2005 में हिरासत में हुई थी युवक की मौत, अब 2 पुलिसकर्मियों को मिली फांसी की सजा

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विशेष सीबीआई अदालत ने साल 2005 में 26 वर्षीय व्यक्ति की हिरासत में मौत के संबंध में दो पुलिस अधिकारियों को बुधवार को मौत की सजा सुनाई। सहायक सब इंस्पेक्टर के जीतकुमार और सिविल पुलिस अधिकारी एस वी श्रीकुमार इस मामले में पहले और दूसरे आरोपी थे। विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश जे नजीर ने दोनों को मौत की सजा सुनाई और प्रत्येक को दो लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया। ऐसा माना जा रहा है कि पहली बार है कि केरल में दो सेवारत पुलिस अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई गई है। मामले में तीन अन्य आरोपियों टी के हरिदास, ई के साबू और अजीत कुमार को सबूत नष्ट करने तथा साजिश रचने के लिए तीन साल की जेल की सजा सुनाई है। तीसरा आरोपी के वी सोमन की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी जबकि एक अन्य आरोपी वी पी मोहनन को अदालत ने पहले बरी कर दिया था। अदालत ने सभी आरोपियों पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार , उदयकुमार को चोरी के एक मामले के संबंध में हिरासत में लिया गया था और पुलिस द्वारा प्रताड़ित करने के बाद उसकी एक पुलिस थाने में मौत हो गई थी। पंजाब के मनसा जिले की एक अदालत ने 2016 में छह साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या मामले में बुधवार को एक व्यक्ति को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने मामले को दुर्लभ में दुर्लभतम बताया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जसपाल वर्मा की अदालत ने 2016 में बच्ची को अगवा करने, उससे बलात्कार और हत्या मामले में काला राम उर्फ काला सिंह को दोषी ठहराया। न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा है कि इस तरह के ‘ नृशंस कृत्य से पूरा समाज हिल जाता है और न्याय की मांग जोरदार तरीके से उभरती है।

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