बिहार में दिखता नहीं पर मिलता है सभी जगह, जानिए क्या है यह

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बिहार में आजकल एक जुमला काफी मशहूर हो गया है, दिखता कहीं नहीं पर मिलता सभी जगह है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह कोई भूत है। यह संज्ञा दी गई है शराब को। चौंकिए मत जानिए।
सारण । बिहार में शराब पर एक जुमला आज काफी लोकप्रिय हो रहा है कि ‘दिखता कहीं नही पर मिलता सभी जगह।’ चौंकिए मत यह भूत नहीं शराब है। इसकी तुलना बिहार में भूत से की जाने लगी है। सारण जिला की बात करें तो शराब की खेप प्रतिदिन बरामद की जा रही है।
सारण में कभी उतर प्रदेश से आने वाली ट्रेनों से तो कभी मांझी चेकपोस्ट पर शराब मिल रही है। कभी किसी खेत से तो कभी किसी धंधेबाज के घर से शराब की बरामदगी की जा रही है। वहीं चुलाई शराब का फैशन भी बढ़ गया है और उसके दाम भी। अगर आप दाम की फिक्र नहीं करें तो आपके घर बैठे मनपसंद शराब उपलब्ध हो सकता है।
कल तक इस धंधे में सिर्फ पुरूष हुआ करते थे अब तो इस धंधे में क्या बच्चे और क्या महिलाएं, सभी शराब के लाने एवं ग्राहकों के घर तक पहुंचाने में लगे है। जो कि अब तक जिले की गिरफ्तारियां बतला रही है।
धंधेबाजों में पुरूषों के साथ महिलाएं एवं बच्चे भी जेल की हवा खा रहे है। लेकिन पुलिस के लिए शहर का दियारा क्षेत्र सर दर्द बना हुआ है। क्योंकि यह शहर से सटा होने के कारण रिविलगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। जिसके कारण यहां छापेमारी करने के लिए तीन थानों की पुलिस को एक साथ होना पड़ता है।
इसके बावजूद भी आज तक इस क्षेत्र से एक भी धंधेबाज की गिरफ्तारी नही हो पाती है। जबकि यहां दर्जनों चुलाई शराब की भट्ठियां अनवरत चलती रहती है।
विगत दिनों पुलिस कप्तान हर किशोर राय के निर्देश पर इस दियारा क्षेत्र में भगवान बाजार थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार, नगर थानाध्यक्ष राजीव नयन एवं रिविलगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार के द्वारा टीम बनाकर छापेमारी की गई तो 35-40 भट्ठियां को पुलिस ने ध्वस्त किया और सैकड़ों लीटर चुलाई शराब एवं कच्ची शराब को बर्बाद कर भट्ठियाों को तहस-नहस किया। लेकिन गिरफ्तारी एक धंधेबाज की भी नही हो सकी।
वैसे हमेशा से यही होता रहा है। विगत वर्ष पुलिस कप्तान ने स्वयं नाव से पुलिस दल को लेकर वहां छापेमारी किया था। उस समय भी दर्जनों भट्ठियां ध्वस्त की गई लेकिन गिरफ्तारी शून्य ही रही। यहां नदी एवं दियारा क्षेत्र होने के कारण धंधेबाज दूर से ही पुलिस को आते हुए देख लेते है।
जिससे उन्हे भाग निकलने सुविधा होती है और पुलिस भट्ठी ध्वस्त कर हाथ मलते हुए वापस लौट आती है। उनके हाथ लगता है तो सिर्फ शराब एवं भट्ठियां।

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