बिहटा में खुलेगा नया टेक्नोलॉजी सेंटर, 130 करोड़ होगा निवेश

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बिहटा में नया टेक्नोलॉजी सेंटर खुलेगा. इसमें 130 करोड़ रुपये का निवेश केंद्र सरकार करेगी. इससे भवन निर्माण होगा और अत्याधुनिक मशीनों की खरीद की जायेगी. इसके लिए बिहार सरकार ने 15 एकड़ जमीन का नि:शुल्क आवंटन किया है. इस सेंटर के शुरू होने पर प्रतिवर्ष करीब 8500 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा. इससे प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे. ये बातें सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरिराज सिंह ने कहीं. वे मंगलवार को पटना स्थित टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर (टीआरटीसी) की कर्मशाला सह कक्षा एवं छात्रावास भवन के शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के उद्योग विभाग की मांग पर प्रदेश के पांच पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्र-छात्राओं को उनका मंत्रालय प्रशिक्षित करने करने के लिए तैयार है. इसके लिए उन्होंने प्रदेश सरकार के अधिकारियों को मसौदा तैयार करने का निर्देश दिया है. इसका एमओयू किया जायेगा. उन्होंने कहा कि इसका राजनीतिक मकसद नहीं, बल्कि विकास की गति को बढ़ावा देना है. केंद्र और राज्य में एनडीए की सरकार है. ऐसे में डबल इंजन की सरकार में यह संभव है.

पांच पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्र-छात्राओं को एमएसएमई मंत्रालय और टीआरटीसी से प्रशिक्षित कराने की मांग उद्योग विभाग के मंत्री जय कुमार सिंह और प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ ने की थी. एग्रो कलस्टर बनाने के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री ने बिहार सरकार से एक महीने में अतिरिक्त 15 एकड़ जमीन की मांग की. उन्होंने कहा कि इस पर मेंथा और अरोमा की खेती करेंगे जिसका फायदा बिहार के करीब दो लाख किसानों को होगा.

प्रत्येक जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज और अनुमंडल में आईटीआई खुलेंगे : मोदी : उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि प्रत्येक जिले में एक इंजीनियरिंग कॉलेज और अनुमंडल में आईटीआई खोले जायेंगे. तकनीकी पढ़ाई से कौशल और हुनर मिलेगा. स्वरोजगार के लिए युवाओं को बैंकों से ऋण दिलाने में सरकार मदद करेगी. चीनी मिलों की करीब 2200 एकड़ जमीन दो-तीन महीने में प्राप्त हो जायेगी. इससे नये उद्योग लगाने में मदद होगी. उद्योग मंत्री जय कुमार सिंह ने कहा कि टीआरटीसी से प्रशिक्षित 178 युवाओं को जीई में नौकरी मिली है.

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि देश में एक राजकुमार हैं, जिन्हें यह नहीं पता कि रोजगार किसे कहते हैं. वे अपने पूर्वजों के बारे में पता करें कि उन्होंने कौशल विकास का कौन-सा काम किया. नरेंद्र मोदी की सरकार में चार साल के दौरान 18 लाख एंटरप्रन्योर देश में बने. एमएसएमई ने दो करोड़ लोगों को रोजगार दिया.

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