उत्तर और मध्य भारत में शीतलहर तेज, एमपी में 1 की मौत

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पहाड़ी इलाकों में कई जगहों पर भारी बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में भी पारा काफी लुढ़क गया है। यूपी, बिहार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत पूरा उत्तर भारत कड़ाके की ठंड की चपेट में है। दिल्ली-एनसीआर में कुछ जगहों पर न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे पहुंच चुका है। इसी तरह, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र समेत मध्य भारत भीषण शीतलहर की चपेट में है। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में 35 साल के एक शख्स की ठंड से मौत हो गई। मृतक की पहचान सुल्तानपुर इलाके के किसान कमल किशोर के रूप में हुई है। सूत्रों ने बताया कि वह शराब के नशे में अपने घर के बाहर सोया हुआ था। रविवार को उसके परिवार के सदस्य उसे अस्पताल ले गए लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उत्तर भारत में शीतलहर तेज हो चुकी है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। जगह-जगह अलाव का सहारा लेकर लोग ठंड को मात देने की कोशिश कर रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत खुले आसमान के नीचे रहने वाले बेघरों के लिए है। हालांकि, तमाम जगहों पर प्रशासन ने रैनबसेरों का इंतजाम किया है। शीतलहर तेज होने की वजह से दिल्ली में बेघर लोगों ने रैनबसेरों में शरण ली है। दिल्ली और एनसीआर इस बार सर्दी में हर रेकॉर्ड तोड़ रहा है। रविवार को गुरुग्राम का न्यूनतम तापमान महज 0.4 डिग्री रहा। यह भीलवाड़ा से ठंडा है, जहां का तापमान महज 0.6 डिग्री है।

मध्य प्रदेश के मांडला, उमरिया और बुंदेलखंड के जंगलों में बर्फ की एक महीन परत जम गई है। वहीं कुछ जगहों पर पाला पड़ने की खबर है, जिनसे फसलों को नुकसान पहुंचा है। एमपी के मैदानी इलाकों में खजुराहो और उमरिया सबसे ठंडे रहें, जहां तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, रविवार को भोपाल में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी के हिल स्टेशन में न्यूनतम तापमान -2.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

सर्द मौसम में लोग शरीर में गर्माहट बनाए रखने के लिए कई उपाय करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि बिना रजाई या अलाव के भी शरीर के तापमान को सामान्य रखा जा सकता है। हम आपको योग के ऐसे 7 आसनों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें नियमित रूप से करने से आप अपने शरीर को न सिर्फ गर्म रख सकते हैं, बल्कि ठंड से होने वाली बीमारियों से भी बच सकते हैं।

कपालभाति प्राणायाम का ही एक रूप है। यह आंतरिक अंगों को उत्तेजित कर उर्जा उत्पन्न करता है। इसमें तेजी से सांस लेकर छोड़नी होती है, जिससे शरीर में गर्मी उत्पन्न होती है। यह मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करते हुए पूरे शरीर को प्रभावित करता है। साथ ही यह काफी तेजी से काम करते हुए शरीर के कई अंगों को गर्म करता है।

शीर्षासन को सभी आसनों के राजा के रूप में जाना जाता है। यह आसन पूरे शरीर को शांत करने के लिए काम करता है। यह दिमाग में हाइपोथैलेमस और पीनियल ग्रंथियों के जरिए ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ावा देने में मदद करता है। यह मुद्रा शरीर के भीतर ब्लड के जरिए गर्मी को फैलाने के दौरान मस्तिष्क की क्षमता विकसित करने में मदद करती है।

वीरभद्र, एक योद्धा की तरह और भगवान शिव के अवतार के रूप में नामित आसन मांसपेशियों में लचक लाने का काम करता है। सबसे अच्छी बात यह है कि एक योद्धा मुद्रा के नाम पर होने के बावजूद, आसन प्रदर्शन करते समय आग्रह का भी संदेश देता है। इस मुद्रा में फोकस, बैलेंस और स्ट्रेंथ का एक साथ संयोजन होता है, शरीर को बेहतरीन तरीके से गर्म करने में मदद करता है।

यह एक आदर्श आसन है जो कि बॉडीवेट के साथ कई तरह की एंटी बॉडी सेल्स को कंट्रोल करता है। दिन में कुछ मिनट के लिए ऐसा करने से आपके मेटाबॉलिज्म को दिन में और रात के समय भी बढ़ा सकता है। एक मिनट या इससे कुछ अधिक समय तक इस आसन को करने पर पूरे शरीर में गर्मी को महसूस किया जा सकता है।

यह आसन आपके पेट और कूल्हे की मांसपेशियों को मजबूत करता है। इस आसन में संतुलन बनाए रखना बेहद अहम है, जो वास्तव में शरीर को उत्तेजित कर ऊर्जा प्रदान करता है। इस प्रक्रिया के दौरान शरीर में जल्दी से गर्मी उत्पन्न होती है। यह तनाव को कम कर सुकून देता है।

यह साधारण आसन है, मगर हर कोई इसे आसानी से नहीं कर पाता। इसमें खिंचाव अधिक महसूस होता है, जो शरीर के सिस्टम में गर्मी लाकर शांति प्रदान करता है। अगर शारीरिक और मानसिक थकावट दिन के दौरान महसूस होती है, तो इस आसन से बेहतर महसूस होता है। तुरंत आराम और शरीर की गर्मी के लिए यह आसन किया जा सकता है।

ज्यादातर आसन शारीरिक संतुलन के साथ स्थिति बेहतर ऊर्जा प्रदान करते हैं। मगर बात गरुड़ासन की करें तो इसमें हाथों और कंधों की मांसपेशियां मजबूत होती है। साथ ही दिमाग में विचारों और भावनाओं के एक अच्छे संतुलन के लिए भी गरुड़ासन को जाना जाता है। अपने शरीर को स्थिर रखने, एकाग्रता और ध्यान केंद्रित रखने के लिए यह आसन बेहतर काम करता है।

भोपाल आईएमडी डायरेक्टर टी. पी. सिंह ने बताया कि उत्तर भारत में भारी बर्फबारी की वजह से पचमढ़ी में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचा है। हालांकि, उन्होंने पचमढ़ी में बर्फबारी की संभावना से इनकार किया क्योंकि यह हिल स्टेशन सिर्फ 1,067 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। उन्होंने साथ में यह भी कहा कि लोगों को शीतलहर से राहत मिल सकती है क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और कश्मीर की तरफ बढ़ रहा है।

महाराष्ट्र के नागपुर में शनिवार को न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस था, जो शहर में अबतक के सबसे कम तापमान का रेकॉर्ड है। हालांकि, रविवार को न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हुई और यह 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विदर्भ क्षेत्र में तापमान 5 और 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। नागपुर के बाद गोंदिया सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 7 डिग्री सेल्सियस है।

ओडिशा में भी भीषण शीतलहर जारी है। ओडिशा का कश्मीर कहे जाने वाले कंधमाल जिले के पर्यटन स्थल डारिंगिबडी में पारा 3 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। अधिकारियों के मुताबिक यह रविवार को सूबे की सबसे ठंडी जगह थी। कंधमाल के फूलबनी में तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकारियों के मुताबिक अगले 5 दिनों तक ऐसी ही स्थिति रह सकती है।

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