर्ट के दो प्रवेश द्वार पर तैनात हैं। अभी से ही पुलिसकर्मी चौकस हैं। कोर्ट परिसर में आने वालों पर नजर रख रहे हैं। कोर्ट परिसर में आने वाले लोगों से उनके आने का कारण भी पूछ रहे हैं, ताकि बिना काम का कोई व्यक्ति कोर्ट परिसर में अनावश्यक रुप से ना आ सके।
घंटों इंतजार करते रहे समर्थक, 1:15 बजे जेल से बाहर आए लालू
चारा घोटाला मामले की सुनवाई के लिए गुरुवार को फिर लालू यादव को पेशी के लिए कोर्ट ले जाया जाना था। सुबह से ही जेल गेट पर बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती कर दी गई थी। इससे जेल गेट पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। इस बीच, बड़ी संख्या में लालू समर्थक भी जेल गेट पर जुटे थे। लोग लालू के निकलने का इंतजार कर रहे थे। घंटों इंतजार के बाद दोपहर 1:15 बजे लालू जेल से निकले। वे सूमो गाड़ी में अगली सीट पर बैठे थे।
समर्थकों की भीड़ का अभिवादन स्वीकारते हुए हाथ हिलाते हुए वह आगे बढ़े। जब तक लालू की कार एक किलोमीटर दूर नहीं चली गई, लालू समर्थक दौड़ते रहे। लालू को पांच एस्कॉट वाहन सुरक्षा घेरे में कोर्ट ले गए। इससे पहले जेल गेट पर कई बार कार्यकर्ताओं ने जेल गेट से आधा किलोमीटर दूर लगी बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने किसी को भी जाने की अनुमति नहीं दी। एक बार लालू समर्थकों से तीखी नोंक-झोंक भी हुई। हालांकि, वहां मौजूद डीएसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों ने सभी को समझा, बुझाकर वापस भेजा।
पहले दिन फजीहत हुई, तो बढ़ा दी सुरक्षा :
बुधवार को बिना पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के लालू को जेल से कोर्ट ले जाए जाने पर हुई फजीहत के बाद प्रशासन ने लालू के लिए सुरक्षा बढ़ा दी थी। जेल गेट पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई थी। साथ ही लालू को ले जाए जाने वाले निर्धारित रूट के सभी चौक-चौराहों पर जिला बल के पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। उनकी सुरक्षा में सिल्ली डीएसपी सतीश चंद्र झा, सदर इंस्पेक्टर दयानंद कुमार सहित कई इंस्पेक्टर और दारोगा स्तर के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी।
लालू की सुरक्षा के लिए डटे हैं कार्यकर्ता : भोला यादव
विधायक भोला यादव ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बिना सुरक्षा व्यवस्था के कोर्ट भेजने से पूरे कार्यकर्ता डरे हुए हैं। उनकी जान को खतरा न हो, इस वजह से खुद एस्कॉट देने के लिए नेता-कार्यकर्ता जुटे हैं। ताकि उन्हें खुद सुरक्षा दे सकें। जिस व्यक्ति को जेड प्लस सुरक्षा दी जा चुकी हो, ऐसे व्यक्ति को केवल चार पुलिसकर्मियों के साथ भेजा जाना, बड़ी साजिश की ओर इशारा करती है।
बीजेपी को लालू का डर, शीघ्र कर देंगे सफाया :
राजद की प्रवक्ता एज्जया यादव ने कहा, बीजेपी सरकार को लालू का डर है। इस वजह से उन्हें साजिश के तहत जेल में रखा गया है। उन्हें यातनाएं दी जा रही हैं। लेकिन पार्टी इन यातनाओं से नहीं डरती। बिहार के प्रदेश महासचिव अशोक कुमार राय ने कहा कि 22 दलों को संगठित कर महागठबंधन करेंगे। इसके बाद पूरे देश से भाजपा की सरकार को उखाड़ फेकेंगे। फिलहाल तेजस्वी लालू की भूमिका में हैं। वे युवा चेहरा हैं, युवाओं को संगठित करने में जुटे हैं। लालू से मिलने पहुंचने वालों में मढ़ौरा विधायक जितेंद्र कुमार राय, एमएलसी रणविजय सिंह, पूर्व मंत्री मुनेश्र्वर सिंह, अनिल सिंह आजाद, आरा विधायक नवाज अली, राम विशुन सिंह उर्फ लोहिया, दिलीप राय, रंजन कुमार, मनी भूषण श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

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