लोकसभा में हंगामे और नारेबाजी के बीच उपभोक्ता संरक्षण विधेयक 2018 हुआ पास

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नई दिल्‍ली, जेएनएन। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया है। राफेल मुद्दे पर भाजपा सांसद ‘राहुल गांधी माफी मांगो’ के नारे लगाए। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्‍थगित कर दिया गया। इधर, राज्‍यसभा में भी राफेल मुद्दे को लेकर हंगामा हुआ। राज्यसभा के सभापति वैंकेया नायडू ने कार्यवाही शुरू होते ही कहा कि सदन राफेल पर बहस के लिए है। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया, जिसके बाद राज्‍यसभा की कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्‍थगित कर दिया गया। संसद का शीतकालीन सत्र हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा में आज सुबह ‘नौकरी और युवाओं की बेरोजगारी’ पर चर्चा करने के लिए राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस दिया है। बुधवार को संसद के दोनों सदनों में राफेल मुद्दे को लेकर हंगामा होता रहा है। हालांकि इस दौरान लोकसभा में व्‍याववसायिक सरोगेसी प्रतिबंधित करने वाला विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया, यानि अब ‘किराये की कोख’ का कारोबार नहीं हो सकेगा।

– लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की मांग पर मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2018 पर 27 दिसंबर को होगी चर्चा।
– लोकसभा में हंगामे और नारेबाजी के बीच उपभोक्ता संरक्षण विधेयक 2018 पास हो गया है। सरकार के सभी संशोधन ध्वनि मत से पास हो गए।
– लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी हो रही है। विपक्षी दलों के सांसद प्रधानमंत्री जवाब दो, प्रधानमंत्री सदन में आओ, देश का पैसा किसने लूट जैसे नारे लगा रहे हैं। साथ ही विपक्षी सांसद राफेल डील में जेपीसी जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
– लोकसभा में उपभोक्ता संरक्षण बिल पर विभिन्न दलों के सांसद अपने विचार रख रहे हैं। इस बीच कांग्रेस के सांसद राफेल डील की जीपेसी जांच को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं। स्पीकर की ओर से कई बार हंगामा कर रहे सांसदों की चेतावनी दी जा चुकी है। टीडीपी के सांसद भी आंध्र के लिए विशेष दर्जे की मांग को लेकर सदन में नारेबाजी कर रहे हैं।
– लोकसभा में उपभोक्ता और खाद्य मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि उभोक्ता संरक्षण बिल 2018 काफी अहम बिल है और इससे हम सभी का जुड़ाव है। पासवान ने कहा कि यह बिल गैर विवादित है और इस पर स्टैंडिंग कमेटी को भी कोई आपत्ति नहीं है। पासवान ने कहा कि पहले उपभोक्ता सामान खरीदने के बाद उसपर अपनी आपत्ति उपभोक्ता कोर्ट में दर्ज कराता था, लेकिन अब हम इसके लिए नए प्रावधान ला रहे हैं।
– लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू हो गई है। स्पीकर ने बताया कि नियम 377 के तहत सदन में मुद्दे रखे जाएंगे, जिनको अनुमति दी गई है वहीं सदस्य अपने-अपेन मुद्दे उठाएंगे।
– लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्‍थगित।
– संसद के निचले सदन लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू हो गई है। स्पीकर ने बताया कि सदस्यों की ओर से प्राप्त स्थगन प्रस्ताव को नोटिस में से किसी भी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी गई है। लोकसभा में अब दस्तावेज रखे जा रहे हैं।

राफेल सौदे पर कांग्रेस की जेपीसी की मांग को सरकार ने बुधवार को फिर से सिरे खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब जेपीसी की कोई जरूरत नहीं बचती है। हालांकि सरकार ने विपक्ष को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए जरूर आमंत्रित किया। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वह राफेल सौदे पर चर्चा के लिए तैयार है। विपक्ष सामने आए और चर्चा करे। सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार के फैसले को सही ठहराया है। हालांकि सरकार के इस रुख से असहमत विपक्ष हंगामे पर ही अड़ा रहा।

इस बीच हंगामे के चलते बुधवार को राज्यसभा करीब आधे घंटे ही चल सकी, जबकि लोकसभा की कार्यवाही को भारी शोर-शराबे और हंगामे के बीच दो बजे तक चली। हालांकि इस बीच लोकसभा को दो बार लंबे समय के लिए स्थगित भी करना पड़ा। संसद के दोनों सदनों में अलग-अलग मुद्दों पर बंटे विपक्ष के इस हंगामे के चलते संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे हफ्ते का तीसरा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। कांग्रेस और आरजेडी दोनों ही सदनों में जहां राफेल पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) और किसानों की कर्जमाफी की मांग को लेकर अड़ा हुआ है, वहीं कावेरी मुद्दे को लेकर एआईडीएमके और आंध्र प्रदेश के लिए विशेष पैकेज की मांग को लेकर टीडीपी हंगामा कर रही है।

स्थिति यह है कि संसद के दोनों ही सदनों में हर दिन कार्यवाही शुरू होने के साथ ही हंगामा शुरू हो जाता है। राज्यसभा के सभापति वैंकेया नायडू ने बुधवार को हंगामा कर रहे विपक्ष को समझाने की कोशिश भी की और सदन चलाने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं था। जिसके बाद उन्होंने सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया। जबकि लोकसभा में राफेल पर जेपीसी की मांग को लेकर हंगामा कर रहे कांग्रेस को सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने साफ समझाइश दी, कि जेपीसी की उसकी मांग का सुप्रीम कोर्ट का विस्तृत फैसला आने के बाद कोई औचित्य नहीं है।

अब ‘किराये की कोख’ का कारोबार नहीं हो सकेगा। इस पर लगाम लगाने से संबंधित विधेयक बुधवार को लोकसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। वैसे विधेयक में कुछ मामले में ‘किराये की कोख’ के सहारे संतान प्राप्ति का अधिकार दिया गया है। स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों ने ‘किराये की कोख’ के व्यवसायीकरण पर रोक लगाने की मांग की थी। विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस, एआइडीएमके और टीडीपी सांसदों के हंगामे के बीच संसद में लगभग एक घंटे तक विधेयक पर बहस हुई। नड्डा के अनुसार आधुनिक समाज की मांग और भारतीय संस्कृति को ध्यान में रखते हुए ‘किराये की कोख’ को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया है। विधेयक में विदेशी जोड़ों के लिए भारतीय महिलाओं की कोख किराये पर लेने को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यही नहीं शादीशुदा जोड़े भी शादी के पांच साल बाद ही संतान के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी तरह से पुरुषों के लिए 55 साल और महिलाओं के लिए 50 साल की अधिकतम सीमा भी तय कर दी गई है। उम्मीद की जा रही है कि लोकसभा के बाद अब इस विधेयक को चालू सत्र में ही राज्यसभा में पेश किया जाएगा।

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