यूपी के पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के बेटे ने की आत्महत्या

0
348

लखनऊ
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के बेटे विकास वर्मा ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उसे घायल अवस्था में आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर किया। ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मंत्री के बेटे ने एक साल पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन उसे तब बचा लिया गया था।
लालजी वर्मा बहुजन समाज पार्टी + विधानमंडल दल के नेता हैं। इस हादसे के बाद बीएसपी चीफ मायावती भी उनसे मिलने उनके आवास पर गईं। बताया जा रहा है कि उनका बेटा विकास वर्मा (40) बीमारी को लेकर परेशान रहता था। बुधवार की सुबह लखनऊ के गोमती नगर स्थित आवास पर विकास ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मार ली।गोली की आवाज सुनकर घर में मौजूद लोग पहुंचे तो वह लहूलुहान जमीन पर पड़ा था। उसे नजदीकी अस्पताल इलाज के लिए ले जाया गया। वहां डॉक्टर्स ने उसे ट्रॉमा सेंटर + रेफर कर दिया। ट्रॉमा सेंटर में उसका इलाज शुरू किया गया लेकिन गंभीर स्थिति के चलते थोड़ी देर में उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
पिछले साल भी आत्महत्या का किया था प्रयास
11 मार्च 2017 को कटेहरी विधानसभा से चुनाव जीतने के बाद से लालजी वर्मा + के घर लोगों का बधाइयां देने के लिए तांता लगा हुआ था। दूसरे दिन 12 मार्च की सुबह भी लोग बधाई देने पहुंचे थे। उसी दौरान उन्हें सूचना मिली की थी कि विकास ने अकबरपुर थाना क्षेत्र स्थित घर में खुद को गोली मार ली। उस वक्त विकास का इलाज ट्रॉमा सेंटर में चला था, लेकिन तब उसकी जान बचाई जा सकी थी।
पिछले साल जब विकास ने आत्महत्या का प्रयास किया था तो उससे पहले उसने फेसबुक पर पोस्ट डाली थी। उसने लिखा था कि अपनी बीमारी की वजह से हो रही परेशानी के कारण वह तंग हो गया है। अब उसकी जीने की इच्छा नहीं है। विकास ने अपने बच्चों की देखभाल और पढ़ाई के लिए आमने माता-पिता से अनुरोध भी किया था। विकास ने अपनी मौत के बाद परिवार को सांत्वना देने की बात करते हुए कहा कि जो इस संसार में आया है, एक दिन जाता है।
बीएसपी दल के नेता हैं लालजी
लालजी वर्मा बीएसपी के बड़े कद के नेताओं में गिने जाते हैं। वह 2007 में कैबिनेट मंत्री + भी रह चुके हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव में वह अपनी सीट से हार गए थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हे फिर से कटेहरी सीट से जीत मिली थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.