तीन तलाक बिल लोकसभा में पेश, हंगामे के चलते नहीं चल सका प्रश्नकाल

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में तीन तलाक का बिल पेश किया. केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक का बिल पेश किया. हालांकि राफेल मामले में राहुल गांधी से माफी की भाजपा सदस्यों की मांग, कांग्रेस सदस्यों की जेपीसी की मांग सहित अलग अलग मुद्दों पर विभिन्न दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिये स्थगित कर दी गई. इससे पहले सरकार तीन तलाक बिल को मंजूरी दिलाने में नाकाम रही थी और इसे अध्यादेश के रास्ते लागू कराया था. यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं को एक साथ तीन तलाक के खिलाफ संरक्षण देने के लिए लाया गया है.

सोमवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने जाम्बिया के संसदीय शिष्टमंडल के विशेष कक्ष में मौजूद होने की जानकारी दी. इसके बाद उन्होंने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने को कहा, अन्नाद्रमुक सदस्य कावेरी नदी पर बांध का निर्माण रोकने की मांग करते हुए अध्यक्ष के आसन के पास आ गए.

तेलुगुदेसम पार्टी सदस्य आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करते हुए हाथो में तख्तियां लेकर आसन के पास आ गए. वहीं कांग्रेस सदस्य राफेल मामले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग करते हुए आसन के समीप आ गए. भाजपा सदस्य राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आलोक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग कर रहे थे. भाजपा के मुख्य सचेतक अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी को राफेल मामले में सदन में माफी मांगनी चाहिए.

भाजपा सदस्य अपने स्थानों पर खड़े होकर अपने हाथों में पोस्टर लहरा रहे थे जिस पर लिखा था कि ‘राफेल पर झूठ को लेकर राहुल गांधी माफी मांगें.’ अध्यक्ष ने सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और सदन की बैठक चलने देने का आग्रह किया. लेकिन हंगामा थमता नहीं देख उन्होंने कार्यवाही शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिये स्थगित कर दी.

राज्य सभा पांच मिनट बाद ही कल तक के लिए स्थगित
कावेरी जल, आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा, राफेल सौदे सहित अलग अलग मुद्दों पर विभिन्न दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक सोमवार को शुरू होने के करीब पांच मिनट बाद ही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई. संसद के शीतकालीन सत्र में उच्च सदन में लगातार हंगामा होने की वजह से अब तक एक बार भी शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाये हैं.

आज भी यही स्थिति रही. बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए. इसके बाद उन्होंने कहा कि पिछले दिनों आए गजा चक्रवात और तितली चक्रवात की वजह से हुई तबाही पर चर्चा के लिए उन्होंने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत दिए गए नोटिस स्वीकार कर लिए हैं.

नायडू ने यह भी बताया कि उन्होंने महंगाई पर चर्चा के लिए सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद द्वारा दिया गया नोटिस और अन्न संकट पर चर्चा के लिए तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन तथा सपा के रामगोपाल यादव का नोटिस भी स्वीकार कर लिया है.

उनकी बात पूरी भी नहीं हो पाई थी कि अन्नाद्रमुक एवं द्रमुक के सदस्य तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच चल रहे कावेरी जल विवाद के स्थायी समाधान की मांग करते हुए आसन के समक्ष आ गए. उनके हाथों में अपनी मांग के समर्थन में तख्तियां थीं.

आंध्रप्रदेश के सदस्य भी अपने प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग करते हुए तख्तियां ले कर आसन के समक्ष आ गए. विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उन्होंने राफेल विमान सौदे पर उच्चतम न्यायालय को कथित तौर पर गुमराह किए जाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दिया है. नायडू ने आजाद से कहा कि उन्हें उनका नोटिस तो मिला है लेकिन यह मुद्दा फिलहाल उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है.

इसी बीच, सत्ता पक्ष और विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों के बीच राफेल विमान सौदे को लेकर आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गए. सत्ता पक्ष के सदस्य अपने स्थान से आगे आ कर कांग्रेस अध्यक्ष से माफी की मांग कर रहे थे वहीं कांग्रेस के सदस्य फ्रांस से राफेल विमानों की खरीद संबंधी सौदे को लेकर उच्चतम न्यायालय को कथित तौर पर गुमराह करने का आरोप लगाने लगे.

उन्होंने सदस्यों से शांत रहने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की लेकिन अपनी बात का असर होते नहीं देख सभापति ने 11 बज कर करीब पांच मिनट पर ही बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया.

इससे पहले बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधु को चीन में संपन्न विश्व टूर फाइनल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर पूरे सदन की ओर से बधाई दी गई.

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