हैदराबाद: रिश्वत लेने के आरोप में जज सहित तीन गिरफ्तार

0
930

भ्रष्टाचार निरोधक दस्ता के अधिकारियों ने एम टेक की पढ़ाई करने वाले एम दत्तु की जमानत मंजूर करने के लिए रिश्वत लेने के आरोप में प्रथम अपर मेट्रोपोलिटन सत्र न्यायाधीश और दो अधिवक्ताओं को गिरफ्तार किया है।एसीबी ने यहां बयान जारी कर बताया कि हैदराबाद के अधिवक्ता टी श्रीरंगा राव ने उच्च न्यायालय में दाखिल शिकायत में बताया था कि हैदराबाद के नामपल्ली के प्रथम अपर मेट्रोपोलिटन सत्र न्यायाधीश एस राधाकृष्ण मूर्ति ने रिश्वत लेकर जमानत मंजूर करने और फैसले देने के मामलों में संलिप्त हैं। उन्होंने बताया कि श्री श्रीरंगा ने अपनी शिकायत में बताया था कि एम दत्तु नाम का छात्र नारकोटिक्स ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज मामले में जेल में बंद था और न्यायाधीश मूर्ति ने अधिवक्ता के जरिये उसकी जमानत मंजूर करने के लिए साढ़े सात लाख रुपये की मांग की थी और रिश्वत मिल जाने के बाद उसकी जमानत मंजूर कर ली थी।उच्च न्यायालय ने मेट्रोपोलिटन सत्र न्यायाधीश द्वारा की गई आतंरिक जांच के बाद इस मामले को एसीबी के हवाले कर दिया था। न्यायालय के आदेश पर एसीबी ने न्यायाधीश मूर्ति तथा अधिवक्ता के श्रीनिवास राव और जी सतीश कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के प्रावधान के तहत 11 अप्रैल 2018 को आपराधिक मामले दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस मामले में एसीबी के प्रमुख विशेष न्यायाधीश ने न्यायाधीश मूर्ति और दोनों आरोपी वकीलों के खिलाफ तलाशी वारंट जारी किया था और एसीबी अधिकारियों ने इसी सिलसिले में गुरुवार को छापेमारी की थी।एसीबी अधिकारियों ने तलाशी के दौरान रिश्वत के लिए इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन के साथ आपराधिक कई दस्तावेज जब्त किए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि न्यायाधीश मूर्ति तथा दो वकीलों ने 31 अक्तूबर 2017 को दत्तु को जमानत मंजूर करने के लिए दो किश्तों में रिश्वत ली थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.