फीफा विश्व कप : मजबूत पुर्तगाल के खिलाफ 1986 का इतिहास दोहराना चाहेगा मोरक्को

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अपने पहले मैच में ईरान के खिलाफ मिली हार के बाद मोरक्को की टीम फीफा विश्व कप के ग्रुप-बी में आज होने वाले दूसरे मैच में मजबूत पुर्तगाल से जीत छीनने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, ताकि वह विश्व कप में अपना खाता खोल सके। मोरक्को अपने पहले मैच में ईरान से 1-0 से हारी थी, वहीं यूरोपीयन चैम्पियन पुर्तगाल ने स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो की हैट्रिक के दम पर 2010 के चैम्पियन स्पेन को 3-3 से बराबरी पर रोका था। पुर्तगाल दूसरे ग्रुप मैच में पूरी तरह से मोरक्को पर हावी रहने की कोशिश करेगी। ऐसे में मोरक्को को किसी भी प्रकार से रोनाल्डो की टीम के डिफेंस को भेदकर उस पर दबाव बनाना होगा। ईरान के खिलाफ पहले मैच में शुरुआती 20 मिनट में मोरक्को ने बेहतरीन अटैकिंग पावर दिखाई, लेकिन उसका फारवर्ड कमजोर रहा और इसी कारण वह गोल करने में असफल रही। मोरक्को के लिए पुर्तगाल के खिलाफ मैच और भी मुश्किल इसलिए हो सकता है, क्योंकि उनके पास नोर्डिन अमराबत नहीं होगा। सिर पर चोट लगने के कारण अमराबत दूसरे ग्रुप मैच में टीम के साथ मैदान पर नहीं उतर पाएंगे। ऐसे में मोरक्को को लिए ग्रुप स्तर के दूसरे मैच की चुनौती बेहद बड़ी है।पुर्तगाल भले ही मजबूत टीम हो, लेकिन स्पेन के खिलाफ खेले गए मैच में यह साफ नजर आया है कि उसे अपने डिफेंस को और भी मजबूत करने की जरूरत है, क्योंकि स्पेन ने उसके डिफेंस को भेदकर ही तीन गोल किए थे।
ईरान के खिलाफ मिली हार में मोरक्को की खुद की गलती थी। टीम ने आत्मघाती गोल कर ईरान का खाता खोल दिया। मैच गोलरहित बराबरी की ओर बढ़ रहा था तभी इंजुरी टाइम (95वें मिनट में) ईरान को फ्री किक मिली जिसे एहसान साजी साफी ने बॉक्स के अंदर भेजा। गोलपोस्ट के सामने खड़े मोरक्को के अजिज बोउहादोउज ने हेडर के जरिए गेंद को बाहर भेजना चाहा, लेकिन दुभार्ग्यवश वह गेंद को गोलपोस्ट के अंदर मार बैठे और ईरान को बिना मेहनत के जीत मिल गई।ऐसे में इससे साफ जाहिर होता है कि पुर्तगाल के लिए मोरक्को के डिफेंस को तोड़ना आसान नहीं होगा और वह हर बार रोनाल्डो पर आश्रित नहीं रह सकती। दोनों टीमों के पहले ग्रुप मैचों से यह साफ जाहिर होता है कि पुर्तगाल को अपने डिफेंस और मोरक्को को अपने अटैक पर काम करने की जरूरत है, तभी बुधवार को लुज्निकी स्टेडियम में खेले जाने वाला मैच रोमांचक रहेगा।पुर्तगाल अगर इस मैच में जीत हासिल करता है, तो वह अंतिम-16 दौर में अपना स्थान लगभग पक्का कर लेगा, वहीं मोरक्को इस मैच में जीत के साथ न केवल खाता खोलेगा, बल्कि विश्व कप में बने रहने की उसकी उम्मीद भी जिंदा रहेंगी। मोरक्को इस मैच में पुर्तगाल के खिलाफ 1986 विश्व कप के मैच में मिली जीत के इतिहास को फिर दोहराना चाहेगा। उसने पुर्तगाल को 3-1 से हराया था।

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