BJP भी नहीं चाहती लोजपा छोड़े एनडीए का साथ, पासवान की शिकायतें दूर करेंगे अरुण जेटली

0
205

नई दिल्ली/पटना : भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए बिहार की राजनीति कभी आसान नहीं रही है. वर्ष 2005 के बाद बिहार की सत्ता में आई थी, तब भी वह ‘छोटे भाई’ की भूमिका में रही थी. लोकसभा चुनाव के पूर्व बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से जिस तरह पार्टियों का बाहर जाना जारी है, उससे यही माना जा सकता है कि गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं है. पहले टीडीपी ने साथ छोड़ा, फिर पीडीपी के अलग होने के कारण जम्मू कश्मीर से सरकार चली गई और अब हाल ही में रालोसपा ने भी साथ छोड़ दिया. ऐसे में बीजेपी भी नहीं चाहेगी कि लोजपा साथ छोड़ दे. इसके लिए पहल भी शुरू कर दिए गए हैं.

बीजेपी और लोजपा के बीच बीते दो दिनों से सीट शेयरिंग को लेकर जो तकरार देखने को मिली, वह आज (शुक्रवार) शाम तक खत्म हो सकती है. गुरुवार को गठबंधन को लेकर रामविलास पासवान का बयान और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ हुई बैठक से साफ यह तो साफ हो गया है कि दोनों में से कोई मौजूदा गठबंधन को कमजोर करना नहीं चाहता है.

कयास लगाए जा रहे हैं कि लोजपा की तमाम शिकायतें दूर करने की बीजेपी पूरी कोशिश करेगी. यही वजह है कि आज केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली रामविलास पासवान, चिराग पासवान और पशुपति पासवान से मिलेंगे. इससे पहले गुरुवार को अमित शाह के घर हुई बैठक में भी अरुण जेटली शामिल थे. ज्ञात हो कि चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री को पत्र लिखकर नोटबंदी का हिसाब-किताब मांगा था.

शुक्रवार को दोपहर बाद लोजपा प्रमुख राम विलास पासवान, सांसद चिराग पासवान और प्रदेश अध्यक्ष पशुपति पारस की अरुण जेटली के साथ बैठक होगी. इस बैठक से तो एक बात साफ है कि दोनों तरफ से सुलह की गुंजाइश मौजूद है. बीजेपी के लिए पहले से ही कम मुसीबतें नहीं हैं. ऐसी परिस्थिति में बीजेपी भी नहीं चाहेगी कि लोजपा अलग राह अपना ले. उम्मीद जतायी जा रही है कि आज (शुक्रवार) शाम तक लोजपा और बीजेपी के बीच सुलह हो जाएगी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.