राहुल गांधी ने राफेल पर सरकार से किए सवाल, अरुण जेटली ने दिया करारा जवाब

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नई दिल्लीः राफेल मामले में बुधवार को लोकसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर सरकार की तरफ से वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जवाब दिया. वित्त मंत्री ने कहा कि जिन लोगों पर अगस्ता वेस्टलैंड, बोफोर्स और नेशनल हेराल्ड जैसे मामलों में आरोप लगे हैं, वह आज बेशर्मी से राफेल मामले में हम पर सवाल उठा रहे है. अरुण जेटली ने राहुल गांधी द्वारा डिफेंस डील पर सवाल उठाने को लेकर उन्हें क्वात्रोची की याद दिलाई. जेटली ने सदन में कहा, ‘जब ये (राहुल गांधी) छोटे थे, तब किसी Q (क्वात्रोची) की गोद में खेला करते थे. कांग्रेस को राष्ट्रीय सुरक्षा की समझ नहीं है.’ बता दें कि बोफोर्स डील में बिचौलिए के रूप में क्वात्रोची का नाम आया था.

जेटली नहीं रुके उन्होने कहा कि राहुल गांधी जेम्स बॉन्ड की फिल्में बहुत देखते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनको स्वाभाविक रूप से सच नापंसद होता है.

जेटली ने कहा कि इससे पहले राहुल गांधी जब राफेल मामले पर बोले थे तो उन्होंने फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति के साथ अपनी बातचीत की झूठी कहानी देश को सुनाई थी, आज उन्होंने फिर वही बात दोहराई है. सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने सदन में एक टेप का जिक्र भी किया जिसकी वैधानिकता की पुष्टी करने के नाम पर वह कतरा रहे हैं.

राफेल मामले में ‘पूरी दाल काली, पूरा देश प्रधानमंत्री से सवाल पूछ रहा है: राहुल
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को राफेल मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर निशाना साधा और कहा कि अब इस मामले में ‘पूरी दाल काली’ है तथा अब पूरा देश प्रधानमंत्री से सवाल पूछ रहा है कि किसके कहने पर राफेल का सौदा बदला गया. लोकसभा में राफेल मामले पर लोकसभा में चर्चा के दौरान उन्होंने दावा किया कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच से ही इस मामले में ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ हो जाएगा.

गांधी ने गोवा के एक मंत्री की कथित बातचीत का ऑडियो प्ले करने की इजाजत मांगी, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ने ऑडियो अथवा इसके लिखित ब्यौरे को पढ़ने की इजाजत देने से इनकार कर दिया.

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि यह वीडियो झूठा है, इसलिये राहुल इसकी पुष्टि करने से मना कर रहे हैं .इस बीच हंगामे के दौरान सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई.गांधी ने कहा कि संप्रग सरकार के समय वायुसेना के कहने पर 126 राफेल विमान खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी, लेकिन प्रधानमंत्री ने नए सौदे में 36 विमान कर दी गई.

उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री बताएं कि किसके कहने पर यह किया गया, क्या वायुसेना ने यह कहा था? कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है.गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री से अब इस मामले में पूरा देश में सवाल पूछ रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग डरे नहीं, जेपीसी की जांच कराएं. दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा.

ऑडियो पर पर्रिकर ने कहा : कांग्रेस तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने का प्रयास कर रही है
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने बुधवार को कांग्रेस द्वारा उद्धृत ऑडियो क्लिप को, तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने का प्रयास बताया. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा विपक्षी दल के ‘‘झूठ’’ का पर्दाफाश किए जाने के बाद वे तथ्यों को तोड़ने- मरोड़ने के लिए व्याकुल हैं. कांग्रेस ने पर्रिकर का हवाला देते हुए कहा था कि राफेल सौदे पर ‘‘फाइल उनके शयन कक्ष में’’ पड़ी हुई है. इसके कुछ ही घंटे बाद पर्रिकर ने बयान दिए.

इससे पहले कांग्रेस ने गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे और एक अन्य व्यक्ति के बीच हुई कथित बातचीत को लेकर एक ऑडियो क्लिप जारी किया. ऑडियो में मंत्री ने कहा कि पिछले हफ्ते गोवा कैबिनेट की बैठक के दौरान पर्रिकर ने बताया था कि उनके शयन कक्ष में राफेल सौदे से जुड़ी हुई ‘‘पूरी फाइल और सभी दस्तावेज मौजूद’’ हैं. दिल्ली में संसद के बाहर आज सुबह कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया के सामने इस ऑडियो क्लिप को जारी किया. सुरजेवाला ने यह भी पूछा कि क्या इस कारण राफेल सौदे में संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने के आदेश नहीं दिए जा रहे हैं.

उन्होंने राणे के हवाले से कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने काफी रोचक बयान दिया कि राफेल के बारे में पूरी सूचना मेरे शयनकक्ष में है…इसका मतलब है कि वह ब्लैकमेल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मेरे शयनकक्ष में राफेल से जुड़ा हर दस्तावेज मौजूद है.’’

पर्रिकर ने पलटवार करते हुए ट्वीट किया, ‘‘कांग्रेस की तरफ से जारी ऑडियो क्लिप हाल में उच्चतम न्यायालय द्वारा राफेल सौदे में भंडाफोड़ किए गए झूठ के बाद तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने का प्रयास है. कैबिनेट या किसी भी बैठक में कभी भी इस तरह की चर्चा नहीं हुई.’’

भारत और फ्रांस के बीच राफेल सौदे पर हस्ताक्षर किए जाने के दौरान पर्रिकर भारत के रक्षा मंत्री थे. राणे अपने खिलाफ लगे आरोपों से पहले ही इंकार कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उन्होंने कभी बातचीत नहीं की . उन्होंने कांग्रेस पर ‘‘फर्जी क्लिप’’ प्रसारित करने के आरोप भी लगाए. गौरतलब है कि पिछले वर्ष 14 दिसम्बर को उच्चतम न्यायालय ने फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदने की प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों वाली सभी जनहित याचिकाओं को खारिज कर दिया था.

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