पद्मावतः फिल्म की रिलीज के खिलाफ करणी सेना की हुंकार, जनता कर्फ्यू की अपील की

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संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म पद्मावत की रिलीज तिथि को लेकर श्री राजपूत करणी सेना ने हुंकार भरी है। सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि 25 जनवरी तो आएगी, लेकिन फिल्म पद्मावत नहीं आएगी। उन्होंने राजपूत समाज के साथ सभी 36 बिरादरी का आह्वान करते हुए इस फिल्म के खिलाफ जनता कर्फ्यू की अपील की।
कालवी सोमवार को दिल्ली रोड स्थित राजपूत महासभा परिसर में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भंसाली ने उन्हें फिल्म रिलीज से पहले देखने का ऑफर दिया है। हालांकि इसमें उसने न तो कोई समय बताई है और न ही जगह। बावजूद इसके उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया है।
उन्होंने कहा कि इस फिल्म को सेंसर बोर्ड द्वारा निर्धारित नौ सदस्यों में से बाकी बचे छह सदस्यों की मौजूदगी में देखना चाहते हैं। भंसाली ने पिछले दिनों तीन सदस्यों को यह फिल्म दिखाई थी और तीनों सदस्यों ने इसके पूर्णत: प्रतिबंध की मांग की है। उन्होंने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक के बयान पर टिप्पणी तो नहीं की, लेकिन साफ तौर पर कहा कि गुरुग्राम क्या, हरियाणा में यह फिल्म नहीं आ रही है।
एक दिन पहले ही पुलिस महानिदेशक बीएस सिंधु ने कहा था कि फिल्म के रिलीज के वक्ता सुरक्षा इंतजाम पुख्ता होंगे। इस मौके पर श्रीराजपूत करणी सेना की स्थानीय कार्यकारणी से कुशलपाल राघव, अरुण चौहान समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
कहा- लाल कपड़ा मत दिखाओ
कालवी ने कहा कि खानवा के युद्ध के बाद पहली बार राजपूत समाज अपनी आन के लिए एकजुट है। यह सभी लोग इस फिल्म के खिलाफ भड़के हुए सांढ बन गए हैं। ऐसे में चाहे वह भंसाली हो या सरकार, कोई उन्हें लाल कपड़ा न दिखाए। उन्होंने कहा कि वह अहिंसा के पुजारी हैं। इसीलिए सभी सिनेमा हाल संचालकों से निवेदन कर रहे हैं कि वह फिल्म को चलाकर उनके सब्र की परीक्षा न लें। यदि ऐसा हुआ तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार होंगे।
अदालत नहीं जाएंगे
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भंसाली की याचिका पर तो 18 घंटे के अंदर फैसला दे दिया, लेकिन इस फैसले के तीन घंटे बाद दाखिल छह अन्य याचिकाओं पर सुनवाई नहीं हुई। जबकि इसमें एक याचिका राना रतन सिंह के वंशज की भी है। यही देखकर उन्होंने तय किया है कि अदालत में उनकी याचिका का भी यही हस्र होना है, इसलिए वह अदालत नहीं जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जोधा अकबर के पक्ष में भी सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिए थे, लेकिन आज तक वह फिल्म राजस्थान में नहीं चली है। लीला फिल्म भी गुजरात में नहीं चली। इस फिल्म का हस्र इनसे भी बदतर होगा।
15 राज्यों की सरकार उनके विचारों से सहमत
कालपी ने कहा कि भंसाली ने फिल्म की रिलीज तिथि जानबूझ कर 25 जनवरी निर्धारित की है। ऐसा इसलिए किया गया है कि गणतंत्र दिवस की सुरक्षा को लेकर सरकार उनकी फिल्म का प्रदर्शन कराएगी।
लेकिन 15 राज्यों की सरकार ने उनके विचारों पर सहमति जताते हुए साफ कर दिया है कि वह रिलीज तिथि पर सुरक्षा नहीं मुहैया करा सकते।
सभी मुख्यमंत्रियों से मिलेंगे
सेना संस्थापक ने कह कि वह पवित्र यात्रा पर निकल चुके हैं। अगले दो दिनों में वह सभी राज्यों के मुख्मंत्रियों एवं समाज के लोगों से मिलेंगे। उनका यही प्रयास होगा कि यह फिल्म कम से कम भारत में तो रिलीज नहीं हो।

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