एनएमसीएच ओटी में लगी आग, गायनी में कोहराम

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सूबे के दूसरे बड़े नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बेहद खतरनाक विद्युत आपूर्ति से आग लग गई।
पटना सिटी। सूबे के दूसरे बड़े नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बेहद खतरनाक विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की अनदेखी सोमवार की रात एक बार फिर जानलेवा होते-होते बची। इस बार यहां के जेनरल ओटी के खुले बिजली पैनल में शाम सात बजे अचानक आग लगने से स्त्री एवं प्रसूति विभाग में कोहराम मच गया। आग लगने की जगह के ठीक ऊपर गायनी के ओटी में ऑपरेशन चल रहा था। बेड पर लेटी गौरीचक की 20 वर्षीया बबिता देवी और नवजात को आनन-फानन में वहां से हटाकर नीचे के आइसीयू में ले जाया गया।
आधे घंटे तक मचा रहा कोहराम
अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों ने फायर फाइ¨टग सिस्टम का इस्तेमाल आग बुझाने के लिए किया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे तीन दमकल ने भी आग बुझाने में मदद की। करीब आधे घंटे तक कोहराम मचा रहा। आग तो बुझ गई, लेकिन उठने वाले धुएं से मरीज परेशान होते रहे। इस घटना में किसी तरह का बड़ा नुकसान नहीं हुआ। खबर मिलते ही मौके पर पहुंचे अधीक्षक डॉ. आनंद प्रसाद ¨सह, उपाधीक्षक डॉ. गोपाल कृष्ण, अस्पताल प्रबंधक डॉ. धर्मेद्र कुमार व अन्य कर्मचारी हालात को नियंत्रित करने में जुट रहे। उन्होंने मरीजों एवं परिजनों से बातचीत कर संयम बरतने के लिए कहा।
ओटी में भरे धुएं से दम घुट सकता था मां और नवजात को
गायनी ओटी के रजिस्टर में दर्ज विवरण के अनुसार गौरीचक के उपसा निवासी दीपक कुमार की पत्नी बबिता देवी ने ऑपरेशन से डॉ. ममता ¨सह की यूनिट में एक स्वस्थ बच्ची को कुछ देर पहले ही जन्म दिया था। आग लगने की घटना से भयभीत दंपती एवं परिजनों ने बताया कि ओटी में धुआं इतना भर गया था कि मां और नवजात का कुछ ही मिनटों में दम घुट सकता था। नर्सों एवं कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए बाहर निकाला। हर तरफ चीख-पुकार मच गई थी। जिसे जहां जगह मिली उसने भाग कर जान बचाई।
मरीजों की जान बचाने को तोड़ा ग्रिल
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जेनरल ओटी से सटे और गायनी ओटी के ठीक नीचे जिस विद्युत पैनल में आग लगी वहां तक पहुंचने एवं फंसे मरीजों को बाहर निकालने के लिए सुरक्षा गार्ड, कर्मियों एवं परिजनों ने ओटी के समीप लगे लोहे के ग्रिल को तोड़ दिया। इससे भाग कर लोगों ने जान बचाई। आग बुझाने के लिए फायर मैन ने भी इसी रास्ते का इस्तेमाल किया।

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