यूजी-पीजी में ओपन बुक सिस्टम से होगी फाइनल एग्जाम, विभाग ने काॅलेज में परीक्षाओं के लिए जारी की गाइडलाइन

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उच्च शिक्षा विभाग ने आखिर परीक्षाओं को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी। इसके तहत यूजी (अंडर ग्रेजुएशन) फाइनल ईयर और पीजी (पोस्ट ग्रेजुएशन) फाइनल सेमेस्टर की अब ओपन बुक एग्जाम होगी। जो पेपर बचे हैं, वही होंगे। यूनिवर्सिटी को वेबसाइट पर लॉग इन आईडी सिस्टम के जरिये परचा भेजा जाएगा। छात्रों को घर से परीक्षा देने के बाद तय समय में कॉपी जमा करना होगी। 30 सितंबर से पहले परीक्षा करवाना होगी और अक्टूबर तक देना होगा। यूजी प्रथम वर्ष में आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट तैयार होगा। जबकि द्वितीय वर्ष में 50% अंक आंतरिक मूल्यांकन के और बाकी 50% अंक प्रथम वर्ष के जुड़ेंगे। सभी निजी, सरकारी यूनिवर्सिटी के साथ ऑटोनोमस कॉलेजों को भी इसी सिस्टम से परीक्षा आयोजित कर रिजल्ट जारी करना होंगे। ऐसे होगी परीक्षा

  • ऑनलाइन परचा मिलने के बाद छात्र बुक ओपन करके जवाब लिख सकेंगे।
  • छात्रों को ए-फोर साइज के पन्नों को कॉपी की तरह उपयोग करना होगा।
  • यह कॉपी नजदीक के सरकारी, अनुदान प्राप्त या निजी कॉलेज में जमा करवाना होगी या डाक से यूनिवर्सिटी को भेजना होगी।

यूजी में ऐसे तैयार होगा रिजल्ट
बीकॉम, बीए और बीएससी जैसे यूजी कोर्स के लिए 50 प्रतिशत अंक ओपन बुक परीक्षा के आधार पर तय होंगे। बाकी के 50 प्रतिशत अंक के लिए प्रथम और द्वितीय वर्ष में संबंधित विषयों में मिले अंको में 25-25 प्रतिशत जोड़े जाएंगे। हालांकि जिन विषयों के परचे पहले हो चुके हैं, उनमें यह प्रयोग मान्य नहीं होगा।
और पीजी में ऐसे होगा मूल्यांकन
एमकॉम, एमए और एमएससी जैसे पीजी कोर्स में भी मूल्यांकन का तरीका बदला है। 50 प्रतिशत अंक ओपन बुक एक्जाम से मिलेंगे। जबकि बाकी के 50% अंकों का मूल्यांकन संबंधित विषय की प्रथम, द्वितीय व तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा में औसत अंकों के आधार पर होगा।

  • 44,110 छात्र यूजी अंतिम वर्ष में
  • 11,400 छात्र पीजी अंतिम सेमेस्टर में
  • 65,000 छात्र यूजी द्वितीय वर्ष में
  • 85,600 छात्र यूजी प्रथम वर्ष में

ये भी होगा

  • प्राइवेट परीक्षार्थियों का रिजल्ट भी इसी मूल्यांकन विधि से तैयार होगा।
  • एटीकेटी के छात्रों के लिए भी यही सिस्टम रहेगा। एटीकेटी के परचे भी साथ ही होंगे। इसके लिए ओपन बुक एक्जाम सिस्टम ही लागू होगा।