अंधड़: अगले 48 घंटे भी राहत नहीं, धूल भरी तेज आंधी चलने की संभावना

0
462

जयपुर
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में आगामी 48 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में एक और धूल भरे अंधड़ के आने का पूर्वानुमान है। जयपुर के भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिक हिमांशु शर्मा ने बताया कि राजस्थान में आगामी 48 घंटों के दौरान उच्च क्षमता की तेज हवाओं के चलने से धूल भरा अंधड़ आने की संभावना है। इससे उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र विशेषकर करौली, धौलपुर जिले प्रभावित हो सकते हैं।उन्होंने बताया कि सैटलाइट फोटो से पता चला है कि राजस्थान के कुछ हिस्सों में हवा का दबाव विकसित हो रहा है, जिससे तेज गति की हवाएं और धूल भरी आंधी चल सकती है। विभाग ने प्रदेश के बीकानेर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, झुंझुनूं, सवाईमाधोपुर, सीकर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर जिलों के कुछ हिस्सों में धूलभरी आंधी, बारिश और तेज ठंडी हवाओं के चलने की चेतावनी दी है।उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से पिछले दो दिनों से आंधी के चलने की चेतावनी जारी की जा रही है। राजस्थान में बुधवार रात चले तेज अंधड़ जनित हादसों में 27 लोगो की मौत हो गई और लगभग 100 लोग घायल हो गये। अंधड़ के कारण अलवर, भरतपुर और धौलपुर जिलों में कई बिजली के खंभे और पेड उखड़ गये।इसके अलावा आपदा प्रबंधन विभाग ने यूपी के 19 जिलों में 64 लोगों की मौत की पुष्टि की है। इनमें से 43 लोगों की मौत अकेले आगरा में हुई है। इसके अलावा बिजनौर में 3, सहारनपुर में 2, चित्रकूट, रायबेरली और बरेली में 1-1 व्‍यक्ति की मौत तूफान की चपेट में आने से हो गई। वहीं कानपुर देहात में भी 3 लोगों की मौत की खबर है। उधर, यूपी के राजस्‍व और राहत आयुक्‍त संजय कुमार ने कहा है कि मरने वालों की संख्‍या अभी बढ़ सकती है। इस बीच यूपी के 31 जिलों में 5 मई तक के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है।मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने मंत्रियों और अधिकारियों को तूफान प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू करने का निर्देश दिया है। उन्‍होंने लोगों की मौत पर दुख जताया है। उन्‍होंने बताया कि गुलाब चंद्र कटारिया को अलवर और अरुण चतुर्वेदी को धौलपुर की जिम्‍मेदारी दी गई है। सीएम ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्‍य सरकार तूफान प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और उनकी हर संभव मदद की जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.