पटना : चुनाव बाद नरेंद्र मोदी ही बनेंगे दोबारा प्रधानमंत्री: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि क्राइम, करप्शन और कम्यूनलिज्म से कोई समझौता नहीं किया जायेगा. भ्रष्टाचार के मामले में किसी केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई पर बेवजह सवाल नहीं उठाना चाहिए. यह बहुत आश्चर्य की बात है कि एक राजनीतिक धड़े में भ्रष्टाचार कोई मुद्दा नहीं रह गया है. देश में महागठबंधन का कोई भविष्य नहीं है, 2019 में नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री बनेंगे. सीएम सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में आम लोगों से विचार प्राप्त किये. इस दौरान अलग-अलग स्थानों से आये आठ लोगों ने विभिन्न मुद्दों पर विचार दिये.

इसके बाद आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने तीन तलाक, सबरीमला मंदिर, राम मंदिर समेत ऐसे अन्य सभी संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर अपने विचार प्रकट किये. उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री बनेंगे.

पांच राज्य में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम से लोकसभा चुनाव का रिजल्ट अलग होगा. इसमें राजद का जातिगत कार्ड नहीं चलेगा. बिहार की जनता काम के आधार पर वोट करेगी. उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर हर दल का अपना विचार है. वह किसी मुद्दे पर किसी के साथ नहीं खड़े हैं.

उन्होंने कहा कि पिछले एक साल पांच महीने से यह रवैया देख रहे हैं कि भ्रष्टाचार को कुछ लोग कोई मुद्दा ही नहीं मान रहे हैं. भ्रष्टाचार को कोई मुद्दा नहीं बनाया जाये, इसके लिए कुछ लोग लगातार प्रयास कर रहे हैं.

इस मामले में जब भी केंद्रीय जांच एजेंसी कार्रवाई करती है, तो इसे राजनीतिक एंगल दिया जाता है. यह पूरी तरह गलत है. एक सेक्शन ऐसा भी है, जिसने भ्रष्टाचार से समझौता कर लिया है. कोई केंद्रीय जांच एजेंसी अगर किसी के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो इसे दूसरे तरीके से मुद्दा बनाया जाता है. जबकि जांच एजेंसी तभी कार्रवाई करती है, जब उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत होते हैं.

अगर जांच एजेंसी किसी को फंसाती है, तो कोर्ट में साबित भी करना होगा. ऐसा नहीं करने पर कोर्ट से उसे न्याय मिल जायेगा. उन्होंने बिना किसी मामले या मुद्दे का चर्चा करते हुए कहा कि जून-जुलाई में जो कार्रवाई की गयी थी, उसका अभी क्या हुआ. इस पर ध्यान देने की जरूरत है. देश संविधान से चलेगा. भ्रष्टाचार की इजाजत किसी को नहीं है. आजकल समाज में तनाव फैलाने वाले को ज्यादा लोकप्रियता मिलती है.
राम मंदिर मुद्दा आपसी बातचीत या कोर्ट से हो हल

आयोध्या में मौजूद राम मंदिर के मुद्दे को आपसी बातचीत से हल करना चाहिए या कोर्ट से इस पर आने वाले फैसले का इंतजार करना चाहिए. फिलहाल मामला कोर्ट में चल रहा है और जो फैसला आयेगा, वह मान्य होगा.
तीन तलाक पर आपसी संवाद करें

सीएम ने कहा कि तीन तलाक के मुद्दे पर इस मुद्दे का विरोध करने वालों के साथ आपसी संवाद स्थापित करने की जरूरत है. इसके बाद मुस्लिमों को लगे कि यह गलत है, तब इसमें संशोधन करने पर विचार किया जाये. सीधा फैसला लेने के बजाय समाज के लोगों को ही मौका दें.

नागरिकता संशोधन विधेयक में विचार करें

सीएम ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक, 2016 को लेकर गृह मंत्री राजनाथ सिंह से बात की है. इस मामले को लेकर असम गण परिषद के लोगों ने मुलाकात भी की थी. उन लोगों की बात सुनने और समस्या को समझने के बाद ही इस विधेयक में किसी तरह का संशोधन होना चाहिए. असम के लोगों की विशिष्ट पहचान पर किसी तरह का प्रहार नहीं हो. उनकी पहचान पर ध्यान रखा जाये.

13 साल से राज्य में नहीं हुआ कोई दंगा

सीएम ने कहा कि राज्य में मॉब लिंचिंग का नाम जिन घटनाओं को दिया जा रहा है, उन्हें नजदीक से देखने की जरूरत है. इसके पीछे कौन हैं. जो लोग भगवान और खुदा से नहीं डर रहे, वह सरकार से क्या डरेंगे. रात में कौन-क्या कर रहा है. हर बात की मॉनीटरिंग सरकार के स्तर से होना संभव नहीं है. राज्य में पिछले 13 साल में कोई दंगा नहीं हुआ. सिर्फ एक बार नवादा में कर्फ्यू लगाने की नौबत आयी. बिहार में सद्भावना का माहौल है.

दम नहीं राजद में, विश्वास की कमी

सीएम ने कहा कि राजद में अब दम नहीं और न ही महागठबंधन का कोई भविष्य है. सड़क पर जो मिल रहा है, उसे अपने में शामिल करके खुशी मना रहे हैं.

यह सब आत्मविश्वास में कमी है. पहले समझते थे कि कांग्रेस के आने से राजद की कमी पूरी हो जायेगी, लेकिन मौजूदा स्थिति देखकर ऐसा नहीं लग रहा है. कांग्रेस के दम पर राजद आगे बढ़ने की सोच रही है. हालांकि चुनाव में इनका कोई गणित काम नहीं आयेगा. यहां की जनता विकास के नाम ही वोट करेगी. ऑर्डिनेंस फाड़ने वाले क्या कर रहे हैं, किससे मिले हुए हैं. कौन लोग मिले हुए हैं.

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