शादी पक्की होने के बाद से ही डिप्रेशन में थी स्निग्धा, जांच जारी

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रिटायर्ड आईजी उमाशंकर सुधांशु की बेटी स्निग्धा सुधांशु की दर्दनाक मौत के बाद सोमवार को घर पर स्यापा पसरा हुआ रहा. घर में लोग कभी शांत होते तो कभी दहाड़े मारकर रोने लगते. आंखों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहा है. सबसे ज्यादा स्निग्धा की मां और दोनों बहने घटना से दुखी हैं. मां को गहरा धक्का लगा है. क्योंकि जब से स्निग्धा की शादी तय हुई थी तभी से वह डिप्रेशन में आ गयी थी. उसके व्यवहार और बगावत को देखते हुए उसका ख्याल रखने के लिए कोलकाता में स्निग्धा के साथ उसकी मां भी रहती थी. जब-जब स्निग्धा शादी को लेकर अव्यवहारिक होती थी, तब-तब उसकी मां उसे संभालती थी. स्निग्धा की बहनें भी उसे काफी स्पोर्ट और आत्मबल देती थी, लेकिन इन सबसे स्निग्धा उबर नहीं पा रही थी. उसका डिप्रेशन शादी की तारीख करीब आते-आते बढ़ता चला गया. जब उसे लगा कि अब कोई रास्ता नहीं है तब उसने सुसाइइ का फैसला किया. परिवार को समझाने और संभालने का नहीं दिया मौका : रविवार को जब डॉक्टर स्निग्धा ने दुनिया से अलविदा कहा तो मां-बाप के पास समझाने और संभालने का मौका नहीं था. वह घर-परिवार से काफी दूर हो गयी थी. जमीन से काफी ऊंचाई पर एक अपार्टमेंट के टेरिस पर खड़ी होकर जिंदगी और मौत के बीच होने वाले संघर्ष के दौर से गुजर रही थी. फिलहाल घटना के बाद सोमवार को स्निग्धा के आवास पर मातमी सन्नाटा पसरा रहा. पड़ोसियों के अलावा दूर-दूर के नात-रिश्तेदार, मित्रगण पहुंच रहे थे. परिवार में परिचितों के पहुंचने पर सिसकियां तेज हो जा रही थीं. लोग एक दूसरे को संभालने में जुटे रहे. स्निग्धा के मोबाइल फोन व व्हाट्सएप को खंगाल रही है पुलिस : स्निग्धा की मौत के बाद पुलिस ने उसका मोबाइल फोन बरामद किया था. अब इसका सीडीआर निकाला जा रहा है. इसके अलावा व्हाट्सएप को भी चेक किया गया है. हालांकि इस केस में यूडी केस दर्ज होने के बाद पुलिस को जांच करने के लिए कुछ शेष नहीं बचा है लेकिन जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल की रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक मामला संदेह के घेरे में है.एफएसएल के एक्सपर्ट ने बताया कि घटना स्थल से ब्लड का सैंपल लिया गया है. उसकी जांच की जा रही है. कोतवाली थाना इलाके में स्थित उदय गिरी अपार्टमेंट से कूद कर खुदकुशी करने वाली पूर्व आईजी उमाशंकर सुधांशु की बेटी स्निग्धा के मामले में यूडी केस दर्ज कर लिया गया है. यह मामला गाड़ी चालक कृष्णा नंद यादव के बयान पर दर्ज किया गया है. पुलिस के समक्ष चालक ने जानकारी दी है कि उसे सात बजे सुबह में स्निग्धा ने फोन किया था और तुरंत घर पर बुलाया था. इसके बाद वह तुरंत ही वहां पहुंच गया. इसके बाद स्निग्धा ने बोला कि उसको दीदी के घर वाले रास्ते में जाना है. वह उदयगिरी अपार्टमेंट के पास पहुंची और उसे गाड़ी में ही नीचे रहने को कहा और अकेले ही ऊपर चली गयी. इसके कुछ देर बाद धड़ाम से आवाज हुई. लोगों की भीड़ जमा हो गयी और वह भी वहां पहुंचा तो पाया कि स्निग्धा खून से लथपथ गिरी पड़ी है. इसके बाद उसने उसकी पहचान की. चालक ने जानकारी दी है कि वह चार-पांच दिनों से उसे लेकर निकलती थी और साथ में स्टूल भी गाड़ी के अंदर रखती थी. वह पहले बेली रोड में एक अपार्टमेंट में गयी थी और वहां से वापस लौट गयी थी. इसके बाद वह बोरिंग रोड चौराहे पर एक मॉल के ऊपर भी गयी थी. लेकिन, वहां से भी वह वापस लौट गयी. शनिवार को वह माैर्या होटल के बगल के भवन में गयी. लेकिन, वहां से भी लौट गयी थी. इस मामले में दीदी के रास्ते की बात सामने आने पर पुलिस ने उससे दीदी के संबंध में जानकारी लेनी चाही, तो चालक ने जानकारी होने से अनभिज्ञता जतायी. पुलिस को यह जानकारी दी गयी कि वह जब भी कहीं जाती थी तो उसे सड़क पर ही गाड़ी में रहने को कहती थी. …इधर, कोतवाली पुलिस ने स्निग्धा के मोबाइल फोन को भी खंगाला. हालांकि, मोबाइल फोन से कोई विशेष जानकारी नहीं मिली. सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट के कारण मौत होना बताया गया है. सूत्रों के अनुसार स्निग्धा कोलकाता में ही पीजी की पढ़ाई कर रही थी. उसके पिता 2017 में रिटायर हुए थे. मां स्निग्धा के साथ ही किराये का फ्लैट लेकर कोलकाता में रहती थी. लेकिन, चार माह पूर्व ही स्निग्धा व उनकी मां पटना के पश्चिमी पटेल नगर स्थित आवास पर आकर रहने लगे थे. इसके बाद से फिर स्निग्धा वापस अपने कोलकाता स्थित कॉलेज नहीं गयी थी. उसकी शादी एक साल पहले ही ठीक हुई थी और शादी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी. इसी दौरान उसने उदय गिरि अपार्टमेंट की छत से कूद कर खुदकुशी कर ली. सात साल से चालक के रूप में पूर्व आईजी के साथ है कृष्णा : कृष्णा सात साल से चालक के रूप में पूर्व आईजी के साथ ही है. वह बिहार पुलिस का चालक है. आईजी जब रिटायर हुए तो उसके बाद भी वह उनकी गाड़ी चलाता था. काफी समय से वहां काम करने के कारण चालक को सभी परिवार के सदस्य मानते हैं. रविवार को कर ली थी खुदकुशी : कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित उदय गिरि अपार्टमेंट की टेरिस से पूर्व आईपीएस की बेटी स्निग्धा ने रविवार को आठ बजे सुबह में कूद कर खुदकुशी कर ली थी. घटना की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने उदय गिरी अपार्टमेंट की टेरिस से स्निग्धा का मोबाइल फोन व चश्मा बरामद किया था. बताया कि वह काफी सरल स्वभाव की थी और काफी कम बोलती थी. उनका सबके साथ व्यवहार काफी अच्छा था. जिसके कारण उसे वह अपनी बेटी की तरह मानता था. इतना कह कर चालक कृष्णा रो पड़ा. रिटायर्ड आईजी उमाशंकर सुधांशु के घर पर उनकी गाड़ी को बिहार पुलिस का चालक हवलदार कृष्णा यादव चला रहे थे. इससे यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि सरकारी चालक रिटायर्ड आईजी को कैसे मिल गया? आईजी दरभंगा प्रक्षेत्र से 2017 में रिटायर हुए थे. इसके बावजूद उनके चालक को उनकी सेवा से नहीं हटाया गया.

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