यात्रियों और राजस्व के मामले में दिल्ली मेट्रो अन्य शहरों से आगे

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मेट्रो रेल के यात्रियों की संख्या और राजस्व के मामले में दिल्ली मेट्रो अन्य शहरों से आगे है। दिल्ली मेट्रो में हर रोज जहां करीब 26 लाख यात्री सफर करते हैं। वहीं, राजस्व के मामले में 2017-18 में यह बढ़कर 2612.80 करोड़ रुपये हो गया है। आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि दिल्ली मेट्रो में हर साल लगभग 26 लाख यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं। इसके बाद बेंगलुरु मेट्रो में औसतन 3.57 लाख लोग प्रतिदिन यात्रा करते हैं। चेन्नई मेट्रो में प्रतिदिन औसत यात्री की संख्या 44430, कोच्चि मेट्रो में 35644 और लखनऊ मेट्रो में 9562 है। पुरी ने बताया कि केन्द्र और राज्य सरकार की बराबर हिस्सेदारी से संचालित हो रही मेट्रो परियोजनाओं से राजस्व में इजाफा हो रहा है। इस मामले में दिल्ली मेट्रो का राजस्व साल 2014-15 में 1505.84 करोड़ रुपये से साल 2015-16 में 1649.19 करोड़ रुपये, 2016-17 में 1765.38 करोड़ रुपये और 2017-18 में 2612.80 करोड़ रुपये हो गया है। इस मामले में बेंगलुरु मेट्रो का 2014-15 में राजस्व 17.83 करोड़ रुपये, 2015-16 में 28.29 करोड़ रुपये, 2016-17 में 110.09 करोड़ रुपये और 2017-18 में 280.98 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने बताया कि कोच्चि और लखनऊ मेट्रो का संचालन एक वर्ष से हो रहा है, इसलिए इनके वार्षिक राजस्व के आंकड़े अभी नहीं मिल पाए हैं। पुरी ने स्पष्ट किया कि दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, कोच्चि, लखनऊ, अहमदाबाद, नागपुर, पुणे, मुंबई (लाइन तीन) और नोएडा में मेट्रो में केन्द्र और राज्य सरकार की बराबर हिस्सेदारी है। हैदराबाद और मुंबई (लाइन एक) मेट्रो परियोजना में केन्द्र सरकार की भागीदारी क्रमश: 11.5 और 20 प्रतिशत है। कोलकाता मेट्रो में शत प्रतिशत हिस्सेदारी केन्द्र सरकार की है। जबकि जयपुर मेट्रो शत प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित है। आवास एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि दिल्ली मेट्रो के तीसरे चरण के निर्माण में कोई देरी नहीं हुई है। पुरी ने गुरुवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो के तीसरे चरण में निर्माण कार्य में कोई देरी नहीं हो रही है और न ही इसकी लागत बढ़ी है। दिल्ली मेट्रो के तीसरे चरण में अभी कुल 190 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण होना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो के पहले दो चरणों में 14 साल में 190 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण किया गया। पहला चरण 1997 में और दूसरा चरण 2011 में शुरू हुआ था। उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (डीएमआरसी) ने सूचित किया है कि समय पर भूमि की अनुपलब्धता के कारण दिल्ली मेट्रो के तीसरे चरण के कुछ हिस्सों में काम की प्रगति में बाधा आयी है। पुरी ने कहा कि वर्तमान में, केंद्र सरकार को दिल्ली मेट्रो के तीसरे चरण की परियोजनाओं की बढ़ी हुई लागत का कोई प्रस्ताव नहीं प्राप्त हुआ है।

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