पंचतत्व में विलीन हुए मोसुल में मारे गये बिहार के लोग, प्रधानमंत्री ने 10 लाख रुपये देने का किया एलान

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पटना / सीवान : इराक के मोसुल में मारे गये बिहार के विद्याभूषण तिवारी और संतोष कुमार सिंह का रघुनाथपुर प्रखंड पतार में सरयू नदी के किनारे और जमादार सिंह, धर्मेंद्र कुमार, सुनील कुमार कुशवाहा का दरौली में सरयू नदी के तट पर अंतिम संस्कार किया गया. पांचों बिहारियों के शवों का अवशेष मंगलवार की अहले सुबह करीब तीन-चार बजे सीवान पहुंचा. शवों को पहले पुलिस लाइन लाया गया. यहां जिलाधिकारी महेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक नवीन चंद्र झा तथा परिवार के सदस्य शव आने के इंतजार में पहले से ही मौजूद थे. पुलिस लाइन पहुंचने पर जिला प्रशासन और परिवार के लोगों ने शवों पर पुष्प अर्पित किया. मैरवा के धर्मेंद्र खरवार, जमादार सिंह एवं सुनील कुमार कुशवाहा का शव उनके परिजन लेकर मैरवा ले गये.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इराक के मोसुल में मारे गये लोगों के परिजनों को प्रति परिवार देने का एलान मंगलवार को किया.
मोसुल में मारे गये पांच बिहारियों में दो मृतकों संतोष कुमार सिंह और विद्याभूषण तिवारी के परिजन शव लेने नहीं पहुंचे. इसके बाद प्रशासन ने अपने स्तर से दोनों शवों को उनके घर तक पहुंचाया. संतोष कुमार सिंह और विद्याभूषण तिवारी के शवों को स्थानीय अधिकारी आंदर प्रखंड के सहसराव गांव ले गये. हालांकि, शवों को ले गये अधिकारियों को परिजनों को सौंपने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. परिजनों की मांग थी कि जब तक प्रशासन लिखित रूप से आश्वासन नहीं देता कि उनके परिजनों को मुआवजा और आश्रितों को नौकरी मिलेगी, तब तक वे शव को स्वीकार नहीं करेंगे. हालांकि, अधिकारियों के काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजनों ने शव को स्वीकार कर अंतिम संस्कार किया. इस संबंध में मृत जमादार सिंह के परिजन श्याम कुमार कहते हैं, ‘जब तक सरकार परिवार की रक्षा में वित्तीय सहायता का आश्वासन नहीं देगी, हम मृत शरीर को ग्रहण नहीं करेंगे.’ मृतक सुनील कुमार कुशवाहा की पत्नी पूनम देवी कहती हैं, ‘वे ही एकमात्र रोटी कमानेवाले थे और अब मुझे अपने बच्चों की परवरिश के लिए नौकरी चाहिए.’ इराक के मोसुल में मारे गये बिहार के दो निवासियों के परिजनों ने सीवान में पुलिस लाइन पर गये, लेकिन उन्होंने राज्य सरकार से वित्तीय सहायता का आश्वासन देने प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. वहीं, दो अन्य परिवारों के सदस्य शव लेने के लिए नहीं पहुंचे. वहीं, सीवान के जिलाधिकारी महेंद्र कुमार ने कहा है कि मोसुल में मारे गये लोगों के परिजनों को हम समझने की कोशिश करेंगे. नियमों के अनुसार उन्हें सभी संभव मदद प्रदान की जायेगी. दो मृतकों के परिवार ने मृत के अवशेष लेने से इनकार किया है, उन्हें उनके घर पर अवशेषों को पहुंचाया जायेगा.
CM नीतीश ने दी श्रद्धांजलि, पांच-पांच लाख रुपये मृतक के परिजनों को देने का दिया निर्देश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार की देर शाम पटना हवाई अड्डा पर इराक के मोसुल में मारे गये छह में से पांच बिहारियों के शवों के अवशेष पटना पहुंचने पर पुष्प-चक्र अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से कामना की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये अनुग्रह अनुदान रूप में मुहैया कराने का निर्देश गृह विभाग को दिया है. साथ ही मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से मृतकों के परिजनों को और मदद देने के संबंध में प्रस्ताव भी मांगा है. मालूम हो कि श्रम संसाधन विभाग द्वारा मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये अनुग्रह अनुदान के रूप में उपलब्ध कराया जा चुका है.

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