जानें, वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट डील में किसे मिली कितनी बड़ी रकम

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कुछ साल पहले भारत की सबसे ज्यादा कीमत वाली ऑनलाइन कंपनी फ्लिपकार्ट में गिरावट का दौर शुरू हो गया था। मॉर्गन स्टैनली के म्युचूअल फंड मैनेजर ने 2016 में फ्लिपकार्ट की वैल्यूएशन को 2015 के 15.2 अरब डॉलर से घटाकर 5.54 अरब डॉलर कर दिया था। यह निवेशकों और खुद एंप्लॉयीज के लिए चिंता का दौर था। हालांकि इस बीच कंपनी को वॉलमार्ट से ऑफर मिला, जिसे उसकी वैल्यूएशन को 21 अरब डॉलर माना। यह शेयरहोल्डर्स के लिए बड़ी खुशखबरी था। इस बड़ी डील में सभी के हिस्से कुछ न कुछ आया। जानें, डील में किसके हाथ लगा कितना…
एंप्लॉयीज
वॉलमार्ट के अधिग्रहण के प्लान ने भारत के कॉर्पोरेट इतिहास में एंप्लॉयीज के लिए सबसे बड़ा वेल्थ पूल तैयार किया है। इस डील के चलते फ्लिपकार्ट का एंप्लॉयी स्टॉक ऑनरशिप प्लान 2 अरब डॉलर तक हो जाएगा। फ्लिपकार्ट के मौजूदा और पूर्व के करीब एंप्लॉयीज के पास तकरीबन 10 लाख डॉलर की पूंजी है। वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट के एंप्लॉयीज को 100 पर्सेंट का बायबैक ऑफर पेश किया है।
सचिन बंसल
फ्लिपकार्ट के ग्रुप चेयरमैन और एक दशक पहले बिन्नी बंसल के साथ कंपनी की शुरुआत करने वाले सचिन बंसल कंपनी में अपनी 5.5 फीसदी की हिस्सेदारी को 1 अरब डॉलर यानी करीब 6,700 करोड़ रुपये में बेचेंगे। हालांकि कहा जा रहा है कि सचिन इस डील से भी खुश नहीं हैं क्योंकि उन्हें अचानक कंपनी छोड़नी पड़ रही है, जबकि उनके साथी बिन्नी बंसल कंपनी में बने रहेंगे। कंपनी के आंतरिक सूत्रों का कहना है कि वॉलमार्ट नहीं चाहती कि बोर्ड में दो सह-संस्थापकों को रखा जाए। डील के ऐलान के बाद सचिन ने फेसबुक पर लिखा था, ‘दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि मेरा काम यहां पूरा हो चुका है। 10 साल बाद अब मौका है कि बैटन थमा दी जाए और फ्लिपकार्ट छोड़कर निकला जाए।’ वह इस बात से भी दुखी थे कि बुधवार को जब दोनों कंपनियों के बीच ब्लॉकबस्टर डील का ऐलान हुआ, तब वह कंपनी के अन्य लीडर्स के साथ मौके पर मौजूद नहीं थे।
टाइगर ग्लोबल
2010 से ही कंपनी में सबसे ज्यादा पैसे लगाने वाली न्यू यॉर्क स्थित इन्वेस्टमेंट फर्म टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट को कंपनी में 1 अरब डॉलर के निवेश पर इस डील से 3.3 बिलियन डॉलर मिलेंगे। भारत के प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल हिस्ट्री में यह सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट रिटर्न है।
सॉफ्टबैंक
जापान के सॉफ्टबैंक के चीफ एग्जिक्युटिव मासायोशी सन ने कहा कि उसे इस डील से 4 अरब डॉलर की रकम मिलने की उम्मीद है, जो कि 9 महीने पहले उसकी ओर से लगाए गए 2.5 अरब डॉलर के बदले में होंगे। फ्लिपकार्ट में सबसे ज्यादा 20 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले सॉफ्टबैंक ने अपना पूरा हिस्सा बेचने का फैसला लिया है।
ऐक्सल
अमेरिकी वेंचर कैपिटल ऐक्सल ने 2009 में 100 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। तीन हिस्सों में ऐक्सल को 800 मिलियन डॉलर से 1 अरब डॉलर तक की रकम मिल चुकी है। 2008 में फ्लिपकार्ट में निवेश करने वाली ऐक्सल पहली कंपनी है। हालांकि ऐक्सल ने अपने कुछ शेयर कंपनी में बनाए रखने का फैसला लिया है।
नैस्पर्स
2012 में दक्षिण अफ्रीका की टेक और मीडिया कंपनी नैस्पर्स ने फ्लिपकार्ट में 600 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। उसके बदले में कंपनी को 2.2 अरब डॉलर की राशि मिलेगी।

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