जापान : बारिश ने 42 साल का रिकॉड तोड़ा, 76 की मौत

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जापान के दक्षिणी इलाकों में लगातार तीसरे दिन मूसलाधार बारिश ने प्रशासन की परेशानियों को और बढ़ा दिया। बारिश संबंधी घटनाओं में 48 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, 28 अन्य के मारे जाने की आशंका है। प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने आपदा की इस घड़ी को समय के साथ जंग बताया है। मौसम विज्ञान एजेंसी ने कहा कि कोच्चि प्रीफेक्चर के एक क्षेत्र तीन घंटे के दौरान 26.3 सेंटीमीटर (10.4 इंच) बारिश ने 42 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अब से पहले यहां 1 9 76 में रिकॉर्ड बारिश हुई थी। भारी बारिश के बीच रविवार को क्यूशू और शिकोकू द्वीप के लिए नई आपदा चेतावनी जारी की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बचाव अभियान, लोगों की जान बचाना और विस्थापन का कार्य समय के खिलाफ एक लड़ाई है। उन्होंने कहा कि अब भी कई ऐसे लोग हैं जिनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी बाकी है। सरकार के शीर्ष प्रवक्ता योशिदी सुगा ने कहा कि बारिश संबंधी घटनाओं में 48 लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन अभी यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। सुगा ने कहा कि करीब 92 लोगों के ठिकानों का कुछ पता नहीं चल पा रहा है। उन्होंने कहा कि 100 से ज्यादा लोगों के हताहत होने की खबरें मिली हैं। उन्होंने बताया कि राहत अभियान में 40 के करीब हेलीकॉप्टर लगे हुए हैं। पश्चिम जापान में बारिश से हालात सबसे अधिक खराब हैं। कुछ गांव पूरी तरह डूब गए हैं, जहां मदद पहुंचने तक कुछ लोगों ने अपने घर की छतों पर पनाह ली। मूसलाधार बारिश से अचानक बाढ़ आ गई और भूस्खलन हुआ। इस कारण अधिकारियों को करीब 50 लाख लोगों को उनकी जगह से हटाना पड़ा। सैकड़ों लोग घायल हुए हैं और दर्जनों घर भी पूरी तरह तबाह हो गए। हिरोशिमा प्रांत के आपदा प्रबंधन अधिकारी योशीहीदी फुजीतानी ने कहा कि हम 24 घंटे बचाव अभियान चला रहे हैं। हम बचाए गए लोगों की देखरेख कर रहे हैं और जीवन के बुनियादी ढांचों पानी और गैस को बहाल करने के भी प्रयास जारी हैं। फुजीतानी ने कहा कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं। सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि एक विशेष आपदा प्रकोष्ठ का गठन भी किया गया है।

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