करतारपुर की मिट्टी ले भारत लौटीं हरसिमरत, गुरुद्वारे में धोए बर्तन

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पाकिस्तान में बुधवार को करतारपुर कॉरिडोर का शिलान्यास किया गया. इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल करतारपुर से मिट्टी लेकर घर लौटी हैं. सिखों के पहले गुरु और पंथ के संस्थापक नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष करतारपुर में ही गुजारे थे. पाकिस्तान में करतारपुर गलियारे की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में शामिल होने गईं कौर वहां करतारपुर गुरुद्वारे से अपने पति और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के लिए फूलों का प्रसाद और चपातियां भी लेकर आई हैं. केंद्रीय मंत्री पाकिस्तान में गुरुद्वारे के दर्शन के लिए जाते वक्त भावुक भी हो गईं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हमें कोई बुलावा देने वाला नहीं फिर भी नानक देव की कृपा से हमें यह मौका मिल रहा है. कौर ने कहा कि सिख समुदाय के लिए यह काफी भावुक क्षण हैं जब उनकी मनोकामना पूरी हो गई है. हरसिमरत कौर ने करतारपुर गुरुद्वारे में आयोजित लंगर में आम लोगों के साथ बैठकर प्रसाद लिया. उन्होंने कॉरिडोर खुलने के फैसले को गुरु नानक देव का चमत्कार बताया और दोनों मुल्कों की सरकारों का आभार जताया. भारत में भी 26 नवंबर को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने इस कॉरिडोर का शिलान्यास किया था. इसके बाद पाकिस्तान के बुलावे पर दोनों केन्द्रीय मंत्री भारत सरकार के प्रतिनिधियों के रूप में पाकिस्तान सरकार की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे. पाकिस्तान में आधारशिला रखे जाने के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद कौर और उनके कैबिनेट सहयोगी हरदीप सिंह पुरी बुधवार की शाम देश लौट आए. पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी वहां निजी हैसियत में मौजूद थे. पूर्व क्रिकेटर सिद्धू पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के दोस्त हैं और उन्हें इमरान की ओर से इस कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया गया था. हरदीप पुरी ने कहा कि उन्हें आशा है कि भारत-पाकिस्तान सीमा के दोनों ओर करतारपुर गलियारा बनाने में अब कोई रोड़ा नहीं आएगा. कौर और पुरी दोनों बुधवार की सुबह अटारी-वाघा सीमा से होते हुए पाकिस्तान गए थे. इमरान खान ने कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान सिद्धू की जमकर तारीफ की और उन्हें शांति का दूत बताया, जो दोनों मुल्कों को करीब लाने की कोशिश कर रहे हैं.

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