कर्जमाफी बना चुनावी जीत का फॉर्मूला, 2014 से 11 राज्यों में हो चुका है माफ

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देश में सबसे पहले किसानों की कर्ज माफी पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने की थी. 28 साल के बाद भी कर्ज माफी चुनावी जीत का सबसे हिट फॉर्मूला है. हाल ही में इस वादे ने कांग्रेस को तीन राज्यों की सत्ता में वापसी करा दी. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों ने सोमवार को शपथ लेने के चंद घंटे के अंदर ही कर्ज माफी का ऐलान कर दिया. जबकि राजस्थान की गहलोत सरकार ने बुधवार को इस मुद्दे पर कदम उठाया.

किसानों के लिए पहली कर्ज माफी 1990 में वीपी सिंह सरकार ने की थी. उन्होंने देश के किसानों का 10 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया था. इसके बाद से समय-समय पर सरकारें किसानों की कर्ज माफ करती रही हैं.

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बाद अब राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने भी कर्जमाफी की घोषणा की है. राजस्थान में भी 2 लाख रुपए तक के कर्ज माफ किए जाएंगे. इससे राज्य सरकार का 18 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा. वहीं, मध्य प्रदेश में 35 हजार करोड़ रुपए और छत्तीसगढ़ में 61 सौ करोड़ की कर्ज माफी का ऐलान हुआ है. इसके अलाव असम में बीजेपी सरकार ने भी किसानों के 25 हजार करोड़ रुपए कर्ज माफ किए हैं. इसी के साथ असम में 600 करोड़ रुपए कर्ज माफ किए गए है.

2014 के बाद कब, कहां और कितनी हुई कर्ज माफी

2014 में आंध्र प्रदेश ने 43 हज़ार करोड़ रुपए

2016 में तमिलनाडु में 5 हजार 780 करोड़ रुपए

2017 अप्रैल में उत्तर प्रदेश में 36 हज़ार करोड़ रुपए

2017 जून में महाराष्ट्र में 34 हज़ार करोड़ रुपए

2017 जुलाई में कर्नाटक में भी 34 हज़ार करोड़ रुपए
2017 सितंबर में राजस्थान में 20 हज़ार करोड़ रुपए

2017 सितंबर में ही पंजाब में 10 हज़ार करोड़ रुपए

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