चीन में गंजापन दूर करने का झूठा दावा करना पड़ा भारी, 85 लोगों को हुई सजा

0
398

‘दो महीने में पाएं गंजापन से छुटकारा’, ‘गंजापन का रामबाण इलाज’…जैसे विज्ञापन भारत में बस अड्डों से लेकर गली-कूचे में दीवारों पर दिख जाएंगे। जिसकी तरफ लोग आकर्षित भी होते हैं। ऐसा दावा करने वालों में कुछ सही होते हैं तो कुछ फर्जी। लेकिन दावा झूठा साबित होने पर कम ही लोगों पर एक्शन लिया जाता है लेकिन चीन में कुछ लोगों को ऐसा दावा करना भारी पड़ गया। उन्हें जेल में डाल दिया गया। सांप के तेल से करते थे इलाज…

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में एक कंपनी युआन सांप के तेल से गंजापन दूर करने का दावा करती थी। कंपनी के तीन संस्थापक थे। आरोप है कि उन्होंने अपने कर्मचारियों को फर्जी डॉक्टर बनकर लोगों को ठगने की ट्रेनिंग दे रखी थी। वो कस्टमर्स से दोबारा बाल उगाने के नुस्खे बताते और उन्हें तेल खरीदने के लिए कहते थे।

वो दावा करते थे कि उनकी दवा परंपरागत और पुरानी किताबों से रिफरेंस लेकर बनाई गईं हैं। दवा बेंचकर कंपनी ने पांच महीने में करीब 10.7 करोड़ रुपए कमा लिए।

2016 में हुआ केस: साल 2016 में एक पीड़ित ने कंपनी पर फर्जी दवा बेंचने का केस कर दिया। जिसके बाद पड़ताल में सामने आया कि ये कंपनी गंजेपन की दवा के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रही है। कंपनी ने करीब 8945 लोगों को नकली दवा बेंची।

कोर्ट का फैसला: चीन के मंगोलिया की ओरडॉस कोर्ट ने सुनवाई के बाद तीनों संस्थापकों को 11 से 13 साल की सजा सुनाई। वहीं कंपनी के 82 कर्मचारियों को एक से छह साल की सजा सुनाई गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.