राहुल के ‘AA’ आरोप के बदले निर्मला ने याद दिलाया ‘RV’ और ‘Q’

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संसद में राफेल सौदे पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस के एक-एक सवाल का जवाब दिया. कांग्रेस पर हमला बोलते हुए सीतारमण ने कहा कि राफेल सौदे पर गतिरोध उत्पन्न किया गया. कांग्रेस ने सेना की जरूरत को नहीं समझा और देश की सुरक्षा से समझौता किया. उन्होंने कहा कि हमें अपने पड़ोसी मुल्कों से खतरा है और हमें क्षेत्र में शांति रखनी होगी. उन्होंने कहा कि इसके लिए अपनी सेना को मजबूती देने की भी जरूरत है ताकि हमारी सीमाएं सुरक्षित हो सकें. साथ ही उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि हमें अपने पड़ोसी देशों से सीखना चाहिए. चीन पाकिस्तान अपनी क्षमता बढा रहे हैं और हथियार खरीद रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि 2014 तक कांग्रेस राफेल सौदा क्यों नहीं कर पाई. रक्षा मंत्री के जवाब के दौरान विपक्ष हंगामा करता रहा. तभी उन्होंने कांगेस को घेरते हुए पूछा कि क्यों नहीं हासिल कर पाई राफेल विमान, लेकिन आज राफेल डील हो जाने के बाद कांग्रेस हंगामा कर रही है. साथ ही सीतारमण ने कहा, ‘कांग्रेस मेरे सवालों का जवाब दे. बताए कि किसके चलते और किसके लिए नहीं हुई राफेल डील? यह भी बताए कि देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ क्यों किया?’ सीतारमण के भाषण के दौरान कांग्रेस ने सवाल पूछा कि सौदा AA (अनिल अंबानी) के लिए किया गया? इस पर उन्होंने कांग्रेस को जवाब दिया कि अगर आप AA की बात करते हैं तो हर AA के जवाब में एक RV (रॉबर्ट वाड्रा) और Q (क्वात्रोची) का नाम आ जाता है. साथ ही उन्होंने कहा कि आरवी पीएम नहीं देश के दामाद हैं. रक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को सच सुनने की हिम्मत होनी चाहिए. रक्षा सौदे की प्रक्रिया 10 साल तक नहीं चलती, हमने 14 महीने में डील की प्रक्रिया पूरी की. यूपीए के वक्त में 10 साल तक करार की प्रक्रिया तक पूरी नहीं हो पाई जबकि हमने 3 महीने में यह करके दिखाया है. उन्होंने कहा कि जो अपने दो कार्यकाल में सौदा पूरा नहीं कर पाए वो हमसे जवाब मांग रहे हैं. रक्षा मंत्री ने कहा कि तय समय से 15 महीने पहले ही राफेल विमान भारत आ जाएगा. यही नहीं उन्होंने कहा कि सभी 36 विमान तय समय से 5 महीने पहले ही भारत आ जाएंगे. सितंबर 2019 में पहले राफेल की डिलिवरी होगी. साथ ही 2022 तक सारे विमान भारत आ जाएंगे. निर्मला सीतारमण ने कहा कि रक्षा सौदे और रक्षा में सौदेबाजी में अंतर होता है. यूपीए में राफेल खरीद की नीयत नहीं थी. वो नहीं चाहती थी कि राफेल भारत आए. रक्षा मंत्री ने कहा कि दसॉ ने HAL के बने विमान की गारंटी नहीं ली. सीतारमण ने स्टैंडिंग कमेटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस HAL के लिए घड़ियाली आंसू बहा रही है. स्टैंडिंग कमेटी ने HAL की क्षमता पर सवाल उठाए थे. HAL ने समय पर विमान नहीं बनाए थे, इसके बाद भी HAL में सुधार के लिए भी कदम नहीं उठाए गए. साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस 136 नहीं सिर्फ 18 विमान खरीदने वाली थी. हमने विमानों की संख्या 18 से बढ़ाकर 36 की. राफेल सौदे पर कांग्रेस देश को गुमराह कर रही है. साथ ही उन्होंने कहा कि HAL को अगस्ता वाला सौदा क्यों नहीं दिया गया. 1982 में भी 36 मिग-23 जल्दी में खरीदे गए थे. बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत पूरी कांग्रेस पार्टी राफेल मामले को लेकर भाजपा पर उनके सवालों के जवाब न देने का आरोप लगाया था. कांग्रेस ने कहा था कि इस मुद्दे पर पीएम खामोश हैं, रक्षा मंत्री खामोश हैं कोई जवाब नहीं दे रहा. इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर निशाना साधा और कहा कि 2019 में उनकी पार्टी की सरकार बनने पर इस मामले की आपराधिक जांच होगी और जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाएगा. गांधी ने यह भी कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली को उन पर हमले करने की बजाय राफेल मामले पर देश जो सवाल पूछ रहा है उनका जवाब देना चाहिए. उन्होंने संसद भवन परिसर में कहा, ‘युवाओं, किसानों देख लो. प्रधानमंत्री जी ने 30 हजार करोड़ रुपये अनिल अंबानी को दिलवाए. चर्चा के समय प्रधानमंत्री संसद में नहीं थे. वह राफेल पर चर्चा से भाग गए.’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘अरुण जेटली ने लंबा भाषण दिया, मुझे गाली दी. लेकिन जो सवाल हैं उनको जवाब नहीं दिया.’ उन्होंने सवाल किया, ‘विमान की कीमत को 526 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1600 करोड़ रुपये किया गया. यह किसने बढ़ाया? क्या वायुसेना ने बढ़ाया या प्रधानमंत्री ने बढ़ाया?’ गांधी ने कहा, ‘क्या वायुसेना ने 126 विमान मांगे थे या 36 विमान मांगे थे? अनिल अंबानी को अनुबंध किसने दिलवाया? फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कहा कि मोदी जी के कहने पर अनिल अंबानी को अनुबंध दिया? क्या नए सौदे को लेकर रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को आपत्ति थी?’ उन्होंने कहा, ‘आशा है कि रक्षा मंत्री इसका जवाब देंगी. लेकिन मैं आपको बता सकता हूं कि वो उन सवालों का जवाब नहीं देंगी. यह मेरा संदेह है.’ गांधी ने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में कहीं नहीं कहा है कि जांच नहीं होनी चाहिए. अगर 2019 में हमारी सरकार बनती है तो आने पर इसकी आपराधिक जांच होगी और जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाएगा.’ उन्होंने एक बार फिर से यह मांग दोहराई कि इस मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच होनी चाहिए. इससे पहले गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘अपने मित्र अनिल अंबानी को राफेल का अनुबंध देकर प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करने का काम किया. ऐसे में प्रधानमंत्री के खिलाफ जांच होनी चाहिए.’ अम्बानी समूह कांग्रेस द्वारा लगाये जाने वाले इन आरोपों से पहले ही इंकार कर चुका है.

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