वाजपेयी की अंत्येष्टि में पीएम मोदी के पैदल चलने के फैसले ने सबको चौंकाया

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अपने नेता अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पैदल ही चल दिए। भाजपा मुख्यालय से जब अंतिम यात्रा वाहन चला तो मोदी चुपचाप पीछे चलने लगे। पसीने में सराबोरा पीएम करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर स्मृति स्थल पर पहुंचे। उनके साथ भाजपा अध्यक्ष के साथ-साथ तमाम भाजपा नेता मौजूद थे। इस दौरान एसपीसी और पुलिस को सुरक्षा इंतजाम में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। शनिवार को दोपहर करीब एक घंटे देरी से दो बजे भाजपा मुख्यालय से अटल जी की अंतिम यात्रा की शुरूआत हुई। जैसे ही अटल बिहारी वाजपेयी का पार्थिव शरीर दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित बीजेपी मुख्यालय से बाहर निकाला गया पीएम मोदी उनके पीछे चल पड़े। जब वे अपनी कार में नहीं बैठे तो वहां पर मौजूद सभी आश्चर्य में पड़ गए। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि तभी प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में लगे एसपीजी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी कि उत्तरी दिल्ली में स्मृति स्थल पर जहां वाजपेयी का अंतिम संस्कार होना है, वहां तक पीएम मोदी पैदल ही जाएंगे। प्रधानमंत्री को पैदल जाता देख भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, रेलवे मंत्री पीयूष गोयल समेत कुछ अन्य नेता भी उनके साथ हो लिए। प्रधानमंत्री मोदी उमस भरी में पसीने से भीगे हुए थे मगर गले में पड़े पटके से तो कभी हाथ में लिए रूमाल से पसीना पोछते हुए वह आगे बढ़ते रहे। वह बगैर किसी से बात किए चुपचाप पूर्व प्रधानमंत्री के अंतिम यात्रा वाहन के पीछे चल रहे थे। स्मृति स्थल पर मंत्रोच्चार, मुखाग्नि के बाद अंत तक वहीं रूके रहे। शुक्रवार को सुरक्षा इंतजाम में लगे सीनियर अधिकारी ने बताया- “ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि कोई प्रधानमंत्री इस तरह सार्जवनिक तौर पर अंत्यष्टि यात्रा में छह किलोमीटर चला हो। उनकी सुरक्षा को लेकर हमारे पास बहुत ही थोड़ा वक्त था। हालांकि, हम वीवीआईपी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सुरक्षा सामानों से लैस थे। हमारे पास इस बात क कोई सूची नहीं थी कि कौन-कौन पैदल चलेंगे। लेकिन हमने ऐसी पहले से तैयारी की थी। फिर भी, प्रधानमंत्री की पैदल चलना हमारे लिए आश्चर्य की बात थी।” सुरक्षा प्रोटोकॉल के मुताबिक, प्रधानमंत्री को जिन रास्तों से गुजरना होता है उसकी कुछ घंटे पहले ही घेराबंदी कर दी जाती है। ट्रैफिक को पूरी तरह से रोक दिया जाता है। सड़क के दोनों तरफ हथियार से लैस पुलिस के अफसरों को तैनात किया जाता है। कोई बाहरी शख्स को रास्ते में खड़ा नहीं होना चाहिए। शुक्रवार को, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य नेता अंत्येष्टि यात्रा में दीन दयाल मार्ग से होते हुए व्यस्ततम इलाके जैसे पुरानी दिल्ली के दरियागंज से होते हुए स्मृति स्थल तक पहुंचे। हालत ये थी कि पार्टी कार्यालय में मौजूद बीजेपी के नेता भी प्रधानमंत्री के इस फैसले से हैरान थे।

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