शुरू हुई एच-1बी वीजा आवेदन की प्रक्रिया, सख्ती से होगी जांच

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नई दिल्ली
अमेरिका में नौकरी के लिये प्रचलित एच-1बी वीजा के लिए आवेदन आज से शुरू हो गया है। इस वर्किंग वीजा को लेकर भारत के आईटी पेशेवरों में खासा क्रेज देखा गया है। हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा जारी करने से पहले कड़ी जांच का प्रावधान किया है।अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा ( यूएससीआइएस) विभाग ने साफ तौर पर संकेत दे दिए हैं कि आवेदन में छोटी-सी भी गलती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा जा रहा है कि कड़ी प्रक्रिया की वजह से इस बार आवेदन खारिज होने की दर में भारी वृद्धि दिखेगी। बता दें कि अमेरिका में एक अक्टूबर से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष 2019 के लिए यह आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है।
क्या है एच-1बी वीजा
एच-1बी वीजा एक गैर- प्रवासी वीजा है, जो विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका में काम करने की इजाजत देता है। आईटी कंपनियां इस वीजा पर बहुत अधिक निर्भर हैं। हर साल भारत और चीन जैसे देशों से हजारों कर्मचारियों को इस वीजा के जरिए नौकरियां मिलतीं हैं।ड्यूप्लिकेट आवेदन होंगे रिजेक्ट
आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले अमेरिकी सिटिजनशिंप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) ने चेतावनी जारी करके कहा था कि सभी ड्यूप्लिकेट आवेदनों को निरस्त किया जाएगा। साथ ही वीजा आवेदन के प्रीमियम प्रसंस्करण पर भी अस्थायी रोक लगाई गई। विभाग ने कहा, ‘हम जल्द ही प्रीमियम प्रसंस्करण शुरू करने की तारीख की घोषणा करेंगे।’ यूएससीआईएस ने आवेदन दाखिले के लिए दी सलाह में कहा, ‘प्रपत्र के सभी खंड़ों को सही ढंग से पूरा करें। इसी के साथ आवेदनकर्ता को लाभार्थियों के वैध पासपोर्ट की एक प्रति भी जमा करनी चाहिए।’जिन आवदेकों के आवेदन सही होंगे, वे 1 अक्टूबर 2018 से अमेरिका में नौकरी कर पाएंगे। एच-1बी वीजा के जरिए कर्मचारी कम से कम 3 साल के लिए अमेरिका में नौकरी कर सकते हैं।

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