महंगे हो सकते हैं फ्रिज, एसी और वॉशिंग मशीन, 3-4% तक बढ़ सकती हैं कीमतें

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नए साल में कंज्यूमर ड्यूरेबल की कीमतें बढ़ सकती हैं। सरकार द्वारा आयातित एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर तथा वॉशिंग मशीन पर इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) 10 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया था, लेकिन त्योहारी सीजन के कारण इसका बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला गया था। लेकिन अब कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं। इससे घरेलू बाजार में बने उत्पादों पर 3 से 4 और इंपोर्ट किए हुए कंज्यूमर उत्पादों पर 5 से 7% तक कीमतें बढ़ने की उम्मीद है।
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उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियों ने सीमा शुल्क में वृद्धि के कारण प्रीमियम श्रेणी में कीमतें नहीं बढ़ाई थीं, ताकि त्योहारी सीजन बिक्री को रफ्तार मिल सके।

नए साल में कंज्यूमर ड्यूरेबल को बिक्री में बढ़ोतरी की उम्मीद तो है, लेकिन डर भी है कि अगर अभी तक वे जो इनुपट कॉस्ट बढ़ोतरी और इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने का बोझ खुद उठा रहे थे, उसको वापस लेते हैं, तो बिक्री में कुछ कमी भी आ सकती है। पहले क्यों नहीं बढ़ाई कीमत
बता दें कि पिछले साल सितंबर के महीने में सरकार ने आयातित एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर तथा वॉशिंग मशीन पर इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) 10 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया है। त्योहारी सीजन को देखते हुए कंपनियों इस वृद्धि का अधिकतम बोझ खुद उठा को कहा था। जिसमें सफल भी हुईं, लेकिन अब कंपनियां इसका बोझ ग्राहकों पर डालने के लिए उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं।

लागत का बोझ कम करेंगी कंपनियां
गोदरेज अप्लायंसेस के बिजनेस हेड और एक्जिक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट कमल नंदी ने बताया कि ‘त्योहारों का सीजन खत्म हो गया है और ब्रैंड धीरे-धीरे बढ़ी हुए इनपुट कॉस्ट का बोझ जो खुद वहन कर रहे है उसको वापस ले रहे हैं। जिसकी वजह से घरेलू बाजार में बनने वाले उत्पादों की कीमतों में 3 से 4 और विदेशों से आयात होने वाले सामानों पर 5 से 7% कीमतें बढ़ने की उम्मीद है।’ उन्होंने बताया कि इस कैटिगरी में एयर कंडशीनर सबसे अधिक महंगे हो सकते हैं। वे बताते हैं कि मौजूदा समय में क्रूड की कीमतें घटने, रुपये में स्थिती सुधरने की वजह से ग्राहकों के सेंटीमेंट सुधरने की उम्मीद है। पैनासोनिक इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष और सीईओ मनीष शर्मा ने कहा, ‘रुपये रूपये के मूल्य में कमी, परिस्थितियों में अनिश्चितता और लागत में वृद्धि से उद्योग में नरमी का रुख देखने को मिलेगा।’

जानकारों की राय
उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियों ने सीमा शुल्क में वृद्धि के कारण प्रीमियम श्रेणी में कीमतें नहीं बढ़ाई थीं, ताकि त्योहारी सीजन बिक्री को रफ्तार मिल सके। लेकिन कंपनियां अब इस बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं और आनवाले कुछ महीनों में उत्पादों की कीमतों में 3 से 5 पर्सेंट तक का इजाफा हो सकता है।

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