बिहार और झारखंड में विपक्षी दलों की व्यापक एकता जरूरी : दीपंकर

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भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए बिहार-झारखंड में विपक्षी दलों की व्यापक एकता की जरूरत है। माले ने बिहार में विपक्षी दलों से बातचीत करने के लिए तीन सदस्य कमेटी गठित की है। इस कमेटी में पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेंद्र झा, राजाराम सिंह और वरीय नेता केडी यादव शामिल हैं। इसी तरह झारखंड के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की गयी है। कमेटी में पार्टी के झारखंड राज्य सचिव जर्नादन प्रसाद और पूर्व विधायक विनोद सिंह शामिल हैं। भाकपा माले बिहार में लोकसभा की छह सीटों पर तैयारी कर रही है। सम्मानजक समझौता होने पर कुछ सीटें छोड़ने पर भी पार्टी तैयार है। जो लोग साढ़े चार वर्षो तक भाजपा सरकार में मलाई खाने के बाद एनडीए छोड़कर महागठबंधन में शामिल हो रहे हैं। उन्हें पहले जनता से माफी मांगनी चाहिए। श्री भट्टाचार्य पार्टी केंद्रीय कमेटी की दो दिवसीय बैठक के बाद शुक्रवार को यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बैठक में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव की समीक्षा की गयी। देश को 2019 में छत्तीसगढ़ मॉडल का चुनाव परिणाम चाहिए। पांच राज्यों का चुनाव किसान आंदोलन का परिणाम है। पार्टी ने आठ-नौ जनवरी को मजदूर संगठनों केआह्वान पर आयोजित आम हड़ताल का समर्थन करने का निर्णय लिया है। फरवरी महीने में छात्र-नौजवानों का मार्च निकाला जायेगा। असम के सिटिजनशिप के मुद्दे को लेकर 28 दिसम्बर को दिल्ली में वामदलों के द्वारा धरना दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल में रथ निकालकर सांप्रदायिक उन्माद पैदा करना चाहती है। श्री भट्टाचार्य ने रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान का नाम लिये बगैर कहा कि जब भाजपा की स्थिति खराब हो गयी है तो कुछ लोग एनडीए छोड़कर भाग रहे हैं। ऐसे लोग मौकापरस्त होते हैं। उन्हें जवाब देना चाहिए कि जब जनता नोटबंदी, जीएसटी, मॉब लिंचिंग सहित विभिन्न समस्याओं से तबाह थी तो वे चुप क्यों थे। आज एनडीए छोड़कर क्यों आ रहे हैं। ऐसे अवसरवादी लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि बिहार की जनता नीतीश कुमार को देख चुकी है। चार वर्षो तक अलग रहने के बाद भी नीतीश कुमार भाजपा के साथ मिल गये। श्री भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार में भ्रष्टाचार और अपराध बेलगाम हो गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में आशाकर्मी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। आंदोलन को हमारी पार्टी समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार में भ्रष्टाचार और अपराध चरम सीमा पर पहुंच गया है। अब तो भाजपा सरकार में भाजपा कार्यकर्ताओं की भी हत्या होने लगी है। उन्होंने कहा कि जब से नीतीश कुमार भाजपा के साथ गये हैं। तब से बिहार में अपराध में वृद्धि हुई है। कानून व्यवस्था चौपट हो गयी है। संवाददाता सम्मेलन में पार्टी विधायक दल के नेता महबूब आलम, राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेंद्र झा, राजाराम सिंह और रूबल शर्मा मौजूद थे।

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