किसान आंदोलन: कई राज्यों में दूध की किल्लत, महंगी हुई चाय की प्याली

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देश के कई राज्यों में किसानों के ‘गांव बंद’ आंदोलन के तीसरे दिन रविवार को फल-सब्जियों के दाम में तेजी देखी गई। गांव से सब्जियों और दूध की आपूर्ति बाधित होने के कारण इनके दाम में भी इजाफा हो रहा है। मध्य प्रदेश में तो कई स्थानों पर सब्जियों की बिक्री पुलिस की मौजूदगी में कराई जा रही है। आम किसान यूनियन के प्रमुख केदार सिरोही ने बताया, किसान इस आंदोलन में भरपूर साथ दे रहे हैं, यही कारण है कि शहरों तक गांव का सामान नहीं पहुंच रहा।उधर, राजस्थान में किसान संगठनों की ओर से चलाया जा रहा आंदोलन के कारण शहरों में सब्जियों और दूध की आपूर्ति पर असर पड़ा है। राजधानी जयपुर में अधिकांश मंडियों में सब्जियों की आवक एकदम कम होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदार सब्जियां नहीं आने का बहाना कर मुंह मांगे दाम वसूल रहे है। इसी तरह दूध की आवक कम होने के कारण निजी डेयरियों ने भी अपना सकंलन लगभग बंद कर दिया है। इसके शहरों में दूध की किल्लत भी होने लगी है। जयपुर की मुहाना मंडी में आम दिनों की तुलना में करीब डेढ़ सौ गाड़ियां कम आई। इससे प्याज और हरी सब्जियों के दाम में इजाफा होने लगा है। श्रीगंगानगर में किसान गांव के बाहर नाकेबंदी कर खुद ही अपनी सब्जी और दूध बेच रहे हैं।पंजाब और हरियाणा में किसानों ने विरोधस्वरुप रविवार को सड़कों पर अपनी उपज फेंकी। इस बीच, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जो लोग किसानों को गुमराह कर रहे हैं वे उनके सबसे बड़े दुश्मन हैं। पंजाब के मालवा क्षेत्र में मंडियों में सब्जियां और दूध ना आने के कारण इनके भाव आसमान छूने लगे हैं। शहरों में दूध 60-70 रुपये प्रति किलो बिकने लगा है। वहीं सब्जियां भी दुगने तिगुने भाव पर बिक रही है। दुकानदारों ने चाय के दाम बढ़ा दिए हैं।पश्चिम यूपी और कुमाऊं के बाजपुर में किसानों ने आज जोरदार प्रदर्शन किया। मेरठ में शनिवार को पहली बार किसानों ने कमिशनरी चौराहे पर सब्जी बिखेर दी। उधर कुमाऊं के बाजपुर में लगातार तीसरे दिन दूध बहाया गया। मुरादाबाद के अमरोहा में किसानों ने गुस्से में सड़कों पर टमाटर फेंके। इस दौरान कुछ किसानों ने ग्राम नमूना में दूध की सप्लाई लेकर जा रहे आंचल दूध के वाहन को घेरकर उसमें रखे हजारों पैकेट नष्ट कर दिये।

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