कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष का हंगामा, विस की कार्यवाही स्थगित, तेजस्वी ने कहा- सरकार सवालों से भाग रही

0
530

शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में मंगलवार को पूरा विपक्ष राज्य में कानून व्यवस्था का सवाल खड़ा कर बेल में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. विपक्ष की ओर से कार्यस्थगन लाया गया, लेकिन विधानसभाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने नियमों का हवाला केकर इसे नामंजूर कर दिया. इसके बाद कांग्रेस, राजद, भाकपा माले के सदस्य बेल में आकर हंगामा करने लगे. आसन ने कई बार सदस्यों से शांत रहने और सदन चलाने की अपील की. आसन ने सभी को सीट पर जाने को कहा, लेकिन आसन की अपील का कोई असर नहीं हुआ.

इसके बाद अध्यक्ष ने भोजनावकाश तक के लिए कर्यवाही स्थगित कर दी. सदन मुश्किल से दस मिनट चला. विपक्ष ने सदन के बाहर भी इन्हीं सवालों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की. सदन में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों से भाग रही है.

सर्वदलीय कमेटी बना कर हो घोटालों की जांच तेजस्वी यादव ने सृजन तथा दरभंगा-मुजफ्फरपुर के ट्रेजरी घोटाले की जांच विधानसभा की सर्वदलीय कमेटी से कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अगर ट्रेजरी घोटाले की अच्छे से जांच करायी जाये तो यह बिहार का सबसे बड़ा घोटाला साबित होगा.

पहले सत्र की समाप्ति के बाद कांग्रेस नेता सदानंद सिंह व माले नेता महबूब आलम के साथ विधानसभा पार्टिकों में पत्रकारों से बातचीत करते हुए तेजस्वी ने कहा कि सरकार ने मुख्यमंत्री से जुड़े गृह विभाग के पूरे सवाल ही प्रश्नकाल से गायब कर दिये. क्या हमें सरकार से सवाल पूछने का हक नहीं है? सीएम अगर जवाब नहीं देंगे तो विपक्ष कहां जायेगा?

तेजस्वी यादव ने कहा है कि सीतामढ़ी में पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में अल्पसंख्यक जैनुल की हत्या कर दी गयी. सरकार की विफलता का ही नतीजा है कि राज्य में अपराध में भारी बढ़ोतरी हो रही है. राजधानी पटना में संज्ञेय अपराध में इजाफा हुआ है. उन्होंने सीतामढ़ी की घटना की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर सरकार इस पर तैयार नहीं होगी तो पूरा विपक्ष इस मामले को लेकर सीतामढ़ी में मार्च निकालेगा. वे विधानसभा स्थित अपने कक्ष में पत्रकारों से बात कर रहे थे.

तेजस्वी ने कहा कि राज्य में विधि-व्यवस्था रसातल में पहुंच गयी है. संज्ञेय सहित महिला अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है. सरकार पूरी तरह फेल हो गयी है. अपराधी बेलगाम हैं. सरकार प्रश्नकाल को लेकर भी गंभीर नहीं है. उन्होंने कहा कि राज्य में 2016 में संज्ञेय अपराध की संख्या 189681 थी. 2017 में यह बढ़कर 236037 हो गयी. इस साल अक्तूबर तक राज्य में संज्ञेय अपराधों की संख्या 174838 है.
मंगलवार को विधान परिषद में विपक्ष के हंगामे के दौरान सदन को ऑर्डर में लाने की मांग सत्ता व विपक्ष दोनों ओर से होती रही. सदन में विपक्ष के हंगामे पर ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि सदन नियमानुसार चलना चाहिए. पीएचईडी मंत्री विनोद नारायण झा ने कहा कि विपक्ष भाषणबाजी कर रहा है. वहीं भाजपा के प्रो नवल किशोर यादव ने कहा कि बेल में भी बोला जा रहा है. सीट पर खड़े होकर भी विपक्षी सदस्य बोल रहे हैं.

दोनों एक साथ कैसे चलेगा. विपक्ष द्वारा मुख्यमंत्री पर आरोप लगाये जाने पर जदयू के रणवीर नंदन सहित अन्य सदस्यों ने विरोध किया. राजद के डॉ रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि सदन को ऑर्डर में लाकर चलाने का काम होना चाहिए. विपक्ष के मुद्दे पर बहस करा कर हाउस को चलाएं. कार्यकारी सभापति मो हारुण रशीद विपक्ष से अपने मुद्दे को ध्यानाकर्षण अथवा शून्यकाल में उठाने का आग्रह करते रहे, लेकिन विपक्ष ने उनका आग्रह ठुकरा दिया.

पटना : राज्य में विधि-व्यवस्था खराब होने, लूट-पाट, हत्या, अपहरण सहित अन्य आपराधिक घटनाओं में वृद्धि का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने मंगलवार को विधान परिषद में जमकर हंगामा किया. विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही लगभग 44 मिनट ही चली. विपक्ष के हंगामे के बीच प्रश्नोत्तरकाल भी चला. इसमें संबंधित विभाग के मंत्रियों ने जवाब दिया.

विपक्ष के बेल में पहुंच कर जोर-जोर से सरकार के खिलाफ नारा लगाने की वजह से मंत्रियों द्वारा दिये जा रहे जवाब स्पष्ट सुनायी नहीं दिये. सदन की पहली पाली की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष की ओर से सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताते हुए कार्य स्थगन प्रस्ताव लाया गया.
कार्य स्थगन प्रस्ताव हुआ अस्वीकृत : राजद के सुबोध कुमार ने कार्य स्थगन प्रस्ताव लाया. विपक्ष द्वारा लाये गये कार्य स्थगन प्रस्ताव को विधान परिषद के कार्यकारी सभापति मो हारुण रशीद ने नियमन का हवाला देते हुए अस्वीकृत कर दिया.

इसके बाद विपक्षी सदस्य बेल में आकर नारेबाजी करने लगे. इस दौरान नेता विरोधी दल राबड़ी देवी अपनी सीट पर खड़ी हो गयीं और कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त है. हंगामे के कारण मात्र 25 मिनट बाद ही सदन की कार्यवाही दिन के ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी.

ढाई बजे के बाद जब सदन की दूसरी पाली की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष फिर से हंगामा करने लगा. लगभग 19 मिनट बाद ही कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गयी. नारेबाजी के बीच में ही विपक्ष के सदस्यों द्वारा अलग तरह की आवाज हू, हू निकाली गयी.

इस आवाज पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कार्यकारी सभापति की तरफ मुखातिब होते हुए कहा कि यह आवाज मानव की नहीं है. सदन में कौन सा जीव आ गया है.

वहीं, डॉ रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि जिन मुद्दों पर बहस कराने की मांग की जा रही है. अगर यह असत्य है तो वे सदन से इस्तीफा देने को तैयार हैं. गैरसरकारी संकल्प में सदस्यों को मात्र पांच मिनट बोलने का मौका : गैरसरकारी संकल्प में सदस्य अपने मुद्दे पर अब मात्र पांच मिनट ही बोल पायेंगे.

ताकि अधिक से अधिक गैर सरकारी संकल्प पर चर्चा हो सके. विधान परिषद में सदस्यों ने इस पर अपनी सहमति दी. गैरसरकारी सदस्यों के विधेयक व संकल्प संबंधी समिति के अध्यक्ष गुलाम रसूल ने समिति का 189वां प्रतिवेदन की प्रति सदन में रखते हुए इस पर स्वीकृति मिलने का आग्रह किया. कार्यकारी सभापति ने सदस्यों से इस पर सहमति मांगी. सत्ता पक्ष के सदस्यों ने अपनी सहमति व्यक्त की.

सदन में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बिहार माल और सेवा कर अधिनियम व विद्वुत शुल्क अधिनियम के अंतर्गत निर्गत अधिसूचनाओं की प्रति सदन में रखा. प्रभारी मंत्री मंगल पांडेय ने राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय का वित्तीय वर्ष 2012-13 व 2013-14 का महालेखागार से प्राप्त पृथक अंकेक्षण प्रतिवेदन पर विश्वविद्यालय स्तर से की गयी कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.