अब जंगली जानवरों की होगी जीपीएस सिस्टम से निगरानी

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मुजफ्फरपुर। वाल्मीकि टाईगर रिजर्व में जंगल व जानवरों की सुरक्षा को लेकर सभी वन क्षेत्रों में हाई अलर्ट कर जारी कर चौकसी बढ़ा दी गई है। जंगल व अपने अधिवास क्षेत्र से भटके जानवरों की निगरानी के लिए वन क्षेत्रों में टीम का गठन किया गया है। गंडक नदी समेत जंगल से होकर गुजरी विभिन्न पहाड़ी नदियों में बाघों समेत विभिन्न जानवरों की निगरानी के लिए जीपीएस सिस्टम से लैस वनकर्मियों की तैनाती की जा रही है। साथ ही वाल्मीकिनगर से मंगुराहां तक उत्तारांचल के सुदूरवर्ती वन क्षेत्रों मे शिकार निरोधी शिविर, वाच टावर के सहारे शिकारी तस्करों और जानवरों की निगरानी कर दी गई है। वन प्रमंडल एक और दो के वाल्मीकिनगर, गोनौली,हरनाटांड़, चिउटाहां, मदनपुर,गोवर्धना,रघिया वन क्षेत्रों में बरसात को लेकर लॉग रेंज पेट्रॉ¨लग शुरू की गई है। इसमें वन क्षेत्रों मे तैनात पेट्रॉ¨लग पार्टी,टाइगर टेकर,एपीसी,होमगार्ड जवान आदि शामिल है। वन क्षेत्रों मे जहां बरसात मे बाढ़ की आशंका है। वहां तैराक दलों की तैनाती की जा रही है। वीटीआर के फिल्ड डॉयरेक्टर एस. चन्द्रशेखर ने बताया कि मानसून में जंगल व जानवरो की निगरानी के लिए वन क्षेत्रों में अलग-अलग टीम का गठन किया जा रहा है। दोनों प्रमंडल के वन क्षेत्रों में करीब सौ टीमे बनेगी। यह टीम मानसून संसाधन के साथ जंगल व जानवरों की निगरानी करेंगे। मानसून में विशेष अभियान के मॉनीट¨रग डीएफओ गौरव ओझा व अम्बरीश कुमार मल्ल करेंगे। मानसून सीजन में 24 घंटे खुला रहेगा वायरलेस
वीटीआर में जंगल व जानवरों की सुरक्षा को ले चलाए जा रहे विशेष अभियान के समय वीटीआर के सभी वन क्षेत्रों का वितंतु खुला रहेंगे। किसी तरह कि आपातकालीन सूचनाएं जिला व राज्य वन्य मुख्यालय को दी जाएगी। इसको लेकर सभी वन क्षेत्रो के वारलेस सेट को चुस्त-दुरूस्त किया जा रहा है।

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