मजबूत बैंक-बेहतर सेवा, 10 बातों में समझ‍िए मोदी सरकार का ‘रीकैप’ प्लान

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सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सेहत सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने बुधवार को बैंक रिफॉर्म प्लान पेश किया. इसमें बैंकों को दिए जा रहे रिकैपिटलाइजेशन लोन की जानकारी दी गई. इसके साथ ही बैंकों को भी जवाबदेह बनाने के लिए मानक तय किए गए. इस दौरान सरकार ने आम आदमी के लिए बैंकिंग सुविधा को सुगम बनाने की खातिर बैंकों को एक्शन प्लान भी दिया है. आगे 10 बातों में समझ‍िए बैंकों की सेहत सुधारने के लिए क्या है मोदी सरकार का प्लान और आम आदमी के लिए इस प्रेस कांफ्रेंस में क्या था.

आपका पैसा सुरक्ष‍ित

बैंकों में रखे गए पैसे की सुरक्षा को लेकर पिछले दिनों काफी ज्यादा अफवाहें उठी थीं. इन अफवाहों को दरकिनार करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकारी बैंकों की सेहत सुधारने की जिम्मेदारी सरकार की है और आम आदमी का पैसा बिलकुल सुरक्ष‍ित है.

बैंकों को मिले 88 हजार करोड़

मौजूदा वित्त वर्ष में एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक , बैंक ऑफ बड़ोदा समेत अन्य सरकारी बैंकों को 88 हजार करोड़ रुपये की पूंजी दी गई. इस पूंजी का इस्तेमाल बैंक खुद को बेहतर करने के साथ ही अपने ग्राहकों को बेहतर सुविधा देने के लिए इस्तेमाल करेंगे.

ऐसे बनेगा न्यू इंडिया

सरकार ने सरकारी बैंकों की सेहत सुधारने के लिए 6 मुद्दों का एक रिफॉर्म प्लान तैयार किया है. इसके तहत ग्राहकों के प्रति जवाबदारी, एमएसएमई के उदयमित्र समेत अन्य रिफॉर्म्स किए जाएंगे, जिनकी बदौलत न सिर्फ बैंकों की सेहत सुधरेगी, बल्कि बैंकों की तरफ से मिलने वाली सेवाएं भी बेहतर होंगी.

ग्राहकों को मिलेंगी ये सेवाएं

प्रेस कांफ्रेंस में सरकार ने बताया कि रिकैपिटलाइजेशन लोन उन ही बैंकों को मिलेगा, जो तय मानक पूरे करेंगे. इसमें से एक मानक ग्राहकों को बेहतर सुविधा देना भी है. इसके तहत होम बैंकिंग, मोबाइल बैंक‍िंग और बैंक शाखाओं व आउटलेट्स में बेहतर सुविधाएं देने पर जोर होगा.

छोटे कारोबारियों के बनेंगे मित्र

सरकारी बैंकों से अब छोटे कारोबारियों को लोन मिलना आसान होगा. सरकार ने कहा है कि अब ये बैंक उद्यमी मित्र के तौर पर काम करेंगे. छोटे कारोबारियों को ऑनलाइन लोन एप्ल‍िकेशन देने की सुविधा मिलने के साथ ही बहुत कम समय में एप्ल‍िकेशन पर एक्शन लेना की बात भी कही गई है.

सरकार नहीं करेगी दखल

सरकार ने साफ कर दिया है कि बैंकों की तरफ से आर्थ‍िक मामलों में जो फैसले लिए जाते हैं, उसमें सरकार किसी भी तरह से दखल नहीं करेगी. इस तरह बैंकों को अपने स्तर पर फैसले लेने की स्वतंत्रता दी जाएगी.

बैंकों के प्रदर्शन पर रखी जाएगी नजर

सरकार ने स्वतंत्र एजेसियों के माध्यम से बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा करवाएगी. सालाना स्तर पर यह समीक्षा होगी. इसमें पारदर्श‍िता और स्पर्धा को बढ़ावा दिया जाएगा.

5 किलोमीटर के दायरे में बैंक‍िंग सुविधा

केंद्र सरकार के मुताबिक सरकारी बैंक हर गांव के 5 क‍िलोमीटर के दायरे में बैंक‍िंग सुविधा देंगे. यह सुविधा पूरे देश में दी जाएगी. इसके तहत आम आदमी सिर्फ मोबाइल ऐप के माध्यम से नजदीकी बैंक को ढूंढ सकेगा और अपना लेनदेन आसानी से कर सकेगा.

मिलेंगे 1.35 लाख करोड़

अगले दो सालों के भीतर सरकार बैंकों को 1.35 लाख करोड़ रुपये का रिकैपिटलाइजेशन लोन मुहैया करेगी. हालांकि यह लोन बैंकों के प्रदर्शन और तय मानकों पर खरा उतरने के बाद ही मिलेगा.

कम होंगे बैंक‍िंग फॉर्म

आम आदमी को ये बैंक न सिर्फ होम बैंक‍िंग की सुविधा मुहैया कराएंगे, बल्क‍ि इनकी तरफ से और भी कई बदलाव किए जाएंगे. इसमें बैंक खाता घर बैठे खुलवाने समेत बैंक‍िंग फॉर्म की संख्या भी कम की जाएगी और इन्हें अध‍िकतम दो फॉर्म पर सीमि‍त किया जाएगा.

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