उपमुख्यमंत्री व स्वास्य मंत्री 11 से अमेरिका यात्रा पर

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उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी एवं स्वास्य मंत्री मंगल पांडेय ‘‘सेंटर फॉर स्ट्रेटजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज वाशिंटन’, अमेरिका के अन्तर्गत ‘‘ग्लोबल हेल्थ पॉलिसी’ के निमंतण्रपर 10 दिवसीय दौरे पर 11 दिसम्बर को अमेरिका के लिए प्रस्थान करेंगे। वाशिंगटन में आयोजित कार्यक्रम में बिहार के स्वास्य क्षेत्र में हुए सुधार का मातृत्व, नवजात शिशु एवं शिशु स्वास्य पर हुए प्रभाव पर अमेरिका के स्वास्य क्षेत्र के नीति निर्धारकों, गैर सरकारी संस्थाओं के साथ विमर्श करेंगे। इसके अतिरिक्त सैन फांसिस्को में स्टेनफोर्ड विविद्यालय, एटलांटा में सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल तथा अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त केपी इंटरनेशनल अस्पताल श्रृंखला का भी भ्रमण कर अमेरिका की स्वास्य व्यवस्था, नर्सिग प्रशिक्षण, दवा की सप्लाई चेन मैनेजमेंट व्यवस्था का अध्ययन करेंगे। बिहार सरकार के दोंनों वरिष्ठ मंत्री सैन फ्रांसिस्को में गूगल एवं एटलांटा में माइक्रोसॉफ्ट के मुख्यालय का भी भ्रमण करेंगे। इसके अलावा अमेरिका में बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन तथा केयर के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय में शिशु एवं मातृत्व मृत्यु दर, परिवार नियोजन, टीकाकरण का स्वास्य एवं पोषण पर हुए प्रभाव की विस्तृत समीक्षा करेंगे। दौरे के अंतिम दिन वाशिंगटन में विश्व बैंक द्वारा संपोषित जीविका कार्यक्रम की उपलब्धियों की विश्व बैंक के अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगे।विदेशी निवेश लाने में भारत ने चीन को पछाड़ा : राजीव रंजनपटना। वर्तमान सरकार में देश की अर्थव्यवस्था के लगातार मजबूत होने का दावा करते हुए भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक राजीव रंजन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की सबल आर्थिक नीतियों की बदौलत भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि यह देश को आगे बढ़ाने के लिए मोदी जी के संकल्प का ही असर है कि महज चार सालों में भारत अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में चीन को कड़ी टक्कर देने लगा है। श्री रंजन ने कहा कि विदेशी निवेश के मामले में भी यह साल चीन की तुलना के भारत के लिए बेहतर रहा है। मोदी सरकार में दक्षिण एाियाई देशों में चीन के मुकाबले भारत में करीब 20 साल बाद फिर से अधिक निवेश होने जा रहा है। ग्लोबल फाइनोंियल कंटेंट कंसल्टिंग कंपनी डियालजिक के मुताबिक, इस साल अभी तक विदशी कंपनियों ने भारत में 38 अरब डलर का निवेश किया है, जबकि इसी दौरान चीन की कंपनियों में 32 अरब डलर का ही निवेश हुआ है। भारत में विदेशी कंपनियों का यह निवेश मुख्यत: उपभोक्ता और रिटेल क्षेत्र में हुआ है। दुनिया भर की कंपनियों का भारत के प्रति बढ़ता यह आकर्षण अनायास नही है बल्कि देश के कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने के लिए मौजूदा सरकार द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों का नतीजा है। याद करें तो, प्रधानमन्त्री जी ने सत्ता संभालते ही विभिन्न क्षेत्रों में विकास की गति तेज की और देा में बेहतर कारोबारी माहौल बनाने की दिशा में भी काम करना शुरू किया था जिसके तहत बड़े, छोटे, मझोले और सूक्ष्म सुधारों सहित कुल 7,000 उपाय (सुधार) किए गए हैं। यही वजह है कि इन चार वषों में देश के कारोबारी माहौल में पहले के मुकाबले अभूतपूर्व अंतर आया है। विश्व बैंक ने भी केंद्र के सुधारों पर अपनी मुहर लगाते हुए अपने इस वर्ष की ‘‘ईज अफ डूइंग बिजनेस’ सूची में भारत को गत वर्ष के 100वें स्थान से उपर उठाते हुए 77वां स्थान दिया है।। याद करें तो 2014 में भारत इस सूची में 142वें स्थान पर था। जाहिर है कि मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे आर्थिक उपाए सही दिशा में जा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था का और मजबूत होना निश्चित है।

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