अगले माह से पटना के रसोईघरों में पाइप के जरिये पहुंचेगी गैस, मार्च से सीएनजी से भी चल सकेंगे वाहन

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अगले महीने यानी फरवरी से राजधानी पटना के घरों में पाइप से रसोई गैस की आपूत्तर्ि शुरू होगी। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बृहस्पतिवार को दी। यहां पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड की ओर से प्रदेश के 21 जिलों में पाइपलाइन से रसोई गैस के वितरण के लिए 10वें निविदा राउंड समारोह में श्री मोदी ने कहा कि अगले महीने से पटना के घरों में पाइप से रसोई गैस की आपूत्तर्ि शुरू हो जायेगी। उन्होंने गेल इंडिया से नौवें निविदा राउंड के दौरान अगले पांच साल में पटना के 50 हजार घरों में पाइप से गैस आपूत्तर्ि के लक्ष्य को संशोधित कर बढ़ाने को कहा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि फुलवारीशरीफ में सीएनजी गेट स्टेशन की स्थापना के लिए सरकार 100 करोड़ रुपये मूल्य की डेढ़ एकड़ जमीन 48 करोड़ रुपये में उपलब्ध कराने जा रही है। मार्च तक पटना में तीन सीएनजी स्टेशन तथा 2019-20 में चार नए स्टेशन स्थापित होंगे। श्री मोदी ने कहा कि सरकार बिलिं्डग बाईलॉज में संशोधन करेगी, ताकि बहुमंजिली इमारतों में निर्माण के दौरान ही गैस की पाइप भी लगायी जा सके। उन्होंने कहा कि सीएनजी और बैट्री से चलने वाले वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार निबंधन शुल्क कम करने पर विचार कर सकती है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पाइप से एलपीजी की आपूत्तर्ि होने से जहां घरों को सिलेंडर की जगह सीधे गैस उपलब्ध होगी, वहीं गैस आधारित उद्योग भी लगेंगे। उन्होंने कहा कि पुराने वाहनों को सीएनजी में परिवर्तित करने के लिए 30-40 हजार रुपये में किट उपलब्ध है। पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की तुलना में सीएनजी 35-40 प्रतिशत सस्ता है। सीएनजी के प्रयोग से वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 1 दिसम्बर 2018 तक बिहार के 70 लाख गरीबों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2014 को मात्र 23.5 प्रतिशत (38 लाख घरों) के मुकाबले 31 दिसंबर 2018 को 68.36 प्रतिशत यानी 1.53 करोड़ घरों में एलपीजी कनेक्शन हैं। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि देश में मार्च 2019 तक पांच करोड़ परिवारों को गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। तय समय-सीमा से पूर्व 2 जनवरी तक ही छह करोड़ परिवारों को कनेक्शन दिया जा चुका है। वर्ष 2021 तक आठ करोड़ परिवारों को उज्ज्वला के तहत गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य है। उन्होंने उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं द्वारा दोबारा सिलेंडर रिफिल नहीं कराने के आरोप का खंडन करते हुए कहा कि अखिल भारतीय औसत चार है, जबकि बिहार में रिफिल कराने का औसत 3.86 है। श्री मोदी ने कहा कि प्रदूषण को ध्यान में रख कर सरकार ने लखीसराय के कजरा और भागलपुर के पीरपैंती में ताप विद्युत संयंत्र की जगह 200-200 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का निर्णय लिया है।

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