गणतंत्र दिवस पर 18 बहादुर बच्चों को दिए जाएंगे वीरता पुरस्कार, पढ़ें इनकी कहानियां

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अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जिंदगी बचाने वाले साहसी और वीर 18 बच्चों को इस साल के वीरता पुरस्कार से नवाजा जाएगा। वर्ष 2017 के राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वालों में 11 लड़के और और सात लड़कियां शामिल हैं। इस बार का भारत पुरस्कार जुए और सट्टेबाजी के खिलाफ आवाज उठाने वाली आगरा की नाजिया को दिया जाएगा। जिन 18 बच्चों का नाम इसके लिए चुना गया है, उनमें से तीन बच्चों को मरणोपरांत पुरस्कार दिया जाएगा। 24 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी को अपने हाथों वीरता पुरस्कार प्रदान करेंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इन बच्चों के लिए एक स्वागत कार्यक्रम का आयोजन करेंगे। मरणोपरांत पुरस्कार पाने वालों के परिजन यह सम्मान लेंगे।

सट्टेबाजों की धमकी से भी नहीं डरी नाजिया
भारत पुरस्कार विजेता 16 साल नौ माह की नाजिया आगरा के मंटोला की रहने वाली हैं। नाजिया ने अपने घर के पड़ोस में कई दशकों से चल रहे जुए और सट्टे के अवैध व्यवसाय के खिलाफ आवाज उठाई। इसके लिए पहले सबूत जुटाए और फिर 13 जुलाई 2016 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। नाजिया की पहल से चार लोगों की गिरफ्तारी हुई और व्यवसाय बंद हो गया। बेहद सामान्य परिवार की नाजिया के इस कदम के बाद उसका घर से निकलना मुश्किल हो गया। न वह स्कूल जा पाती थी और न ही घर से बाहर। उसके माता-पिता को भी उसके इस कदम के लिए सताया गया। यहां तक कि उनकी भी पिटाई की गई। प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत के बाद राहत न मिलने पर परेशान होकर नाजिया ने ट्वीट करके उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मदद मांगी। ट्वीट पर कार्रवाई हुई और उसे सुरक्षा दी गई। साथ ही बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू हुई।

पंकज सेमवाल (उत्तराखंड) : मां को गुलदार के हमले से बचाया
जान की फिक्र किए बगैर, गुलदार के मुंह से अपनी मां की जान बचाने के लिए अब टिहरी जिले के पंकज सेमवाल को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार मिलेगा। टिहरी गढ़वाल जिले के प्रतापनगर के नारगढ़ गांव में 10 जुलाई की रात पंकज सेमवाल अपनी माता विमला देवी और अपने भाई-बहन के साथ दूसरी मंजिल पर घर के बरामदे में सो रहे थे। रात 1 बजे गुलदार ने घर की सीढ़ियों से घात लगाकर विमला देवी पर हमला कर दिया। विमला देवी के शोर मचाने पर पंकज जाग गए और बहादुरी के साथ अपने पास में रखे हुए डंडे से गुलदार पर वार करने लगे। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंच गए और घायल विमला देवी को अस्पताल पहुंचाया।

मगरमच्छ के मुंह से निकालकर बचाई साथी की जान
महज छह साल आठ माह की ममता दलाई की वीरता सुनकर कोई भी दांतों तले उंगली दबा ले। घटना छह अप्रैल 2017 की है। ओडिशा के केंद्रापाडा जिले की ममता और आसंती पास के तालाब में नहाने गई थीं। तालाब में पास की नदी से एक मगरमच्छ घात लगाकर बैठा हुआ था। पांच फुट लंबे मगरमच्छ ने अचानक आसंती का हाथ मगरमच्छ ने जबड़े में दबा लिया। ममता ने उस वक्त सूझ-बूझ दिखाते हुए आसंती का हाथ पकड़े रखा और इतनी जोर से चिल्लाई कि मगरमच्छ की पकड़ ढीली हो गई। पकड़ ढीली होते ही उसने आसंती को बाहर खींच लिया।

तीन अपराधियों को पकड़वाया
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की लक्ष्मी यादव दो अगस्त 2016 को अपने मित्र के साथ गणेश नगर इलाके में खड़ी थी। इसी दौरान वहां पहुंचे तीन बदमाशों ने उन दोनों के साथ मारपीट की। लक्ष्मी को बदमाशों ने जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाया और एक सुनसान स्थान की ओर ले गए। उसने बहादुरी का परिचय दिया और किसी तरह मोटरसाइकिल की चाबी निकालकर छुपा दी और वहां से भाग निकली तथा पुलिस थाने पहुंचकर घटना की सूचना दी। तत्काल हरकत में आई पुलिस ने तीनों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।

नाले में गिरी एक स्कूल बस से 15 बच्चों को बचाया
संजय चोपड़ा पुरस्कार पंजाब के 17 वर्षीय करणबीर सिंह को प्रदान किया जाएगा जिसने नाले में गिरी एक स्कूल बस से 15 बच्चों को बचाया था। करणबीर खुद भी इसी बस में था और वह घायल हो चुका था लेकिन उसने दूसरे बच्चों को पानी से भरी बस से निकलने में मदद की।

तीन साल के भाई को जल रहे घर से निकाला
मेघालय के बेत्शवाजॉन पीनलांग (14) , और केरल के सेब्सटियन विसेंट (13) को बापू गैधानी पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। पीनलांग ने अपने तीन साल के भाई को जल रहे घर से निकाला था।

इन्हें मिलेगा मरणोपरांत सम्मान
डूब रहे दो बच्चों की जान बचाने की कोशिश के दौरान अपनी जान गंवा बैठी कर्नाटक की 14 वर्षीय नेत्रवती एम चव्हाण को मरणोपरांत गीता चोपड़ा पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। उसने 16 वर्षीय मुथु को बचा लिया लेकिन 10 वर्षीय गणेश को बचाने के दौरान वह अपनी जान गंवा बैठी। मिजोरम के 17 वर्षीय एफ लालछंदमा तथा मणिपुर से 15 वर्षीय लौकरापाम राजेश्वरी चानू को भी मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा।

पांच श्रेणियों में दिए जाते हैं वीरता पुरस्कार
1. भारत पुरस्कार
2. गीता चोपड़ा पुरस्कार
3. संजय चोपड़ा पुरस्कार
4. बापू गैधानी पुरस्कार
5. सामान्य राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार

इन्हें भी किया जाएगा सम्मानित

राज्य नाम
नगालैंड मानसा एन (13)
एन शांगपोन कोनयक (18)
योकनी (18)
चिंगाई वांगसा (18)
गुजरात समृद्धि सुशील शर्मा (17)
मिजोरम जोनुनलुआंगा (16)
उत्तराखंड पंकज सेमवा (16)
महाराष्ट्र नदाफ एजाज अब्दुल राउफ (17)
ओड़िशा पंकज कुमार महंत

सेना प्रमुख ने बहादुर बच्चों को सम्मानित किया
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने गुरुवार को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कारों के लिए चयनित बच्चों को सम्मानित किया। रावत ने बच्चों से बात भी की और उनसे जीवन के लक्ष्यों के बारे में पूछा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2017 से कुल 18 बहादुर बच्चों को सम्मानित करेंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पुरस्कार विजेता बच्चों के लिए समारोह का आयोजन करेंगे। ये बच्चे 26 जनवरी की परेड में भी शामिल होंगे।

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