मिशन 2019: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज करेंगे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का शिलान्यास, आजमगढ़ में सपा-बसपा को चुनौती

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों के मद्देनजर शनिवार को आजमगढ़ के मंदुरी हवाई पट्टी पर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का शिलान्यास कर सपा और बसपा को उसके गढ़ में चुनौती देंगे। प्रधानमंत्री के आने की तैयारियों के बीच शुक्रवार शाम को आयोजन स्थल पर भगवा और सफेद कपड़ों से पाट दिया गया है। पीएम यहां पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के जरिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों के विकास का नया संदेश देने की कोशिश करेंगे। आजमगढ़ से 14 किलोमीटर दूर मंदुरी हवाई पट्टी पर आयोजित कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नई दिल्ली के बटला हाउस में मारे गए आतंकवादियों का गांव संजरपुर कार्यक्रम स्थल से केवल 30 किलोमीटर पर है। आयोजन स्थल को एसपीजी ने पिछले दो दिनों से अपने सुरक्षा घेरे में लिया हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर दो बार पुलिस और केन्द्रीय सुरक्षा बलों का रिहर्सल हो चुका है। आसपास के 26 जिलों की पुलिस तैनात की गई है। एडीजी स्तर के पुलिस अधिकारी सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे हैं। शनिवार को प्रधानमंत्री दोपहर 2 बजे वाराणसी के बाबतपुर हवाई अड्डे पर उतरेंगे। वहां से वे हेलीकॉप्टर से 2:20 बजे आयोजन स्थल पर पहुंचेंगे। साढ़े तीन बजे तक कार्यक्रम स्थल पर रहेंगे। उसके बाद वे हेलीकॉप्टर से बाबतपुर हवाई अड्डे पर पहुंच कर वहीं वाराणसी में रात्रि प्रवास करेंगे। दूसरे दिन रविवार को वे वाराणसी और मीरजापुर के कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। बारिश की आशंका को देखते हुए 400 मीटर का वाटरप्रूफ पंडाल बनाया गया है। आयोजन स्थल में 40 ब्लॉक बनाए गए हैं। प्रत्येक ब्लॉक में करीब दो हजार लोगों के बैठने की कुर्सियां लगी हुई हैं। इस तरह 40 हजार लोगों के लिए व्यवस्था की गई है। भाजपा नेताओं का दावा है कि बड़ा मैदान देखते हुए इसमें दो लाख लोगों के जुटने का अनुमान है। मंच से कुछ दूर शिलान्यास पट्टिका लगी हुई है। प्रधानमंत्री के रिमोट दबाते ही पट्टिका का अनावरण हो जाएगा। इसके साथ ही मंदुरी से पांच किलोमीटर दूर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निर्माण का शुभारम्भ कर दिया जाएगा। भाजपा के लिए लोकसभा चुनाव में आजमगढ़ की संसदीय सीट को अपनी झोली में डालना इसलिए अहम है, क्योंकि यहां के मौजूदा सांसद समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव हैं। अब जबकि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह यादव के मैनपुरी से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है, तो भाजपा हर हाल में इस सीट को जीतने की कोशिश में है। चाहे लोकसभा हो या विधानसभा चुनाव, आजमगढ़ उसकी कमजोर नस रही है। लोकसभा में केवल 2009 में ही भाजपा की ओर से रमाकांत यादव जीते थे। विधानसभा में 1991 की राम लहर हो या फिर 2017 की मोदी लहर, भाजपा इस जिले की 10 सीटों में से केवल एक ही सीट जीत पाई है। बाकी सभी सीटों पर सपा और बसपा ने जीत हासिल की। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में तो भाजपा यहां अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी।

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