आज खुलेंगे बैंक, डाकघर, बीमा कार्यालय और बीएसएनएल कार्यालय, दो दिनों में 80 हजार करोड़ के लेन-देन बाधित

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पटना : बैंक हड़ताल के कारण बुधवार को सरकारी बैंकों, डाकघरों और बीमा कार्यालयों में कामकाज दूसरे दिन भी पूरी तरह ठप रहा. इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. हड़ताल के कारण सूबे में 40-45 हजार करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन प्रभावित हुआ. चेक क्लियरिंग, नकद ट्रांजेक्शन, फंड ट्रांसफर और विदेशी मुद्रा विनियमन पर इसका असर देखने को मिला. वहीं बैंक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण जिले के लगभग 40 फीसदी से अधिक एटीएम कैश आउट हो गये. साथ ही डाकघरों में ताले लटके रहने से स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री का काम पूरी तरह ठप रहा. कुल मिला कर हड़ताल के कारण 80 हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुअा.

हड़तालियों ने बंद करवाया कामकाज : हड़ताल में शामिल कर्मियों ने स्टेट बैंक की शाखाओं को जबरन बंद कराने की कोशिश की. हड़ताल में एसबीआइ के कर्मचारी शामिल नहीं हुए थे. कहीं-कहीं शाखा और एटीएम को जबरन बंद कराने का प्रयास किया. स्टेट बैंक का काम भी कुछ बाधित रहा.

लगाये सरकार विरोधी नारे : रिजर्व बैंक में आज कामकाज सामान्य दिनों की तरह हुआ. वहीं सेंट्रल बैंक की कुछ शाखाएं भी खुली रहीं. डाकघरों में हड़ताल से 20 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन बाधित रहा. दो दिनों में 10 हजार से अधिक स्पीड पोस्ट तथा रजिस्ट्री नहीं हो सकी. साथ ही डाक वितरण का काम ठप रहा. जीपीआे में इंटक के लोगों ने प्रदर्शन भी किया.

26 दिसंबर को हुई थी हड़ताल : इससे पहले 26 दिसंबर, 2018 को भी इन संगठनों ने वेतन बढ़ोतरी समेत अन्य मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल की थी. इस हड़ताल में लगभग 25 हजार बैंक कर्मचारी शामिल हुए थे.

आज खुलेंगे बैंक: बैंक, डाकघर, बीमा और बीएसएनएल कार्यालय दो दिन बाद गुरुवार को सभी कार्यालय खुलेंगे और सामान्य दिनों की तरह कामकाज होगा.

वाम दलों ने हड़ताल को सफल बताया, दी जनता को बधाई

पटना : ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल को वाम दलों ने सफल बताया है. साथ ही जनता व कार्यकर्ताओं को बधाई दी है. वाम दलों ने दावा किया है 12 सूत्री मांगों को लेकर आठ व नौ जनवरी को हड़ताल के दौरान राजधानी समेत बिहार बंद रहा. इस दौरान वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, दुकानें तथा सड़कों पर वाहनों का परिचालन ठप रहा.

डाकबंगला चौराहे

पर हुई सभा: हड़ताल के दूसरे दिन ट्रेड यूनियनों समेत भाकपा (मार्क्सवादी), सीपीआइ (एम), सीपीआइ, सीपीआइ (माले), एसयूसीआइ (सी), आरएसपी, फार्वर्ड ब्लॉक ने जुलूस निकाला. जुलूस मुख्य मार्गों से होते हुए डाक बंगला चौराहा पहुंचा. इस कारण जाम की भी स्थिति रही. सभा की अध्यक्षता सीपीआइ (एम) के राज्य सचिव कॉमरेड अवधेश कुमार ने की.

असर िमला-जुला

पटना आस-पास के इलाकों में भी बंद का असर िमला जुला रहा. पालीगंज में पटना -औरंगाबाद मुख्यमार्ग जाम कर दिया. मसौढ़ी में पटना-हटिया सुपर फास्ट एक्सप्रेस को रोका गया. पंडारक में उच्च पथ को डेढ़ घंटे तक जाम कर दिया. एम्स के ठेका मजदूरों ने दूसरे दिन भी प्रदर्शन किया. नौबतपुर बस पड़ाव पर अनिसाबाद-हरिहरगंज मार्ग राष्ट्रीय उच्च पथ 98 को जाम किया. करीब तीन घंटे तक अफरा-तफरी की स्थिति रही.

बिहार बंद में राजद नेता

वामदलों के बंद में राजद नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे , पूर्व विधान पार्षद तनवीर हसन, पूर्व मंत्री रामप्रकाश महतो पटना जिलाध्यक्ष देवमुनि सिंह यादव चंदेश्वर प्रसाद सिंह सहित बड़ी संख्या में डाकबंगला चौराहा पहुंचे.

मांझी ने भी किया बंद का समर्थन

हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी वामदलों के बंद समर्थन में सड़क पर उतरे. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जनता की समस्याओं को दूर करने में विफल रही है. जनता ठगा महसूस कर रही है.

हड़ताल का यातायात पर मिला-जुला असर

पटना : ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय हड़ताल का बुधवार को मिला जुला असर दिखा. अशोक राजपथ, गांधी मैदान-पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर, कुर्जी-दानापुर, मीठापुर बस स्टैंड-जीरो माइल आदि मार्ग पर ऑटो का परिचालन कम हुआ जबकि चितकोहरा, फुलवारी, खगौल रुट, बेली रोड, बोरिंग रोड आदि रूट पर धड़ल्ले से ऑटो चलते रहे.

यही स्थिति नगर सेवा की बसों की भी रही. वहीं लंबी दूरी की बसों का परिचालन कम रहा. बीएसआरटीसी की 100 में से 55 गाड़ियां सड़क पर निकलीं. सिटी राइड बसें भी राजधानी की सभी सड़कों पर सुबह से शाम तक दौड़ती दिखीं. हालांकि बसों के फेरे सामान्य दिनों से कम रहे, जिससे लोगों को बस का अधिक इंतजार करना पड़ा. बिहार मोटर स्टेट ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के महासचिव राजकुमार झा ने बताया कि नगर सेवा के 365 में से केेवल 36 बसें चलीं.

डाकबंगला पर हुई धरना-सभा, तीन घंटे बाधित रहा ट्रैफिक : डाकबंगला चौराहा पर ट्रेड यूनियन नेताओं ने सभा की जो दोपहर 2.5 बजे तक जारी रही. इसके कारण पटना जंक्शन-गांधी मैदान और बेली रोड से गांधी मैदान जाने का मार्ग तीन घंटे तक अवरुद्ध रहा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साथ-साथ बाइक और अपने निजी चारपहिया वाहनों से जाने वाले लोग भी प्रभावित रहे. दोपहर तीन बजे के बाद ही यातायात सामान्य हो सका.

हड़ताल से काम-काज ठप

पटना : केंद्रीय कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन (9 जनवरी) को भी जारी रही. राज्य में मौजूद सभी केंद्रीय कार्यालयों में कर्मचारियों ने कामकाज को ठप किये रखा और कई स्थानों पर कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना दिया. शहर के आयकर गोलंबर पर स्थित आयकर भवन के मुख्य गेट पर केंद्रीय कर्मचारी महासंघ समेत अन्य कर्मचारी संगठनों ने धरना दिया और केंद्र सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की. इस दौरान आयकर विभाग, कस्टम विभाग, जीएसटी समेत अन्य सभी विभागों में कामकाज ठप रहा.
10 सूत्री मांग

नयी पेंशन नीति को समाप्त कर पुरानी नीति लागू करना, सातवां वेतन आयोग की विसंगति को दूर करना, खाली पदों को भरना, ग्रामीण डाक सेवकों को सभी सुविधाएं देना, क्षेत्रीय कर्मचारियों को केंद्रीय सचिवालय कर्मियों के समान वेतन देना, आउट सोर्सिंग बंद हो, सातवां वेतनमान के तहत पेंशन और वोनस का लाभ देना, अनुकंपा से पांच फीसदी बहाली, ग्रुप सी और बी कर्मियों को पांच प्रोन्नति देना और ट्रेड यूनियनों पर हमला बंद कराना शामिल है.
प्रदेश में वाम दलों के बंद का रहा मिलाजुला असर

प्रदेश में बुधवार को वाम दलों के बंद का मिलाजुला असर रहा. मजदूर संगठनों की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन छह वाम दलों में माकपा, भाकपा, भाकपा माले, एसयूसीआई (कम्युनिस्ट), आरएसपी और फारवर्ड ब्लॉक शामिल हुए. कई क्षेत्रों में सड़क जाम और ट्रेनों के रोकने से आवागमन प्रभावित हुआ. कई स्कूल-कॉलेज और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे. भाकपा समर्थकों के प्रदर्शन से शेखपुरा और लखीसराय में ट्रेन परिचालन बाधित हुआ. समर्थकों ने जहानाबाद में इंटरसिटी एक्सप्रेस को रोककर गया-पटना रेलखंड पर यातायात बाधित कर दिया.

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