निर्भया केसः दरिंदों पर दया नहीं, सुप्रीम कोर्ट का फैसला- फांसी पर लटकेंगे सभी लाइव हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली Last updated: Mon, 09 Jul 2018 03:38 PM IST

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सुप्रीम कोर्ट ने साल 2012 के दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म मामले (निर्भया गैंगरेप केस) में फांसी की सजा के खिलाफ दोषियों की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रहेगी। मामले में मृत्युदंड की सजा पा चुके चार दोषियों में से तीन ने सुप्रीम कोर्ट में सजा के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की थी। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की खंडपीठ ने आरोपी विनय शर्मा, पवन गुप्ता और मुकेश सिंह की याचिकाओं पर ये फैसला सुनाया। दोषी अक्षय ठाकुर ने पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की थी। सुप्रीम कोर्ट ने चार मई को इस मामले में दोषियों की पुनर्विचार याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने 2017 के फैसले में दिल्ली हाईकोर्ट और निचली अदालत द्वारा 23 वर्षीय पैरामेडिक छात्रा से 16 दिसंबर 2012 को गैंगरेप और मर्डर के मामले में उन्हें सुनाई गई मौत की सजा को बरकरार रखा था। आरोपियों में से एक राम सिंह ने तिहाड़ जेल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। वहीं आरोपियों में एक किशोर भी शामिल था। उसे किशोर न्याय बोर्ड ने दोषी ठहराया था। उसे तीन साल सुधार गृह में रखे जाने के बाद रिहा कर दिया गया। मामले की सुनवाई के दौरान दोषियों की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने कहा कि यह केस फांसी की सजा का नहीं है। दोषियों को फांसी की सजा से राहत दे देनी चाहिए। सभी दोषी गरीब परिवार से वास्ता रखते हैं। तीनों आदतन अपराधी नहीं हैं। दोषियों को सुधरने के लिए एक मौका देना चाहिए। कोर्ट ने दोषियों के पक्षकार की एक भी दलील पर सहमति नहीं जताई। सभी दलीलों को खारिज करते हुए दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी गई। सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद निर्भया केस के सभी दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रहेगी। वहीं, चौथे दोषी अक्षय ने कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की थी। ऐसे में उसकी भी फांसी की सजा बरकरार रहेगी। निर्भया के तीनों दोषियों पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त फैसला आने के बाद निर्भया के पिता बदरीनाथ सिंह ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन था कि पुनर्विचार याचिका अदालत से खारिज हो जाएगी। लेकिन अब दोषियों को फांसी पर लटकाने में देरी नहीं करनी चाहिए। बहुत वक्त बीत चुका है। महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ते जा रहे हैं। दोषियों को जल्द से जल्द फांसी पर लटका देना चाहिए। तीनों को फांसी दे देना ही सही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्भया के दोषियों की पुनर्विचार याचिका खारिज किए जाने के बाद निर्भया की मां ने कहा कि इस फैसले के बाद न्याय प्रणाली पर हमारा विश्वास और मजबूत हुआ है। हमें न्याय का पूरा भरोसा है। यह भी भरोसा है कि दोषियों को फांसी जरूर होगी।

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