हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे अर्जित शाश्‍वत, FIR रद करने की दायर की याचिका

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अर्जित शाश्‍वत ने पटना उच्‍च न्‍यायालय में याचिका दायर कर भागलपुर उपद्रव में लेकर अपने उपर हुए एफआइआर रद करने की मांग की है।
पटना । केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के पुत्र अर्जित शाश्‍वत चौबे पटना उच्‍च न्‍यायालय की शरण में पहुंचे हैं। उन्‍होंने भागलपुर उपद्रव को लेकर अपने उपर हुए एफआइआर रद करने की याचिका दायर की है।अर्जित पर रामनवमी पर भागलपुर में निकाली गई शोभा यात्रा और इस दौरान हुए उपद्रव के मामले में नाथनगर थाना कांड संख्या 176/2018 दर्ज है। याचिका में कहा गया है कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है। लिहाजा प्राथमिकी रद्द की जाए।बता दें कि भागलपुर के नाथनगर में भारतीय नववर्ष की पूर्व संध्या पर निकले जुलूस के बाद दो पक्षों में हुई हिंसक झड़प में 60 लोग घायल हो गए थे, इस मामले में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के पुत्र अर्जित शाश्वत समेत कई लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई। इन सबपर लोगों की भावनाएं भड़काने का आरोप है।अर्जित ने अपने समर्थकों के साथ नाथनगर से मोटरसाइकिल जुलूस निकाला था। जैसे ही यह मोटरसाइकिल जुलूस एक खास अल्‍पसंख्‍यक जाति के मोहल्‍ले से होकर गुजरा तो जुलूस में शामिल लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए। इसके बाद खास अल्‍पसंख्‍यक समुदाय ने भी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद शुरू हुए तनाव के बाद दर्जनों दुकानें जला दी गईं। मोटरसाइकिल फूंकी गई। उपद्रवियों ने 15 राउंड फायरिंग की और चार बम भी फोड़़े। तनाव को देखते हुए क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। कई घंटे तक पथराव, बमबाजी, फायरिंग और तोडफ़ोड़ हुई।
अश्विनी चौबे ने कहा था- गर्व है कि अर्जित मेरा बेटा है
जब मंत्री अश्विनी चौबे से पूछा गया कि आपके पुत्र अर्जित चौबे शोभायात्रा को लीड कर रहे थे। इसके बाद यह घटना हुई तो मंत्री ने कहा कि मेरा पुत्र तो हजारों-लाखों में एक है। मुझे गर्व है कि अर्जित मेरा पुत्र है। पार्टी का एक वरिष्ठ सहयोगी कार्यकर्ता होने के नाते उसने भारतीय नव वर्ष पर भारत माता की झांकी व शोभायात्रा निकाली। जहां तक बात है कि प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई तो शोभायात्रा हर थाना क्षेत्र से होकर गुजरती रही। उस समय पुलिस-प्रशासन कहां थी? प्रशासन की अनुमति का पत्र इनलोगों के पास है।

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